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राजस्थान में बारिश-ओले के कारण पारा गिरा, बारां में कोहरा छाया; रात में अचानक बढ़ी ठंड

राजस्थान में बारिश-ओले के कारण पारा गिरा, बारां में कोहरा छाया; रात में अचानक बढ़ी ठंड सोमवार को प्रदेश में सबसे ज्यादा बारिश सीकर जिले के लोसल में दर्ज की गई। यहां 47 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। इसके अलावा कई अन्य इलाको…

Hindustan के अनुसार29 सितंबर 2026 को 01:05 pm बजे
राजस्थान में बारिश-ओले के कारण पारा गिरा, बारां में कोहरा छाया; रात में अचानक बढ़ी ठंड

सौजन्य से:- Hindustan

राजस्थान में बारिश-ओले के कारण पारा गिरा, बारां में कोहरा छाया; रात में अचानक बढ़ी ठंड

सोमवार को प्रदेश में सबसे ज्यादा बारिश सीकर जिले के लोसल में दर्ज की गई। यहां 47 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। इसके अलावा कई अन्य इलाकों में भी अच्छी बारिश हुई। बारिश और ओलावृष्टि के कारण कुछ समय के लिए जनजीवन प्रभावित हुआ। हालांकि, किसानों के लिए यह बारिश फसलों के लिहाज से फायदेमंद मानी जा रही है।

राजस्थान में सोमवार को मौसम ने अचानक करवट ली। वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के असर से कई जिलों में बारिश के साथ ओले गिरे। जयपुर, बीकानेर, चूरू समेत कई इलाकों में तेज बारिश हुई, जबकि श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और बीकानेर में धूलभरी आंधी के साथ घने बादल छा गए। कई जगह बादलों के कारण दिन में ही अंधेरा जैसा माहौल हो गया। बारिश और ओलावृष्टि के बाद रात के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई और लोगों को अचानक ठंड का अहसास होने लगा।

शेखावाटी में 20 डिग्री से नीचे पहुंचा न्यूनतम तापमान

मौसम में बदलाव का असर प्रदेश के कई हिस्सों में दिखाई दिया। शेखावाटी क्षेत्र में न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे आ गया। बारिश के बाद रात में ठंड बढ़ने से मौसम सुहावना हो गया। वहीं, मंगलवार सुबह बारां जिले के कई इलाकों में कोहरा छाया रहा। बारिश थमने के बाद अचानक कोहरा छाने से सुबह के समय दृश्यता कम रही।

पाकिस्तान की तरफ से आए अंधड़ के बाद बदला मौसम

सोमवार सुबह पाकिस्तान की तरफ से आए तेज अंधड़ के कारण श्रीगंगानगर, बीकानेर, हनुमानगढ़ और चूरू के इलाकों में धूल का गुबार छा गया। तेज हवाओं के कारण आसमान में धूल फैल गई और कुछ देर बाद कई जगह तूफानी बारिश शुरू हो गई। पश्चिमी राजस्थान के इन जिलों में मौसम का यह बदलाव अचानक हुआ।

इसके बाद सीकर, नागौर, जयपुर, दौसा, अलवर, सवाई माधोपुर और टोंक समेत कई जिलों में भी तेज बारिश हुई। कुछ स्थानों पर ओले गिरने की भी सूचना मिली। बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई और गर्मी से राहत मिली।

सीकर के लोसल में सबसे ज्यादा 47 MM बारिश

सोमवार को प्रदेश में सबसे ज्यादा बारिश सीकर जिले के लोसल में दर्ज की गई। यहां 47 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। इसके अलावा कई अन्य इलाकों में भी अच्छी बारिश हुई। बारिश और ओलावृष्टि के कारण कुछ समय के लिए जनजीवन प्रभावित हुआ। हालांकि, किसानों के लिए यह बारिश फसलों के लिहाज से फायदेमंद मानी जा रही है।

बारां में कोहरे से हाईवे पर ट्रैफिक प्रभावित

बारां जिले में बारिश रुकने के बाद मंगलवार सुबह मौसम ने फिर करवट ली। जिले के कई इलाकों में सुबह कोहरा छाया रहा। नेशनल हाईवे पर कोहरे के कारण विजिबिलिटी कम हो गई, जिससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। वाहन चालकों को कम दृश्यता के बीच सावधानी से सफर करना पड़ा।

बारिश के बाद खेतों में नमी बढ़ने से फसलों को फायदा होने की उम्मीद है। किसानों के लिए यह बारिश विशेष रूप से राहत लेकर आई है, हालांकि ओलावृष्टि वाले क्षेत्रों में फसलों पर असर की स्थिति स्थानीय स्तर पर अलग-अलग हो सकती है।

फलोदी में सबसे ज्यादा 39.4 डिग्री तापमान

बारिश और बादलों के असर से पश्चिमी राजस्थान के कुछ जिलों में दिन का तापमान भी सामान्य से नीचे रहा। सोमवार को प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 39.4 डिग्री सेल्सियस फलोदी में दर्ज किया गया। जैसलमेर में 36.3, बाड़मेर में 35.6, पिलानी में 35.7, जोधपुर में 35.3, चित्तौड़गढ़ में 35.2 और श्रीगंगानगर में 34.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ।

जैसलमेर और बाड़मेर में तापमान सामान्य से नीचे रहने के कारण लोगों को गर्मी से राहत मिली। बारिश और बादलों के कारण सोमवार को कई इलाकों में दिन का मौसम अपेक्षाकृत ठंडा रहा।

अगले 4 दिन मौसम साफ, फिर बढ़ेगी गर्मी

मौसम विज्ञान केन्द्र, जयपुर के अनुसार मंगलवार से प्रदेश में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना है। आसमान साफ रहने और धूप निकलने के साथ तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है। अगले चार दिनों में राज्य में बारिश की गतिविधियां कम रहने और मौसम साफ रहने का अनुमान है।

मौसम विभाग के अनुसार एंटी-साइक्लोन बनने के कारण पश्चिमी राजस्थान के जिलों में एक बार फिर तापमान बढ़ सकता है। इसके चलते फलोदी, जैसलमेर, बाड़मेर समेत पश्चिमी जिलों में गर्मी का असर बढ़ने की संभावना है। यानी बारिश और ओलावृष्टि के बाद मिली ठंडक ज्यादा दिनों तक रहने की उम्मीद नहीं है और आने वाले दिनों में तापमान फिर ऊपर जा सकता है।

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