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उ.प्र. में फैला नकली दवाओं का नेटवर्क: राजस्थान से जुड़ा मास्टरमाइंड, 21 लाख की दवाएं सीज;

उत्तर प्रदेश के लखनऊ से गोंडा तक फैले नकली दवाओं के नेटवर्क का खुलासा, राजस्थान से जुड़े मास्टरमाइंड को पकड़कर की गई है कार्रवाई। फूड सेफ्टी एंड ड्रग एस्पिरेशन (एफएसडीए) ने नकली दवाओं के निर्माण, भंडारण और बिक्री के आरोप में आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए पुलिस को प्रार्थना पत्र दिया है।

Dainik Bhaskar के अनुसार22 जुलाई 2026 को 06:05 am बजे
उ.प्र. में फैला नकली दवाओं का नेटवर्क: राजस्थान से जुड़ा मास्टरमाइंड, 21 लाख की दवाएं सीज;

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar

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लखनऊ से गोंडा तक फैला नकली दवाओं का नेटवर्क:राजस्थान से जुड़ा मास्टरमाइंड, 21 लाख की दवाएं सीज; 8 पर FIR की कार्रवाई शुरू

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खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने लखनऊ पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई में नकली और अवैध दवाओं के अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा किया है। अमीनाबाद, बीकेटी और गोंडा में हुई छापेमारी के दौरान लाखों रुपये की संदिग्ध दवाएं बरामद हुईं। जांच में नेटवर्क

अमीनाबाद के अवैध गोदाम पर छापा

एफएसडीए के औषधि निरीक्षक संदेश मौर्य और विवेक कुमार सिंह ने 8 और 9 जुलाई को लखनऊ पुलिस के साथ अमीनाबाद स्थित एक अवैध गोदाम पर छापा मारा। यहां बड़ी मात्रा में एलोपैथिक दवाओं का अवैध भंडारण मिला। जांच के दौरान कई नामी कंपनियों की दवाओं के लेबल पर प्रिंटिंग और स्पेलिंग की गंभीर खामियां मिली, जिससे उनके नकली होने की आशंका जताई गई।

27 दवाओं के नमूने जांच के लिए भेजे

कार्रवाई के दौरान 27 संदिग्ध दवाओं के नमूने लेकर सरकारी प्रयोगशाला भेजे गए हैं। शेष दवाओं को न्यायालय की अनुमति के बाद सील कर दिया गया। अमीनाबाद से सीज की गई दवाओं की अनुमानित कीमत करीब 21 लाख रुपये बताई गई है।

बीकेटी और गोंडा में भी कार्रवाई

जांच के दौरान बीकेटी क्षेत्र में राज विक्रम सिंह के अवैध गोदाम पर भी कार्रवाई की गई, जहां करीब 3 लाख रुपये की संदिग्ध दवाएं सील की गईं और चार नमूने जांच के लिए लिए गए। वहीं गोंडा में अमन कसौधन और अन्य के ठिकानों पर छापेमारी में एनडीपीएस श्रेणी की दवाओं का अवैध भंडारण भी मिला।

राजस्थान से जुड़ा नेटवर्क

एफएसडीए की जांच में सामने आया कि यह संगठित नेटवर्क राजस्थान से संचालित हो रहा था। आरोप है कि राजस्थान निवासी भूपेंद्र शर्मा और गुर्जर नकली दवाओं का निर्माण कर उत्तर प्रदेश में सप्लाई करते थे। जांच में प्रयागराज के वीरू सिंह चौहान, लखनऊ के राज विक्रम सिंह, गोंडा के अमन कसौधन, सीतापुर के रिहान, वाराणसी के मिश्रा और अमीनाबाद के रंजीत सिंह जुल्का की भूमिका भी सामने आई है।

कई धाराओं में एफआईआर की तैयारी

एफएसडीए ने मुख्य आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 111, 318(4), 319(2), 276, 277 और 278 के तहत अमीनाबाद थाने में एफआईआर दर्ज कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिया है। विभाग का कहना है कि नेटवर्क नकली और अवैध दवाओं के निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिना बिल बिक्री का संगठित कारोबार चला रहा था।

Telma, Pantop 40, Clavam 625, Zerodol-SP, Alprazolam, Spasmoproxyvon, Flozen-AA, MOXYZIDE-CV 625 LB, LCIN, Chymoral Forte, Rasodi और RIOPOD-CV समेत कई चर्चित ब्रांड की संदिग्ध दवाएं बरामद हुई हैं। लेबल में प्रिंटिंग और स्पेलिंग की गड़बड़ी मिलने पर 27 नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।

लोगों से की अपील एफएसडीए ने लोगों से अपील की है कि दवाएं केवल लाइसेंसधारी मेडिकल स्टोर से ही खरीदें, खरीद का बिल अवश्य लें और किसी भी संदिग्ध दवा या अवैध भंडारण की जानकारी तुरंत विभाग को दें। लखनऊ केमिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित तिवारी ने नकली दवाओं के खिलाफ चल रही छापेमारी अभियान का स्वागत किया है।

उन्होंने कहा, “हम पहले भी खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की कार्रवाई की सराहना कर चुके हैं और मौजूदा समय में जिन दो-तीन स्थानों पर छापेमारी के दौरान नकली दवाएं और उनसे जुड़े लोग पकड़े गए हैं, वह सराहनीय कदम है।”

उन्होंने कहा कि "हमें एफएसडीए की टीम से बड़ी उम्मीदें हैं। जब बाजार से नकली दवाओं का कारोबार पूरी तरह खत्म होगा, तभी असली दवाएं ग्राहकों तक पहुंचेंगी और ईमानदारी से कारोबार करने वाले दवा विक्रेताओं को भी राहत मिलेगी।" अमित तिवारी ने मांग की कि नकली दवाओं का निर्माण और बिक्री करने वालों के खिलाफ हत्या के प्रयास या हत्या जैसे गंभीर अपराधों के अनुरूप कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि कार्रवाई के दौरान किसी भी वैध और ईमानदार दवा कारोबारी को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जाना चाहिए।

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