जयपुर मेट्रो फेज-2: न्यू स्पीड के लिए न्यू लिंक
जयपुर मेट्रो फेज-2 का निर्माण शुरू, 41.64 किमी लंबा उत्तर-दक्षिण मेट्रो कॉरिडोर विकसित करेगा, शहर के उत्तर और दक्षिण हिस्सों के बीच यात्रा तेज और सुविधाजनक होगी.

सौजन्य से:- ETV Bharat
जयपुर मेट्रो फेज-2 : सीएम ने किया भूमि पूजन, निर्माण कार्य शुरू, राजधानी के पब्लिक ट्रांसपोर्टेशन को मिलेगी नई रफ्तार
फेज-2 के तहत 41.64 किमी लंबा उत्तर-दक्षिण मेट्रो कॉरिडोर विकसित किया जाएगा. शहर के उत्तर और दक्षिण हिस्सों के बीच यात्रा तेज और सुविधाजनक होगी.
Published : July 22, 2026 at 2:09 PM IST
जयपुर : जयपुर मेट्रो फेज-2 परियोजना का बुधवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सीतापुरा-बम्बाला पुलिया के पास प्रस्तावित मेट्रो डिपो साइट पर भूमि पूजन, शिला पूजन और पाइलिंग रिंग पूजन किया. करीब 13 हजार 37 करोड़ रुपए की लागत वाली इस परियोजना के पूरा होने से राजधानी का सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क और मजबूत होगा.
41.64 किमी का कॉरिडोर, उत्तर-दक्षिण जयपुर होगा कनेक्ट : राजधानी जयपुर की बहुप्रतीक्षित मेट्रो फेज-2 परियोजना का मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा, संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, विधायक कैलाश वर्मा, बालमुकुंद आचार्य, गोपाल शर्मा सहित जनप्रतिनिधि, मुख्य सचिव और वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में भूमि पूजन किया. इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना के शुरू होने के साथ ही राजधानी में आधुनिक और तेज सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को नई गति मिलेगी. फेज-2 के तहत 41.64 किमी लंबा उत्तर-दक्षिण मेट्रो कॉरिडोर विकसित किया जाएगा. इससे सीतापुरा, सांगानेर, टोंक रोड, एयरपोर्ट, गांधी नगर, खासाकोठी, विद्याधर नगर और टोड़ी मोड़ एक ही मेट्रो लाइन से जुड़ जाएंगे. प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद शहर के उत्तर और दक्षिण हिस्सों के बीच यात्रा तेज और सुविधाजनक होगी.
चार पैकेजों में होगा निर्माण :पूरी परियोजना को चार निर्माण पैकेजों में बांटा गया. पहले पैकेज में प्रतापनगर से शिवदासपुरा तक 12 किमी लंबे हिस्से का निर्माण शुरू हो चुका. बाकी तीन पैकेजों के टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में है. चरणबद्ध तरीके से निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जाएगा. इस पूरे कॉरिडोर पर कुल 36 स्टेशन बनाए जाएंगे. इनमें 34 एलिवेटेड और दो भूमिगत स्टेशन होंगे. एयरपोर्ट क्षेत्र में भूमिगत मेट्रो लाइन विकसित की जाएगी, ताकि यातायात प्रभावित न हो. परियोजना को सितंबर 2031 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है.
खासाकोठी बनेगा सबसे बड़ा इंटरचेंज स्टेशन :फेज-2 का सबसे अहम स्टेशन खासाकोठी होगा, जहां फेज-1 और फेज-2 की मेट्रो लाइनें आपस में जुड़ेंगी. दोनों स्टेशनों के बीच करीब 150 मीटर लंबा फुटओवर ब्रिज बनाया जाएगा. इससे यात्रियों को बिना स्टेशन से बाहर निकले लाइन बदलने की सुविधा मिलेगी. इस नई मेट्रो लाइन से सीतापुरा और विश्वकर्मा औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले हजारों कर्मचारियों को राहत मिलेगी. साथ ही जयपुर एयरपोर्ट, गांधी नगर रेलवे स्टेशन, एसएमएस अस्पताल, एसएमएस स्टेडियम और जेईसीसी जैसे प्रमुख संस्थान सीधे मेट्रो नेटवर्क से जुड़ जाएंगे. इससे सड़क जाम और पॉल्युशन में भी कमी आने की उम्मीद है.
15 साल बाद धरातल पर उतरी परियोजना :जयपुर मेट्रो फेज-2 की पहली डीपीआर वर्ष 2011 में तैयार हुई थी. इसके बाद अलग-अलग सरकारों के दौरान पांच बार संशोधन किए गए. आखिर वर्तमान राज्य सरकार ने परियोजना को अंतिम मंजूरी दिलाई और केंद्र सरकार की स्वीकृति मिलने के बाद अब इसका निर्माण शुरू हो गया. फेज-2 के पहले पैकेज का अधिकांश हिस्सा मुख्यमंत्री शर्मा के सांगानेर विधानसभा क्षेत्र से होकर गुजरेगा. इस हिस्से में 918 करोड़ रुपए का निर्माण कार्य होगा.
फेज-1 की सफलता के बाद बड़ा विस्तार :वर्तमान में जयपुर मेट्रो मानसरोवर से बड़ी चौपड़ तक 11.64 किमी लंबे कॉरिडोर पर संचालित हो रही है, जहां हर दिन हजारों यात्री सफर करते हैं. फेज-2 पूरा होने के बाद राजधानी का मेट्रो नेटवर्क कई गुना विस्तृत होगा. जयपुर को आधुनिक, तेज, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था मिलेगी.
Powered by Reporting Rajasthan Files
संबंधित ख़बरें

कोटा में बिजली गिरने से युवक की मौत: रिमझिम बारिश के बाद थमा दौर; ग्रामीण इलाकों में अच्छी बरसात, 4 दिन यलो अलर्ट - Kota News

जोधपुर में मौसम बदला, बूंदाबांदी शुरू: 4 दिन आंधी-बारिश का अलर्ट; जिले में 47 फीसदी कम हुई बरसात - Jodhpur News

कोटा में बिजली गिरने से युवक की मौत: कई इलाकों में रिमझिम बारिश, गांधी सागर से 4000 क्यूसेक पानी छोड़ा; अगले 4 दिन यलो अलर्ट - Kota News


