होमधर्म-आस्थाआनासागर झील की दुर्दशा पर भाजपा का जवाबी अभियान क्या है?
धर्म-आस्था

आनासागर झील की दुर्दशा पर भाजपा का जवाबी अभियान क्या है?

कांग्रेस के अजमेर बंद के जवाब में भाजपा ने आनासागर झील में सफाई अभियान शुरू किया है, जिसका उद्देश्य झील की दुर्दशा को पूर्णतः साफ करना है। सूत्र: अजमेर आज

ETV Bharat के अनुसार22 जुलाई 2026 को 04:02 am बजे
आनासागर झील की दुर्दशा पर भाजपा का जवाबी अभियान क्या है?

सौजन्य से:- ETV Bharat

आनासागर झील की दुर्दशा पर राजनीति: कांग्रेस के अजमेर बंद के जवाब में बीजेपी का सफाई अभियान

भाजपा शहर अध्यक्ष ने कहा कि झील में मछलियों के मरने का बड़ा कारण कांग्रेस शासन में झील के चारों ओर पाथ–वे का निर्माण है.

Published : July 21, 2026 at 6:00 PM IST

अजमेर: आनासागर झील राजनीति का अखाड़ा बन गई है. कांग्रेस और भाजपा झील की दुर्दशा को लेकर एक–दूसरे के मत्थे ठीकरा फोड़ रही है. कांग्रेस झील की दुर्दशा के विरोध में पहले ही 23 जुलाई को अजमेर बंद का ऐलान कर चुकी है. वहीं बीजेपी ने 22 से 24 जुलाई तक झील में सफाई अभियान की घोषणा की है. बीजेपी झील में हुई लाखों मछलियों की मौत को मानसून की देरी से उत्पन्न झील में पारिस्थिति तंत्र को जिम्मेदार मान रही है. वैशाली नगर स्थित एक होटल में शहर भाजपा अध्यक्ष रमेश सोनी ने आनासागर झील में सफाई अभियान को लेकर मंगलवार को प्रेसवार्ता कर जानकारी दी.

झील की सफाई के लिए अभियान: सोनी ने बताया कि मानसून की देरी के कारण झील का पारिस्थितिक तंत्र बिगड़ा जिस कारण से झील में मछलियों की मौत हुई है. साथ ही झील में कचरा भी आया. झील में मरी हुई मछलियों और कचरे को निकालने के लिए नगर निगम पिछले 8 दिन से प्रयास कर रहा है. सोनी ने बताया कि वंदे गंगा अभियान के तहत गत वर्ष भी भाजपा ने झील की सफाई के लिए अभियान चलाया था. इस बार सकल राष्ट्रभक्ति अजमेर के बैनर तले सफाई का अभियान शुरू किया है. 22 जुलाई को सुबह 6 बजे आनासागर झील चौपाटी से सफाई अभियान की शुरुआत होगी. अभियान में भाजपा जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता एवं पदाधिकारियों के अलावा विभिन्न वर्गों से जुड़े लोग भी शामिल होंग. उन्होंने कहा कि इतने बड़ी झील की सफाई हम नहीं कर पाएंगे, लेकिन यह आमजन के लिए प्रेरणादायक अभियान है.

पढ़ें: आनासागर झील में रोज मर रहीं लाखों मछलियां, गंदे नालों से पानी हुआ दूषित, 23 को अजमेर बंद का ऐलान

'सरकार ने किए है यह प्रवधान': सोनी ने कहा कि झील में आने वाले नालों के गंदे और दूषित जल को रोकने के लिए 20 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है. नालों और सीवरेज को एसटीपी तक ले जाने की व्यवस्था की गई. इस बीच कई जगहों पर पंप स्थापित किए जाएंगे. 13 एमएलडी की एसटीपी पहले से है. इसके अतिरिक्त 7 एमएलडी की एसटीपी अलग से तैयार हो चुकी है. उन्होंने कहा कि यह सभी योजना झील के जल को दूषित होने से बचाने के लिए है. झील की डिसेल्टिंग के लिए 78 करोड़ का प्रावधान किया गया था. लेकिन कांग्रेस के ही एक पदाधिकारी ने कोर्ट में विवाद दायर किया है. सोनी ने कहा कि वैज्ञानिक और वैधानिक रूप से झील की डिजल्टिंग की जाए, तो यह झील के लिए बहुत उपयोगी होगी और इसकी भराव क्षमता भी बढ़ेगी.

'झील की दुर्दशा की जिम्मेदार है कांग्रेस': सोनी ने कहा कि झील में मछलियों के मरने का सबसे बड़ा कारण कांग्रेस के शासन में झील के चारों ओर पाथ–वे का निर्माण कार्य है. पाथ–वे के निर्माण के लिए लाखों टन मिट्टी झील में डाली गई. इस मिट्टी से गाद (कीचड़) विषाक्त हो गया है. इसमें फास्फोरस की मात्रा काफी बढ़ गई है. झीलों की डिसिल्टिंग के बाद आनासागर का रूप निखरा हुआ नजर आएगा. सोनी ने आरोप लगाया कि प्रदेश में लंबे समय से कांग्रेस सत्ता में रही, लेकिन कभी भी कांग्रेस ने झील के पानी को स्वच्छ रखने के लिए डिसिल्टिंग नहीं करवाई और ना ही आनासागर झील में आने वाले गंदे नालों के पानी को रोकने के लिए कोई प्रयास किए.

'प्रशासन से हुई चूक, लेकिन मकसद गलत नहीं': सोनी ने प्रशासन का पक्ष लेते हुए कहा कि झील का पानी 13 फीट से घटकर 10:30 कर दिया गया. इस पर प्रशासन की भले ही चुप रही होगी, लेकिन प्रशासन का मकसद गलत नहीं था. विगत दो-तीन वर्षों से अतिवृष्टि के कारण झील ओवरफुल हो जाती है और इस कारण कई क्षेत्रों में जलभराव हो जाता है. इस कारण मानसून के सक्रिय होने से पहले झील का जलस्तर कम किया गया है. वहीं, सोनी ने कहा कि अजमेर बंद का निर्णय कांग्रेस का है. इस पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा, लेकिन कौन हंगामे की राजनीति कर रहा है और कौन सकारात्मक राजनीति कर रहा है, यह जनता तय करेगी.

Powered by Reporting Rajasthan Files

संबंधित ख़बरें