BJP का मेगा प्लान: बड़े शहरों में CM भजनलाल के रोड शो बदलेंगे हवा, केंद्रीय नेताओं की फौज उतरेगी मैदान में, जयपुर में 12 घंटे मंथन करेंगे बीएल संतोष
BJP का मेगा प्लान: बड़े शहरों में CM भजनलाल के रोड शो बदलेंगे हवा, केंद्रीय नेताओं की फौज उतरेगी मैदान में, जयपुर में 12 घंटे मंथन करेंगे बीएल संतोष नगर निकाय चुनाव को लेकर उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी और प्रेमचंद बैरवा के…

सौजन्य से:- etvbharat.com
BJP का मेगा प्लान: बड़े शहरों में CM भजनलाल के रोड शो बदलेंगे हवा, केंद्रीय नेताओं की फौज उतरेगी मैदान में, जयपुर में 12 घंटे मंथन करेंगे बीएल संतोष
नगर निकाय चुनाव को लेकर उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी और प्रेमचंद बैरवा के भी दौरे तय हो रहे हैं. बीएल संतोष भी अहम बैठक करेंगे...
Published : September 3, 2026 at 5:16 PM IST
जयपुर: निकाय चुनाव को लेकर बीजेपी ने चुनावी रणनीति को पूरी तरह आक्रामक मोड में ला दिया है. शहरी निकायों में जीत के लिए प्रदेश संगठन से लेकर केंद्रीय नेतृत्व तक के नेताओं को मैदान में उतारने की तैयारी है. इसी कड़ी में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रदेश के सभी नगर निगम क्षेत्रों में रोड शो तय किए जा रहे हैं. संगठन स्तर पर कार्यक्रम तैयार हो रहा है. पार्टी का मानना है कि मुख्यमंत्री का एक रोड शो कई वार्डों में एक साथ माहौल प्रभावित कर सकता है.
प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बगड़ी ने बड़े नेताओं के प्रवास और जिम्मेदारियों की जानकारी दी. दिल्ली से आए निकाय चुनाव प्रभारी हरीश द्विवेदी, सह प्रभारी रविंद्र इंद्राज, गजेंद्र सिंह पटेल, रोहन गुप्ता, चंद्रशेखर बावनकुले और संगीता यादव समेत केंद्रीय नेतृत्व से जुड़े नेता और प्रदेश के मंत्री व वरिष्ठ पदाधिकारियों के लगातार दौरे तय हो गए हैं. इन्हें अलग-अलग निकायों में संगठनात्मक बैठकें, जनसभाएं और कार्यकर्ताओं से संवाद की जिम्मेदारी दी जा रही है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के दौरे तय हो रहे हैं.
केंद्रीय नेताओं की निकायवार तैनाती: बीजेपी ने चुनाव को केवल स्थानीय नेताओं के भरोसे छोड़ने के बजाय केंद्रीय और राष्ट्रीय स्तर से जुड़े नेताओं को भी प्रचार में उतारने की रणनीति बनाई है. राष्ट्रीय संगठन महामंत्री सतीश पूनिया, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के अलावा केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, अर्जुन राम मेघवाल, भागीरथ चौधरी और भूपेंद्र यादव को भी अलग-अलग निकायों में प्रचार की जिम्मेदारी देने की तैयारी है. दिल्ली से पहुंच रहे नेता लगातार क्षेत्रों में जाकर संगठन की नब्ज टटोल रहे हैं. जनसभाओं के साथ कार्यकर्ताओं की बैठकें कर स्थानीय समीकरणों, प्रत्याशियों की स्थिति और चुनावी माहौल का फीडबैक ले रहे हैं. कोशिश है कि प्रदेश मुख्यालय से बनने वाली रणनीति में स्थानीय स्थिति को भी शामिल किया जाए.
CM के रोड शो पर सबसे ज्यादा फोकस: इस अभियान में मुख्यमंत्री के रोड शो को सबसे बड़ा हथियार माना जा रहा है. नगर निगम वाले क्षेत्रों में रोड शो कराने की तैयारी है. एक साथ कई वार्डों को कवर करने की रणनीति है. आकलन है कि मौजूदगी से कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ेगा और सरकार की योजनाओं एवं उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने का मौका मिलेगा. रोड शो के दौरान स्थानीय प्रत्याशियों के समर्थन में माहौल बनाने के साथ सरकार के कामकाज को चुनावी मुद्दा बनाया जाएगा. श्रवण सिंह बगड़ी ने दावा किया है कि सभी 309 निकायों में मजबूत स्थिति में है, आने वाले समय में मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष से लेकर दिल्ली से आए केंद्रीय नेता, पदाधिकारी, केंद्रीय मंत्री और प्रदेश सरकार के मंत्री आवश्यकता अनुसार प्रचार करेंगे. प्रदेश की भजनलाल सरकार ने ढाई साल में जो काम किया है उसके आधार पर जनता के बीच जा रहे हैं, जनता का समर्थन भाजपा के साथ है.
डिप्टी सीएम भी संभालेंगे मोर्चा: मुख्यमंत्री के साथ उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी और प्रेमचंद बैरवा के भी दौरे तय हो रहे हैं, यानी अभियान केवल बैठकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सरकार के प्रमुख चेहरों को सीधे मैदान में उतारकर वोटरों तक पहुंच बनाने की रणनीति है. पार्टी अब 'डबल इंजन सरकार' से आगे 'ट्रिपल इंजन' फॉर्मूले को जनता के बीच ले जाने की तैयारी में है. केंद्र और राज्य के साथ स्थानीय निकाय में भी बीजेपी सरकार बनाने की अपील होगी. संदेश रहेगा कि केंद्र-राज्य के बाद निकाय में भी बोर्ड बनने से विकास को गति मिलेगी.
जयपुर में 12 घंटे मंथन करेंगे बीएल संतोष, निकाय से 2028 तक की रणनीति पर बनेगी दिशा : राजस्थान बीजेपी के संगठन और आगामी चुनावी रणनीति के लिहाज से 4 सितंबर का दिन बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है. बीजेपी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष शुक्रवार को जयपुर पहुंचेंगे और प्रदेश संगठन के शीर्ष नेताओं के साथ करीब 12 घंटे तक अलग-अलग बैठकों में मंथन करेंगे. संतोष सुबह करीब 9 बजे बीजेपी प्रदेश मुख्यालय पहुंचेंगे और रात करीब 9 बजे जयपुर से रवाना होंगे. उनके लंबे प्रवास और बैठकों के कार्यक्रम को राजस्थान को लेकर केंद्रीय नेतृत्व की गंभीरता और संगठन की जमीनी स्थिति पर उसकी सीधी नजर के तौर पर देखा जा रहा है. बीएल संतोष का ये दौरा सत्ता और संगठन के ऑर्गनाइजेशनल हेल्थ चेक के हिसाब से है.
निकाय चुनाव के बीच केंद्रीय नेतृत्व की सीधी एंट्री : बीएल संतोष का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब राजस्थान में शहरी निकाय चुनाव का माहौल पूरी तरह गर्म है और इसके बाद पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव भी सामने हैं. ऐसे में राष्ट्रीय संगठन महामंत्री का प्रदेश कार्यालय में लंबा समय देना केवल चुनावी समीक्षा तक सीमित नहीं माना जा रहा. पार्टी के भीतर इसे संगठन की कार्यप्रणाली, चुनावी तैयारियों और सरकार-संगठन के बीच तालमेल की व्यापक समीक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है. राजस्थान में बीजेपी के सामने फिलहाल सबसे तत्काल चुनौती शहरी निकाय चुनाव है.
टिकट वितरण के बाद कई जगहों पर असंतोष, स्थानीय समीकरण और बागी तेवर भी सामने आए हैं. ऐसे में संतोष की बैठक में चुनावी अभियान की वास्तविक स्थिति का फीडबैक अहम रहने वाला है. बूथ स्तर तक संगठन की सक्रियता, प्रत्याशियों के पक्ष में कार्यकर्ताओं की लामबंदी, स्थानीय नेताओं के बीच समन्वय और जिन क्षेत्रों में पार्टी को असंतोष का सामना करना पड़ रहा है, उन सभी मुद्दों पर रिपोर्ट ली जा सकती है. खास बात यह होगी कि प्रदेश नेतृत्व की रिपोर्ट के साथ जमीनी फीडबैक को भी तवज्जो मिलने की संभावना है. बीजेपी के लिए निकाय चुनाव स्थानीय सत्ता का चुनाव होने के साथ संगठन की क्षमता का परीक्षण भी है. इसलिए चुनाव में प्रदर्शन को आने वाले समय के लिए एक राजनीतिक संकेतक के तौर पर देखा जा रहा है.
2028 की तैयारी अभी से क्यों ? : राजस्थान में विधानसभा चुनाव 2028 में प्रस्तावित हैं, लेकिन बीजेपी का संगठनात्मक मॉडल चुनाव की घोषणा का इंतजार करने के बजाय लगातार चुनावी तैयारी पर जोर देता रहा है. ऐसे में निकाय और पंचायतीराज चुनावों को पार्टी विधानसभा चुनाव से पहले संगठन की ताकत परखने के अवसर के तौर पर देख सकती है. खास तौर पर निकाय चुनाव के नतीजों से विधानसभा क्षेत्रों में संगठन की स्थिति का आकलन किया जा सकता है. जिन विधानसभा क्षेत्रों में बीजेपी के विधायक या मंत्री हैं, वहां पार्टी का प्रदर्शन कैसा रहता है, यह भी केंद्रीय नेतृत्व के लिए महत्वपूर्ण फीडबैक होगा.
राजस्थान को लेकर केंद्र की बढ़ी निगरानी का संकेत : बीएल संतोष का भाजपा मुख्यालय पर करीब 12 घंटे जयपुर में रहना और प्रदेश के प्रमुख नेताओं के साथ अलग-अलग बैठकें करना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि केंद्रीय नेतृत्व राजस्थान के संगठन को लेकर लगातार मॉनिटरिंग कर रहा है. बीजेपी के लिए राजस्थान उन राज्यों में है, जहां सत्ता में रहते हुए संगठन को लगातार सक्रिय बनाए रखना पार्टी की प्राथमिकता है. संतोष की बैठकों का असर तत्काल निकाय चुनाव के प्रबंधन से लेकर आगे पंचायत चुनाव और संगठनात्मक नियुक्तियों तक दिखाई दे सकता है. केंद्रीय नेतृत्व यह संदेश भी दे सकता है कि चुनाव केवल सरकार के भरोसे नहीं, बल्कि मजबूत संगठन और सक्रिय कार्यकर्ताओं के दम पर लड़ा जाएगा. इसका सबसे बड़ा राजनीतिक असर यह हो सकता है कि राजस्थान बीजेपी में चुनावी मोड और तेज हो तथा निकाय चुनाव के नतीजों को 2028 की बड़ी राजनीतिक तस्वीर से जोड़कर देखा जाए.
बीएल संतोष का ऑर्गनाइजेशनल हेल्थ चेक :
- 4 सितंबर को जयपुर पहुंचेंगे बीएल संतोष, करीब 12 घंटे चलेगा बैठकों का दौर.
- निकाय चुनाव से पंचायतीराज तक-राजस्थान BJP की चुनावी रणनीति पर होगा मंथन.
- केंद्रीय नेतृत्व की राजस्थान पर सीधी नजर, संगठन की जमीनी स्थिति का लेंगे फीडबैक.
- टिकट के बाद नाराजगी और गुटबाजी पर भी रिपोर्ट, डैमेज कंट्रोल की होगी समीक्षा.
- मुख्यमंत्री भजनलाल, मदन राठौड़ और अजेय कुमार से अलग-अलग बैठक, सरकार-संगठन तालमेल पर चर्चा.
- मंत्रियों-विधायकों के कामकाज का भी फीडबैक, विधानसभा क्षेत्रों में प्रदर्शन पर नजर.
- निकाय चुनाव बनेगा संगठन की ताकत का टेस्ट, पंचायतीराज चुनाव के लिए अभी से बनेगी रणनीति.
- 2028 की तैयारी का भी रोडमैप! निकाय-पंचायत चुनाव के जरिए BJP परखेगी जमीनी पकड़.
Powered by Reporting Rajasthan Files
संबंधित ख़बरें

जयपुर के इस कुल्फी वाले में ऐसा क्या है जो लोग इसे दे रहे हैं इंटरनेट का सबसे प्यारा इंसान होने का खिताब?

जोधपुर नगर निगम चुनाव में पार्षद बनने की कशमकश...वजह-इस सीढ़ी से शुरू सफर सीएम, मंत्री एवं एमएएल की कुर्सी तक पहुंचा

अजमेर शरीफ जा रही बस गया में दुर्घटनाग्रस्त, आगे बढ़ती तो गोखुला पुल में गिर जाते 59 जायरीन, ऐसे टला बड़ा हादसा - ajmer sharif pilgrims bus accident in gaya bihar 35 injured


