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Rajasthan Tourism : 4 साल में 133 फीसदी बढ़े राजस्थान आने वाले सैलानी, 100 घरेलू ओवरनाइट यात्राओं में 8 का ठिकाना धरती धोरा री

Rajasthan Tourism : 4 साल में 133 फीसदी बढ़े राजस्थान आने वाले सैलानी, 100 घरेलू ओवरनाइट यात्राओं में 8 का ठिकाना धरती धोरा री 2025 में राजस्थान पहुंचे 25.25 करोड़ घरेलू पर्यटक. चार साल में संख्या 133% बढ़ी. Published :…

ETV Bharat के अनुसार29 सितंबर 2026 को 09:04 am बजे
Rajasthan Tourism : 4 साल में 133 फीसदी बढ़े राजस्थान आने वाले सैलानी, 100 घरेलू ओवरनाइट यात्राओं में 8 का ठिकाना धरती धोरा री

सौजन्य से:- ETV Bharat

Rajasthan Tourism : 4 साल में 133 फीसदी बढ़े राजस्थान आने वाले सैलानी, 100 घरेलू ओवरनाइट यात्राओं में 8 का ठिकाना धरती धोरा री

2025 में राजस्थान पहुंचे 25.25 करोड़ घरेलू पर्यटक. चार साल में संख्या 133% बढ़ी.

Published : September 29, 2026 at 2:11 PM IST

जयपुर: राजस्थान घूमने के लिए देशभर के लोगों की पसंद लगातार बढ़ रही है. देश में घर से बाहर कम से कम एक रात रुकने वाली हर 100 घरेलू यात्राओं में करीब 8 यात्राओं का गंतव्य राजस्थान है. राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) के जुलाई 2025 से जून 2026 के घरेलू पर्यटन खर्च सर्वे में यह जानकारी सामने आई है.

ओवरनाइट घरेलू यात्राओं के मामले में राजस्थान देश में तीसरे स्थान पर है. उत्तर प्रदेश 15.7 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ पहले और तमिलनाडु 13.4 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर है. राजस्थान की हिस्सेदारी 8 प्रतिशत है.

राजस्थान में 25 करोड़ से ज्यादा घरेलू पर्यटक : पर्यटन मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2025 में राजस्थान में 25.25 करोड़ घरेलू पर्यटक पहुंचे. यह संख्या 2024 के मुकाबले 9.7 फीसदी ज्यादा है. अगर पिछले चार साल के आंकड़ों को देखें, तो राजस्थान में घरेलू पर्यटन तेजी से बढ़ा है. साल 2022 में 10.83 करोड़ घरेलू पर्यटक राजस्थान आए थे. 2023 में यह संख्या 17.91 करोड़, 2024 में 23.01 करोड़ और 2025 में 25.25 करोड़ हो गई, यानी चार साल में राजस्थान आने वाले घरेलू पर्यटकों की संख्या करीब 133 फीसदी बढ़ी है.

धार्मिक यात्रा सबसे ज्यादा : देश में होने वाली ओवरनाइट घरेलू यात्राओं में सबसे बड़ा हिस्सा धार्मिक और तीर्थ यात्राओं का है. कुल यात्राओं में 47.7 फीसदी यात्राएं धार्मिक और तीर्थयात्रा के लिए हुईं. इसके बाद 29.6% यात्राएं इलाज और स्वास्थ्य से जुड़ी रहीं. 22.1% लोग छुट्टियां और मनोरंजन के लिए यात्रा पर निकले, जबकि 0.6% यात्राएं शॉपिंग के लिए हुईं. राजस्थान के लिए यह आंकड़ा खास है, क्योंकि प्रदेश में धार्मिक स्थलों के साथ ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और एडवेंचर टूरिज्म के भी कई विकल्प मौजूद हैं.

युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक धार्मिक यात्रा की पसंद : उम्र के हिसाब से देखें तो धार्मिक पर्यटन का रुझान लगभग हर आयु वर्ग में दिखाई देता है. 15 से 24 साल के युवाओं की 45.3% यात्राएं धार्मिक और तीर्थ स्थलों के लिए थीं. वहीं, 25 से 59 साल की उम्र के लोगों में धार्मिक यात्राओं की हिस्सेदारी 50.7% रही.

60 साल से ज्यादा उम्र के लोगों में धार्मिक यात्रा के साथ मेडिकल टूरिज्म का रुझान भी काफी ज्यादा दिखाई दिया. इस आयु वर्ग की 32.3% यात्राएं इलाज और स्वास्थ्य से जुड़ी थीं. वहीं, 14 साल तक के बच्चों से जुड़ी यात्राओं में धार्मिक यात्राओं की हिस्सेदारी 50.3% रही.

ज्यादातर लोग 2 से 3 रात रुकते हैं : घरेलू पर्यटकों की यात्रा कितने दिन की होती है, इसका भी सर्वे में आंकड़ा सामने आया है. सबसे ज्यादा 40.6% यात्राएं 2 से 3 रात की होती हैं. 23.6% यात्राएं सिर्फ एक रात की थीं, जबकि 16.9% यात्राएं 4 से 5 रात की रहीं. 6 से 7 रात की यात्राओं की हिस्सेदारी 7.3% और 8 से 9 रात की 2.8% रही. वहीं, 10 रात या उससे ज्यादा रुकने वाली यात्राएं 8.8% रहीं. यानी बड़ी संख्या में घरेलू पर्यटक छोटी अवधि की यात्राएं करना पसंद कर रहे हैं.

इलाज के लिए निकलने वाले पर्यटक सबसे ज्यादा खर्च करते हैं : पर्यटन के अलग-अलग कारणों से होने वाली यात्राओं में खर्च का अंतर भी काफी बड़ा है. मेडिकल टूरिज्म में एक यात्रा पर औसत खर्च 32,167 रुपए रहा. इसके मुकाबले शॉपिंग के लिए यात्रा करने वालों का औसत खर्च 18,981 रुपए, मनोरंजन और छुट्टियों में 11,723 रुपए और धार्मिक-तीर्थ यात्रा में 7,694 रुपए रहा. ठहरने पर भी मेडिकल टूरिज्म में सबसे ज्यादा खर्च हुआ. मेडिकल यात्रा में ठहरने का औसत खर्च 3,471 रुपए रहा. मनोरंजन और अवकाश में यह 1,759 रुपए, शॉपिंग में 1,162 रुपए और धार्मिक यात्रा में 1,020 रुपए रहा.

अक्टूबर से शुरू होने वाले पर्यटन सीजन से उम्मीद : पर्यटन विशेषज्ञ संजय कौशिक का कहना है कि आंकड़े राजस्थान के लिए उत्साह बढ़ाने वाले हैं. घरेलू पर्यटकों में हर 100 में से करीब 8 पर्यटक राजस्थान को अपना गंतव्य बना रहे हैं. पिछले साल प्रदेश में 25 करोड़ से ज्यादा घरेलू पर्यटक पहुंचे थे. उन्होंने कहा कि 1 अक्टूबर से शुरू होने वाले पर्यटन सीजन को लेकर पर्यटन कारोबारियों को काफी उम्मीदें हैं. मौसम ठंडा होने के साथ त्योहारी सीजन और छुट्टियां भी शुरू होंगी. ऐसे में लोगों के घूमने के लिए निकलने की संभावना बढ़ेगी.

संजय कौशिक के मुताबिक, धार्मिक पर्यटन में बढ़ता रुझान राजस्थान के लिए खास तौर पर महत्वपूर्ण है. राजस्थान में धार्मिक पर्यटन के साथ ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और एडवेंचर टूरिज्म की भी मजबूत संभावनाएं हैं. उन्होंने कहा कि पर्यटकों की बढ़ती संख्या का सीधा असर पर्यटन कारोबार के साथ प्रदेश की अर्थव्यवस्था और रोजगार पर भी पड़ सकता है. पर्यटन कारोबारियों को उम्मीद है कि सरकार इस क्षेत्र में सुविधाओं और बुनियादी ढांचे को और मजबूत करेगी.

एक नजर में बड़े आंकड़े :

- राजस्थान की ओवरनाइट घरेलू यात्राओं में हिस्सेदारी - 8%

- देश में राजस्थान का स्थान - तीसरा

- 2025 में घरेलू पर्यटक - 25.25 करोड़

- 2024 के मुकाबले बढ़ोतरी - 9.7%

- 2022 से 2025 के बीच बढ़ोतरी - करीब 133%

चार साल में घरेलू पर्यटकों की संख्या 133% बढ़ी :

- 2022 - 10.83 करोड़

- 2023 - 17.91 करोड़

- 2024 - 23.01 करोड़

- 2025 - 25.25 करोड़

इस तरफ है यात्रियों का रुझान :

- धार्मिक और तीर्थ यात्राएं - 47.7%

- मेडिकल यात्राएं - 29.6%

- मनोरंजन और छुट्टियां - 22.1%

- शॉपिंग - 0.6%

- सबसे ज्यादा 2-3 रात की यात्राएं - 40.6%

खर्च के लिहाज से यात्राएं :

- मेडिकल यात्रा का औसत खर्च - 32,167 रुपए

- धार्मिक यात्रा का औसत खर्च - 7,694 रुपए

- मनोरंजन के लिए यात्रा का औसत खर्च - 11,723 रुपए

- शॉपिंग के लिए यात्रा का औसत खर्च - 18,981 रुपए

(Source - NSO)

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