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Dungarpur News: डूंगरपुर में दुबई से चल रहा था 160 करोड़ का साइबर फ्रॉड, मास्टरमाइंड दबोचा गया

Dungarpur News: डूंगरपुर में दुबई से चल रहा था 160 करोड़ का साइबर फ्रॉड, मास्टरमाइंड दबोचा गया Dungarpur News In Hindi: राजस्थान की डूंगरपुर पुलिस ने 160 करोड़ की साइबर ठगी के सरगना को गिरफ्तार किया है. आरोपी दुबई में बै…

ABP News के अनुसार22 जुलाई 2026 को 04:10 am बजे
Dungarpur News: डूंगरपुर में दुबई से चल रहा था 160 करोड़ का साइबर फ्रॉड, मास्टरमाइंड दबोचा गया

सौजन्य से:- ABP News

Dungarpur News: डूंगरपुर में दुबई से चल रहा था 160 करोड़ का साइबर फ्रॉड, मास्टरमाइंड दबोचा गया

Dungarpur News In Hindi: राजस्थान की डूंगरपुर पुलिस ने 160 करोड़ की साइबर ठगी के सरगना को गिरफ्तार किया है. आरोपी दुबई में बैठकर 450 से ज्यादा बैंक खातों के जरिए नेटवर्क चलाता था.

राजस्थान की डूंगरपुर पुलिस ने साइबर अपराध (Cyber Crime) के खिलाफ एक ऐतिहासिक और बड़ी कामयाबी हासिल की है. पुलिस ने करोड़ों रुपये की ऑनलाइन ठगी करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह के मुख्य सरगना को गिरफ्तार कर लिया है. यह शातिर आरोपी दुबई में बैठकर भारत के भोले-भाले लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल कर लगभग 160 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के नेटवर्क को ऑपरेट कर रहा था.

डूंगरपुर के जिला पुलिस अधीक्षक (SP) मनीष कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान "ऑपरेशन म्यूल हंटर" (Operation Mule Hunter) के तहत साइबर थाना पुलिस ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया. गिरफ्तार किए गए मास्टरमाइंड का नाम घनश्याम कलाल (33 वर्ष) है, जो डूंगरपुर के सीमलवाड़ा का रहने वाला है और लंबे समय से फरार चल रहा था.

आरोपी हाल ही में दुबई से नेपाल और भूटान के रास्ते छिपते हुए भारत लौटा था. पुलिस ने तकनीकी और पारंपरिक सर्विलांस की मदद से 20 जुलाई को उसे उदयपुर के पास बलीचा क्षेत्र से दबोच लिया. इस गिरोह के पांच अन्य गुर्गों को पुलिस पहले ही सलाखों के पीछे भेज चुकी है.

ऐसे बिछाता था ठगी का जाल (Modus Operandi)

पुलिस जांच में इस हाई-टेक ठगी के काम करने का चौंकाने वाला तरीका सामने आया है: भोले-भाले लोगों को निशाना: आरोपी कॉलेज के छात्रों और ग्रामीण क्षेत्रों के सीधे-सादे लोगों को सरकारी योजनाओं, फ्री पैन कार्ड, स्कॉलरशिप और लोन दिलाने का झूठा लालच देता था. खाते खुलवाकर करता था कब्जा: इन लालचों के जरिए वह लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाता था और उनकी चेकबुक, एटीएम (ATM), डेबिट कार्ड, इंटरनेट बैंकिंग आईडी-पासवर्ड और लिंक्ड मोबाइल नंबर अपने कब्जे में ले लेता था. दुबई और कुवैत कनेक्शन: इसके बाद वह इन खातों की सारी डिटेल्स दुबई और कुवैत में बैठे अपने आकाओं (साइबर ठगों) को भेज देता था.

450 खातों से 160 करोड़ का अवैध लेन-देन

इन किराये के बैंक खातों (Mule Accounts) का इस्तेमाल शेयर मार्केट, ट्रेडिंग, क्रिप्टोकरेंसी और बेटिंग (सट्टा) ऐप्स के नाम पर देशभर के लोगों से ठगी गई रकम को ट्रांसफर करने के लिए किया जाता था.

पुलिस के अनुसार, गिरोह ने अब तक 450 से अधिक बैंक खाते खुलवाकर करीब 160 करोड़ रुपये के अवैध लेन-देन को अंजाम दिया है. ठगी का यह पूरा नेटवर्क टेलीग्राम और व्हाट्सएप के जरिए कई राज्यों में फैला हुआ था.

डूंगरपुर पुलिस की आमजन से अपील

इस बड़ी कार्रवाई के बाद डूंगरपुर पुलिस ने आम जनता को सतर्क करते हुए अपील की है कि:

- किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपना बैंक खाता न खुलवाएं.

- अपनी चेकबुक, एटीएम कार्ड, पासबुक, इंटरनेट बैंकिंग आईडी या ओटीपी (OTP) किसी के साथ शेयर न करें.

- सरकारी योजनाओं, निवेश, ट्रेडिंग या लोन के नाम पर मिलने वाले लालच से बचें.

- किसी भी संदिग्ध गतिविधि की भनक लगने पर तुरंत स्थानीय पुलिस या 'साइबर क्राइम हेल्पलाइन' पर सूचना दें.

- फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है और पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों व पूरे नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने की कोशिश में जुटी है.

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