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जयपुर में छात्रों को बनाया जा रहा साइबर ठगी का जरिया, बैंक खातों के बदले कमीशन का लालच

जयपुर में छात्रों को बनाया जा रहा साइबर ठगी का जरिया, बैंक खातों के बदले कमीशन का लालच साइबर अपराधी जयपुर में छात्रों को निशाना बनाकर उनके बैंक खातों का इस्तेमाल अवैध लेनदेन के लिए कर रहे हैं। पुलिस ने छात्रों को ऐसे प्र…

jaipurtimes.org के अनुसार22 जुलाई 2026 को 04:02 am बजे
जयपुर में छात्रों को बनाया जा रहा साइबर ठगी का जरिया, बैंक खातों के बदले कमीशन का लालच

सौजन्य से:- jaipurtimes.org

जयपुर में छात्रों को बनाया जा रहा साइबर ठगी का जरिया, बैंक खातों के बदले कमीशन का लालच

साइबर अपराधी जयपुर में छात्रों को निशाना बनाकर उनके बैंक खातों का इस्तेमाल अवैध लेनदेन के लिए कर रहे हैं। पुलिस ने छात्रों को ऐसे प्रलोभनों से सावधान रहने की चेतावनी दी है।

जयपुर। शहर में साइबर अपराध का एक नया और चिंताजनक तरीका सामने आया है, जिसमें अपराधी छात्रों को अपना मोहरा बना रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार, ठग चाय की थड़ियों और शिक्षण संस्थानों के आसपास सक्रिय होकर छात्रों को आसान कमाई का लालच देते हैं। इसके बदले में वे छात्रों से उनके बैंक खातों का उपयोग संदिग्ध धनराशि प्राप्त करने के लिए करवाते हैं। इस तरह की गतिविधियों में लगभग 17 लाख रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है, जिसकी जांच की जा रही है।

जांच एजेंसियों का मानना है कि अपराधी अपनी पहचान छिपाने और पुलिस की पकड़ से बचने के लिए छात्रों के खातों का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग के लिए कर रहे हैं। जब कोई छात्र अपने खाते में अनजान रकम लेने के लिए सहमत होता है, तो वह अनजाने में एक बड़े आपराधिक नेटवर्क का हिस्सा बन जाता है। इस प्रक्रिया में छात्रों को कुछ रुपयों का कमीशन देने का वादा किया जाता है, लेकिन इसके गंभीर कानूनी परिणाम उन्हें भुगतने पड़ सकते हैं।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के मामलों में शामिल होने वाले छात्रों के बैंक खाते फ्रीज किए जा सकते हैं और उन पर कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है। कई छात्र इस बात से अनजान होते हैं कि उनके खाते का उपयोग किसी बड़े साइबर अपराध में किया जा रहा है। प्रशासन अब छात्रों को जागरूक करने के लिए अभियान चला रहा है ताकि वे किसी भी अनजान व्यक्ति को अपने बैंक विवरण न दें और न ही किसी के कहने पर अपने खाते में लेनदेन करें।

साइबर सेल की टीमें इस गिरोह के मुख्य सरगनाओं की तलाश में जुटी हैं। ट्रांजेक्शन की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस नेटवर्क का दायरा कितना बड़ा है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार के प्रलोभन में आकर अपने खाते का दुरुपयोग करने देना एक गंभीर अपराध है।

छात्रों और अभिभावकों से अपील की गई है कि वे सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर क्राइम पोर्टल पर दें। कानून की नजर में अनभिज्ञता कोई बचाव नहीं है, इसलिए छात्रों को अपनी बैंकिंग गोपनीयता बनाए रखने की सलाह दी गई है ताकि वे भविष्य में किसी भी कानूनी मुसीबत से बच सकें।

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