होमक्राइमआउटबाउंड पोर्टेबिलिटी: राजस्थान के पात्र परिवार अब 25 लाख तक का कैशलेस इलाज करा सकेंगे दूसरे राज्यों में
क्राइम

आउटबाउंड पोर्टेबिलिटी: राजस्थान के पात्र परिवार अब 25 लाख तक का कैशलेस इलाज करा सकेंगे दूसरे राज्यों में

राजस्थान मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत पात्र परिवारों को दूसरे राज्यों में भी 25 लाख रुपये तक का कैशलेस मुफ्त इलाज मिल रहा है. इससे गंभीर बीमारियों के मरीजों को बड़ी राहत मिली है.

Jagruk Janta के अनुसार22 जुलाई 2026 को 04:17 am बजे
आउटबाउंड पोर्टेबिलिटी: राजस्थान के पात्र परिवार अब 25 लाख तक का कैशलेस इलाज करा सकेंगे दूसरे राज्यों में

सौजन्य से:- Jagruk Janta

Rajasthan News: मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत राजस्थान के पात्र परिवार अब दूसरे राज्यों में भी 25 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज करा सकेंगे. पिछले 6 महीनों में 30 हजार से अधिक लोगों ने इस सुविधा का लाभ लिया. योजना से जुड़े देशभर के करीब 30 हजार अस्पतालों में मुफ्त उपचार उपलब्ध है.

राजस्थान के पात्र परिवारों को अब इलाज के लिए राज्य की सीमा तक सीमित नहीं रहना पड़ेगा. मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत अब दूसरे राज्यों में भी 25 लाख रुपये तक का कैशलेस और मुफ्त इलाज मिल रहा है. राज्य सरकार की आउटबाउंड इंटर-स्टेट पोर्टेबिलिटी व्यवस्था लागू होने के बाद पिछले छह महीनों में 30 हजार से ज्यादा लोगों ने दूसरे राज्यों के अस्पतालों में बिना इलाज का खर्च उठाए स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लिया है. इससे गंभीर बीमारियों के मरीजों को बड़ी राहत मिली है.

राज्य से बाहर भी मिलेगा कैशलेस इलाज

मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना को केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) के साथ मिलकर चलाया जा रहा है. इसके तहत राजस्थान के 1.36 करोड़ पात्र परिवारों को हर साल 25 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलता है. योजना में 2,179 तरह के उपचार शामिल हैं. इनमें सामान्य बीमारियों के साथ कैंसर, हृदय रोग, किडनी की बीमारी, डायलिसिस और अंग प्रत्यारोपण जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज भी शामिल है.

15 दिसंबर 2025 से लागू हुई नई व्यवस्था

पहले कई मरीजों को बेहतर इलाज के लिए गुजरात, दिल्ली या दूसरे राज्यों में जाना पड़ता था, लेकिन वहां इलाज का खर्च और दूसरी परेशानियां सामने आती थीं. इसे देखते हुए राज्य सरकार ने 15 दिसंबर 2025 से आउटबाउंड इंटर-स्टेट पोर्टेबिलिटी लागू की. अब पात्र परिवार दूसरे राज्यों में पीएमजेएवाई से जुड़े अस्पतालों में भी बिना पैसे दिए इलाज करा सकते हैं. फिलहाल यह सुविधा कर्नाटक और तमिलनाडु को छोड़कर लगभग सभी राज्यों में उपलब्ध है.

हजारों मरीजों को मिला बड़ा फायदा

अब तक इस व्यवस्था के तहत 5,959 क्लेम किए जा चुके हैं, जिनकी कुल राशि 17 करोड़ रुपये से अधिक है. इन क्लेम्स के जरिए मरीजों ने हार्ट स्टेंट, हार्ट बायपास सर्जरी, कैंसर ऑपरेशन, कीमोथेरेपी, डायलिसिस, जनरल सर्जरी और सिजेरियन डिलीवरी जैसे कई महंगे इलाज मुफ्त में कराए हैं. सबसे ज्यादा मरीजों ने गुजरात, हरियाणा, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और दिल्ली के अस्पतालों में उपचार कराया है.

देशभर के हजारों अस्पतालों में सुविधा

इंटर-स्टेट पोर्टेबिलिटी के तहत देशभर में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से जुड़े करीब 30 हजार अस्पतालों में इलाज की सुविधा उपलब्ध है. इनमें 16 हजार से अधिक सरकारी और 14 हजार से ज्यादा निजी अस्पताल शामिल हैं. गुजरात, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली समेत कई राज्यों के अस्पताल इस नेटवर्क का हिस्सा हैं.

सरकार का उद्देश्य हर मरीज तक बेहतर इलाज पहुंचाना

प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य गायत्री राठौड़ ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि राजस्थान का हर पात्र नागरिक जरूरत पड़ने पर राज्य से बाहर भी बिना किसी आर्थिक बोझ के बेहतर इलाज करा सके. उनका कहना है कि मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना की आउटबाउंड पोर्टेबिलिटी व्यवस्था इसी सोच के साथ शुरू की गई है, ताकि गंभीर बीमारी की स्थिति में मरीजों को इलाज के लिए आर्थिक चिंता न करनी पड़े.

रिएक्ट करें

♥️ 👍 👎 😊 🌸

जागरूक जनता व्हाट्सएप चैनल को फॉलो करें

https://whatsapp.com/channel/0029VabCX4VDOQIUcf0b4w14

जागरूक जनता Facebook Page को फॉलो करें

https://www.facebook.com/jagrukjantanews/

जागरूक जनता Instagram Page को फॉलो करें

https://www.instagram.com/jagruk_janta/

जागरूक जनता WhatsApp Group को Join करें…

https://chat.whatsapp.com/I7ImEiiBWrJIRP9LTTv2hG

जागरूक जनता के youtube पेज को सब्सक्राइब जरूर करें

https://www.youtube.com/@jagrukjantahindinewspaper7414

Powered by Reporting Rajasthan Files

संबंधित ख़बरें