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जयपुर के SMS हॉस्पिटल में नौकरी के पहले दिन ही धरने पर बैठे 50 कर्मचारी

जयपुर के SMS हॉस्पिटल में नौकरी के पहले दिन ही धरने पर बैठे 50 कर्मचारी जिस भर्ती के जरिए इन कर्मचारियों को सरकारी नौकरी मिली है, उसका पैमाना भी काफी बड़ा था। कर्मचारी चयन बोर्ड ने साल 2025 में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के…

Hindustan के अनुसार3 सितंबर 2026 को 04:33 pm बजे
जयपुर के SMS हॉस्पिटल में नौकरी के पहले दिन ही धरने पर बैठे 50 कर्मचारी

सौजन्य से:- Hindustan

जयपुर के SMS हॉस्पिटल में नौकरी के पहले दिन ही धरने पर बैठे 50 कर्मचारी

जिस भर्ती के जरिए इन कर्मचारियों को सरकारी नौकरी मिली है, उसका पैमाना भी काफी बड़ा था। कर्मचारी चयन बोर्ड ने साल 2025 में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के 53,749 पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा आयोजित की थी। इन पदों के लिए करीब 24.75 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था।

सरकारी नौकरी लगने की खुशी अभी ठीक से मनाई भी नहीं थी कि पहले ही दिन काम को लेकर विवाद खड़ा हो गया। जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) हॉस्पिटल में गुरुवार को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों ने वार्ड बॉय का काम करने से इनकार कर दिया। करीब 50 से ज्यादा कर्मचारी सुबह 10:30 बजे हॉस्पिटल के पोर्च में पहुंचे और धरने पर बैठ गए। करीब डेढ़ घंटे तक चले इस प्रदर्शन से हॉस्पिटल प्रशासन में भी हलचल मच गई।

दरअसल, सरकार की ओर से हाल ही में नियुक्त किए गए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की पहली पोस्टिंग SMS हॉस्पिटल में की गई है। कुल 150 कर्मचारियों को यहां तैनात किया गया। हॉस्पिटल प्रशासन ने जरूरत के अनुसार कर्मचारियों को अलग-अलग सेक्शन में काम सौंपा। इनमें से करीब 50 कर्मचारियों को वार्ड बॉय की जिम्मेदारी दी गई।

काम मिला तो कर्मचारियों ने उठाया जॉब चार्ट का मुद्दा

वार्ड बॉय का काम मिलने के बाद कर्मचारियों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। उनका कहना था कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के जॉब चार्ट में वार्ड बॉय का काम स्पष्ट रूप से शामिल नहीं है। ऐसे में जॉब चार्ट से अलग जिम्मेदारी नहीं दी जा सकती।

कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने सरकारी भर्ती चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद के लिए पास की है। यदि उन्हें उनकी निर्धारित जिम्मेदारियों से अलग काम कराया जाएगा तो वे इसे स्वीकार नहीं करेंगे। इसी मांग को लेकर करीब 50 कर्मचारी हॉस्पिटल परिसर के पोर्च में धरने पर बैठ गए।

कर्मचारियों ने करीब डेढ़ घंटे तक प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि पहले उन्हें यह स्पष्ट किया जाए कि वार्ड बॉय की ड्यूटी किस नियम के तहत उन्हें सौंपी गई है।

अधीक्षक बोले- नियमों में वार्ड बॉय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का काम एक ही

विवाद पर SMS हॉस्पिटल अधीक्षक डॉ. मृणाल जोशी ने कर्मचारियों के दावे को खारिज किया। उन्होंने कहा कि डिपार्टमेंट ऑफ मेडिकल हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर की जॉब रिस्पॉन्सिबिलिटी गाइडलाइन के सेक्शन-C में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी और वार्ड बॉय की जिम्मेदारियों को लेकर स्पष्ट प्रावधान है।

डॉ. जोशी के मुताबिक, गाइडलाइन में वार्ड बॉय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का काम एक ही बताया गया है। इसी नियम के आधार पर कर्मचारियों को वर्क अलॉटमेंट किया गया है। उन्होंने विरोध कर रहे कर्मचारियों को संबंधित नियमों की कॉपी भी उपलब्ध कराई है।

अधीक्षक का कहना है कि कर्मचारियों को नियमों के अनुसार ही जिम्मेदारी दी गई है और इसमें किसी तरह का अतिरिक्त या नियमों से बाहर का काम नहीं सौंपा गया।

53,749 पदों पर हुई थी भर्ती, 24.75 लाख अभ्यर्थियों ने किया था आवेदन

जिस भर्ती के जरिए इन कर्मचारियों को सरकारी नौकरी मिली है, उसका पैमाना भी काफी बड़ा था। कर्मचारी चयन बोर्ड ने साल 2025 में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के 53,749 पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा आयोजित की थी। इन पदों के लिए करीब 24.75 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था।

इस भर्ती परीक्षा में केवल 10वीं और 12वीं पास अभ्यर्थी ही नहीं, बल्कि बड़ी संख्या में ग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट, बीटेक और दूसरी उच्च डिग्री रखने वाले युवाओं ने भी हिस्सा लिया था। चयन के बाद अब इन्हें प्रदेश के अलग-अलग सरकारी विभागों और संस्थानों में पोस्टिंग दी जा रही है।

SMS हॉस्पिटल में पोस्टिंग पाने वाले कर्मचारियों के लिए भी गुरुवार नौकरी का पहला दिन था। लेकिन काम शुरू करने के बजाय करीब 50 कर्मचारी अपनी ड्यूटी को लेकर धरने पर बैठ गए। अब कर्मचारियों और हॉस्पिटल प्रशासन के बीच जॉब चार्ट और सरकारी गाइडलाइन को लेकर उठे इस विवाद के बाद आगे की स्थिति पर नजर रहेगी।

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