उत्तर प्रदेश में नकली दवाओं का बड़ा नेटवर्क पकड़ा गया, राजस्थान और उत्तराखंड से सप्लाई में थी सहायता
उत्तर प्रदेश में नकली दवाओं के संगठित अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जो राजस्थान और उत्तराखंड से सप्लाई में ये दवाएं पहुंचाता था।

सौजन्य से:- Amar Ujala
UP News: नकली दवाओं का बड़ा नेटवर्क बेनकाब, राजस्थान और उत्तराखंड से यूपी में हो रही थी सप्लाई
राजस्थान और उत्तराखंड से यूपी में नकली दवाएं आ रही हैं। एफएसडीए की जांच में नकली दवाओं के संगठित अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा हुआ है। मामले में सात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। आगे पढ़ें पूरी खबर...
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तर प्रदेश में राजस्थान और उत्तराखंड से नकली दवाएं आ रही हैं। इन दवाओं को नकली दवा आपूर्ति गिरोह विभिन्न बाजारों तक पहुंचा रहा है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग (एफएसडीए) की जांच में यह खुलासा हुआ है। एफएसडीए ने इस गिरोह से जुड़े राजस्थान के दो लोगों सहित सात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
प्रदेश में नकली दवाओं के खिलाफ सप्ताहभर से चल रहे अभियान में पता चला कि राजस्थान में दवाएं बनाई जा रही हैं। वहां से ब्रांडेड कंपनियों के रैपर लगाकर यूपी के महानगरों में पहुंचाया जा रहा है। अब तक की पड़ताल में बीपी में प्रयोग होने वाली टेल्मा, दर्द निवारक जीरोडॉल गैस की दवा पैनटॉप सहित विभिन्न तरह की एंटीबायोटिक्स और सर्दी जुकाम में प्रयोग होने वाली करीब करीब 20 नकली दवाएं पकड़ी हैं।
संबंधित दुकानदार से रसीद लेना न भूलें
यह भी जानकारी मिली है कि राजस्थान निवासी भूपेंद्र शर्मा और गुर्जर नाम के व्यक्ति नकली दवाएं बनाते हैं। वे आगरा की मंडी में पहुंचाते हैं। वहां से दवाएं छोटे पैकेट में यूपी के विभिन्न शहरों तक पहुंचती हैं। एपएसडीए ने राजस्थान के भूपेंद्र और गुर्जर के अलावा प्रयागराज के वीरू सिंह चैहान, सीतापुर के रिहान के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज कराई है। सहायक आयुक्त ब्रजेश कुमार ने विक्रेताओं से अपील की है कि थोक दुकानों से दवा खरीदते वक्त बिल जरूर लें। मरीज व तीमारदार भी संबंधित दुकानदार से रसीद लेना न भूलें।
ऐसे हुआ खुलासा
एफएसडीए के औषधि निरीक्षक संदेश मौर्य एवं विवेक कुमार सिंह ने अमीनाबाद स्थित अवैध गोदाम का निरीक्षण किया। यहां भारी मात्रा में एलोपैथिक औषधियां मिलीं। जांच में पता चला कि नकली दवाओं पर नामचीन ब्रांडों का लेवल लगाकर सप्लाई किया जा रहा है। यहां पकड़े गए रंजीत सिंह जुल्का के पास न तो लाइसेंस मिला और न ही दवाओं के खरीद बिक्री संबंधी कोई अभिलेख।कार्रवाई के दौरान 27 नमूने लिए गए। यहां से करीब 21 लाख की दवाएं जब्त की गई। पूछताछ में मिले इनपुट के आधार पर बक्शी का तालाब से राज विक्रम सिंह को गिरफ्तार किया गया। यहां से चार नमूने लिए गए और तीन लाख की अवैध दवाएं सील की गई। ऐसे ही गोंडा में अमन कसौधन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। यहां जांच पड़ताल के दौरान एफएसडीए को टीम को पता चला कि पूरा नेटवर्क राजस्थान से संचालित हो रहा है।
Powered by Reporting Rajasthan Files
संबंधित ख़बरें

जयपुर के खातीपुरा रेलवे स्टेशन पर किया पौधारोपण: इस साल 10 हजार से ज्यादा पेड़ लगाने का लक्ष्य, प्लांट होप, नॉट डोप' का दिया संदेश - Jaipur News

जयपुर के तालकटोरा में तैरता मिला युवक का शव: एक दिन पहले दर्ज हुई थी गुमशुदगी रिपोर्ट, पुलिस जांच में जुटी - Jaipur News

राजस्थान में साइबर ठगी का जाल: 2026 में अब तक 387 करोड़ की ठगी, जयपुर-अलवर-भरतपुर कॉरिडोर सबसे बड़ा हॉटस्पॉट


