NRI कोटा: विदेश में रहने का पुराना नियम, शादी करने के बाद भी मायने रखता है
NRI कोटे के तहत MBBS में एडमिशन लेने के लिए छात्रों के परिवार में विदेश में रहने वाले रिश्तेदार की भूमिका महत्वपूर्ण है।

सौजन्य से:- Aaj Tak News
Sign In
Advertisement
X
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने कुछ दिन पहले री-नीट का रिजल्ट जारी कर दिया है. 20 लाख से अधिक छात्रों ने परीक्षा में हिस्सा लिया था जिसमें से 11 लाख से ज्यादा छात्रों ने परीक्षा में सफलता हासिल की है. परीक्षा में पास हुए छात्र MBBS में एडमिशन का इंतजार कर रहे हैं. माना जा रहा है कि जल्द ही MBBS व BDS में एडमिशन के लिए ऑल इंडिया व स्टेट कोटा काउंसलिंग शुरू हो जाएंगी, जिसमें नीट के स्कोर के आधार पर सफल कैंडिडेट्स को सरकारी और प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में MBBS की सीटें आवंटित होंगी.
लेकिन वहीं पर कई ऐसे छात्र हैं, जिनका स्कोर बेहद कम है लेकिन फिर भी वह MBBS में एडमिशन ले सकते हैं. इसके लिए नॉन रेजिडेंट इंडियन (NRI) कोटे से आवेदन किया जा सकता है. इसके लिए कैंडिडेडेट्स के दूसरे रिश्तेदार विदेश में होने चाहिए. तो चलिए जानते हैं कि कैसे NRI कोटे से नीट में एडमिशन लिया जा सकता है.
कैसे ले सकते हैं एडमिशन?
बता दें कि शैक्षणिक सत्र 2026-2027 में MBBS की सीटों में एडमिशन के लिए NRI कोटे के तहत आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के लिए सुप्रीम कोर्ट ने बदलाव किया है, जिसके तहत NRI कोटे के जरिए MBBS की आरक्षित सीटों के लिए नए पात्रता मानदंड तय किए हैं. ऐसे में इस कोटे से केवल वहीं उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं-
- अगर कैंडिडेट्स के माता या पिता NRI हैं और वह विदेश में रहते हैं.
- अगर कैंडिडेट्स का कोई करीबी रिश्तेदार (first-degree relation) NRI है और आम तौर पर विदेश में रहता है.
- कैंडिडेट्स का सबसे करीबी रिश्तेदार विदेश में रहता हो. करीबी रिश्तेदार में खून के रिश्ते वाले इन रिश्तेदारों को शामिल किया है.
- कैंडिडेट्स के चाचा/ताऊ और बुआ विदेश में रहते हों.
- कैंडिडेट्स के मामा या मौसी विदेश में रहते हों.
- कैंडिडेट्स के दादा और दादी विदेश में रहते हों.
- कैंडिडेट्स के नाना और नानी विदेश में रहते हों.
- कैंडिडेट्स के पिता और मां की तरफ के चचेरे/ममेरे/फुफेरे/मौसेरे भाई-बहन विदेश में रहते हों.
- कैंडिडेट्स खुद NRI हो.
- उम्मीदवार की परवरिश किसी ऐसे व्यक्ति ने की हो, जो विदेश में रहता हो.
क्या होता है सिस्टम?
Advertisement
MCC के नियमों के अनुसार, NRI कोटा की सीटें एक तय प्राथमिकता के आधार पर दी जाती हैं. सबसे पहले NRI उम्मीदवारों और उनके बच्चों को मौका मिलता है. अगर सीटें बचती हैं, तो इसके बाद NRI के करीबी रिश्तेदार, जैसे भाई-बहन, भतीजा-भतीजी और पोता-पोती आवेदन कर सकते हैं. यानी सीटों का आवंटन इसी प्राथमिकता क्रम के अनुसार किया जाता है.
साथ लाने होंगे ये डॉक्यूमेंट
उम्मीदवार को यह भी ध्यान रखना होगा कि कॉलेज में रिपोर्टिंग के दौरान सभी ओरिजिनल डॉक्यूमेंट्स, जैसे NRI सर्टिफिकेट, रिश्तेदारी का सबूत, NEET स्कोर कार्ड और अम्बेसी से मिला एफिडेविट, सही फॉर्म में जमा करना जरूरी है. अगर इस दौरान किसी छात्र के डॉक्यूमेंट में कमी पाई जाती है, तो सीट कैंसिल की जा सकती है. इसके अलावा, एक एफिडेविट भी जरूरी है जिसमें यह लिखा हो कि गार्जियन पूरे कोर्स की फीस भरने के लिए जिम्मेदार होगा.
---- समाप्त ----
Advertisement
Powered by Reporting Rajasthan Files
संबंधित ख़बरें

राजस्थान में UCC के लागू होने से पहले आदिवासी समुदायों को विशेष छूट देने की मांग

जोधपुर में 4 दिन आंधी- बारिश का अलर्ट: 24 घंटे में 1.75 इंच पानी बरसा, जुलाई में 45 फीसदी कम हुई बरसात - Jodhpur News

शिक्षा मंत्रालय ने राजस्थान में निजी स्कूलों की मान्यता प्रक्रिया की समीक्षा की


