तबादलों पर लगा हुआ है प्रतिबंध, पर राजस्थान में फिर भी होंगे ट्रांसफर, जानिए निर्वाचन आयोग का आदेश
Rajasthan Transfer: निर्वाचन आयोग ने 21 जुलाई मंगलवार को एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है। इसके तहत पिछले तीन वर्षों से एक ही स्थान पर टिके अधिकारियों व कर्मचारियों का तबादला किया जाएगा। गृह जिले से बाहर स्थानांतरित कि…

सौजन्य से:- Navbharat Times
Rajasthan Transfer: निर्वाचन आयोग ने 21 जुलाई मंगलवार को एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है। इसके तहत पिछले तीन वर्षों से एक ही स्थान पर टिके अधिकारियों व कर्मचारियों का तबादला किया जाएगा। गृह जिले से बाहर स्थानांतरित किया जाएगा।
जयपुर: राजस्थान सरकार के प्रशासनिक सुधार विभाग की ओर से पिछले दिनों तबादलों में अस्थायी रोक हटाई गई थी, जिसके तहत कई विभागों में ट्रांसफर प्रक्रिया पूरी की गई थी। इसके बाद दोबारा सरकारी कर्मचारियों केतबादले पर बैन लग गया है। इसी बीच अब ट्रांसफर से ताजा अपडेट राज्य निर्वाचन आयोग के आदेश के जरिए सामने आई है।
निर्वाचन आयोग ने जारी किया आदेश
बता दें कि हाईकोर्ट के हालिया आदेश के बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रदेश में आगामी शहरी निकायों और पंचायतीराज संस्थाओं के चुनावों की प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी हैं। चुनाव की तारीखों की आधिकारिक घोषणा से पहले निर्वाचन आयोग ने 21 जुलाई मंगलवार को एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है।
इसके तहत पिछले तीन वर्षों से एक ही स्थान पर टिके अधिकारियों व कर्मचारियों का तबादला किया जाएगा। साथ ही चुनावी प्रक्रिया से जुड़े प्रशासनिक और पुलिस अफसरों को उनके गृह जिले से बाहर स्थानांतरित किया जाएगा। राज्य निर्वाचन आयोग ने राज्य सरकार को तबादलों की यह पूरी प्रक्रिया 15 अगस्त तक हर हाल में पूरी करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
15 अगस्त के बाद तबादलों पर पूरी तरह लगेगी रोक
आयोग के आदेशानुसार, 15 अगस्त के बाद अफसरों का तबादला नहीं किया जा सकेगा। इसके अलावा, एक बार चुनाव की तारीखों का ऐलान (आचार संहिता लागू) होने के बाद चुनावी ड्यूटी में लगे किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के स्थानांतरण पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। केवल किसी अति-आवश्यक या आपातकालीन स्थिति में ही आयोग की पूर्व अनुमति से तबादला संभव होगा, जिसके लिए सरकार को ठोस कारण बताने होंगे।
इन पदों पर तैनात अफसरों का होगा ट्रांसफर
शहरी निकायों के लिए: नगर निगमों व नगर परिषदों के आयुक्त, उपायुक्त, यूआईटी (UIT) सचिव, विकास प्राधिकरणों के उपायुक्त व उससे वरिष्ठ अधिकारी, नगरपालिकाओं के अधिशासी अधिकारी (EO), थाना प्रभारी (SHO), पुलिस सब-इंस्पेक्टर, आबकारी निरीक्षक और नायब तहसीलदार अपने गृह जिलों में तैनात नहीं रह सकेंगे।
पंचायतीराज संस्थाओं के लिए: ब्लॉक विकास अधिकारी (BDO), थाना इंचार्ज, नायब तहसीलदार, पुलिस एसआई और आबकारी निरीक्षक अपनी गृह पंचायत समिति क्षेत्र में पोस्टेड नहीं रह पाएंगे।
दागी कर्मचारियों की चुनावी ड्यूटी पर रोक
राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि ऐसे किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को चुनाव कार्य में तैनात नहीं किया जाएगा, जिसके खिलाफ भारत निर्वाचन आयोग (ECI) या राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा पूर्व में चुनावी लापरवाही को लेकर किसी प्रकार की अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हों।
20 दिनों के होंगे बड़े फेरबदल
आयोग के इस सख्त रुख के बाद आगामी 20 दिनों के भीतर प्रशासनिक और पुलिस महकमे में बड़े पैमाने पर फेरबदल देखने को मिलेगा।
लेखक के बारे मेंखुशेंद्र तिवारीखुशेंद्र तिवारी नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में सीनियर कंटेट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में राजस्थान के लिए कवर करते हैं। इसके अलावा दूसरे राज्यों की राजनीति की खबरें कवर करते हैं। खुशेंद्र तिवारी पत्रकारिता की शुरुआत समाचार पत्र से की। बीते 6 सालों से डिजिटल मीडिया के लिए काम कर रहे हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 15 सालों का अनुभव है। समाचार पत्र में पहले रिपोर्टिंग और बाद में डेस्क पर काम किया। साल 2020 से नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में कार्यरत । राजस्थान की राजनीति, सामाजिक और अपराध की खबरें कवर करता हैं । डेस्क के साथ-साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है । अभी तक राजनीति, क्राइम, करंट अफेयर, शिक्षा और कला जैसे विषयों पर काम किया है। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता और संचार विश्वविद्यालय की है। प्रिंट में काम करने के बाद पिछले छह साल से डिजिटल में नए एक्सपीरियंस के साथ लर्निंग जारी है।
विशेषता: ब्यूरोक्रेसी, पॉलिटिक्ल, आर्ट एंड कल्चर, एजुकेशन और अपराध की खबरों में विशेष दिलचस्पी है। बड़े घटनाक्रमों पर अलग-अलग एंगलों से खबरें लिखना। ओपिनियन लिखना।
पत्रकारिता का अनुभव: पत्रकारिता में कुल 15 सालों का अनुभव है। पत्रकारिता में दिलचस्पी और शुरुआत अखबारों में छोटे- छोटे लेख भेजकर की। इसके बाद इसी क्षेत्र में पोस्ट ग्रेजुएशन कर विधिवत रूप से राजस्थान पत्रिका में फील्ड रिपोर्टिंग की। सबसे पहले आर्ट एंड कल्चर, इसके बाद एजुकेशन की फील्ड में काम किया। \ रिपोर्टिंग के बाद डेस्क के अनुभव को भी समझा।... और पढ़ें
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