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12 साल पहले जिस कोटा के प्रभारी थे भजनलाल शर्मा, वहीं CM बन कल मांगेंगे वोट, कैथूनीपोल से देंगे सियासी संदेश

Kota Nikay Chunav 2026: 12 साल पहले जहां संगठन प्रभारी बनकर रणनीति बनाते थे, उसी कोटा में अब सीएम भजनलाल शर्मा मंगलवार को रोड शो कर वोट मांगेंगे। अब देखना होगा कि क्या कैथूनीपोल से उठने वाली यह चुनावी हुंकार कांग्रेस नेत…

Navbharat Times के अनुसार7 सितंबर 2026 को 05:32 am बजे
12 साल पहले जिस कोटा के प्रभारी थे भजनलाल शर्मा, वहीं CM बन कल मांगेंगे वोट, कैथूनीपोल से देंगे सियासी संदेश

सौजन्य से:- Navbharat Times

Kota Nikay Chunav 2026: 12 साल पहले जहां संगठन प्रभारी बनकर रणनीति बनाते थे, उसी कोटा में अब सीएम भजनलाल शर्मा मंगलवार को रोड शो कर वोट मांगेंगे। अब देखना होगा कि क्या कैथूनीपोल से उठने वाली यह चुनावी हुंकार कांग्रेस नेता शांती धारीवाल के गढ़ में सेंध लगा पाएगी?

कोटा: राजस्थान में जारी निकाय चुनाव के घमासान के बीच कोटा का सियासी माहौल बेहद दिलचस्प हो गया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का मंगलवार को कोटा में होने वाला रोड शो महज एक चुनावी प्रचार कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह उनके करीब 12 साल पुराने राजनीतिक कनेक्शन की भी याद दिला रहा है। जिस कोटा में भजनलाल शर्मा कभी भारतीय जनता पार्टी के संगठन प्रभारी के तौर पर चुनावी रणनीति बनाते और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करते थे, उसी कोटा में अब वे मुख्यमंत्री के रूप में नगर निगम चुनाव में पार्टी प्रत्याशियों के लिए वोट मांगते नजर आएंगे।

कैथूनीपोल से रोड शो, साधेंगे दोनों विधानसभाएं

तय कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री मंगलवार को कोटा उत्तर विधानसभा क्षेत्र के करीब 5 से 6 वार्डों में रोड शो करेंगे। दोपहर करीब 2 बजे कैथूनीपोल थाने के सामने आमसभा प्रस्तावित है, जिसके बाद भव्य रोड शो शुरू होगा। कैथूनीपोल चौराहा कोटा उत्तर और दक्षिण विधानसभा क्षेत्रों की सीमा पर स्थित है। ऐसे में मुख्यमंत्री का यह कार्यक्रम दोनों क्षेत्रों के राजनीतिक समीकरणों को एक साथ साधने की सोची-समझी रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

तब संगठन की कमान, अब सरकार का चेहरा

भजनलाल शर्मा का कोटा से राजनीतिक रिश्ता मुख्यमंत्री बनने से काफी पुराना है। वर्ष 2014 से करीब डेढ़ साल तक वे कोटा शहर भाजपा के प्रभारी रहे। उस समय हेमंत विजयवर्गीय कोटा शहर भाजपा के जिलाध्यक्ष थे। यानी भजनलाल शर्मा कोटा के लिए बाहरी नेता नहीं हैं, बल्कि संगठन प्रभारी के तौर पर उन्होंने स्थानीय कार्यकर्ताओं और कैडर के साथ धरातल पर काम किया है।

उसी दौरान कोटा दक्षिण विधानसभा उपचुनाव और नगर निगम चुनाव संपन्न हुए थे। संगठन प्रभारी के रूप में उन्होंने कार्यकर्ताओं को लामबंद करने और पार्टी की रणनीति को जमीन पर उतारने में अहम भूमिका निभाई थी। वर्ष 2014 में ही उन्हें भाजपा के प्रदेश संगठन में प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी दी गई थी।

2014 की ऐतिहासिक जीत बनाम मौजूदा चुनौती

भजनलाल शर्मा के उस दौर की तुलना आज के चुनाव से इसलिए भी हो रही है, क्योंकि साल 2014 के कोटा नगर निगम चुनाव में भाजपा ने 65 में से 53 सीटें जीतकर 81.5 फीसदी वार्डों पर कब्जा जमाया था, जबकि कांग्रेस महज 6 सीटों पर सिमट गई थी।

हालांकि, अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं। पिछले चुनाव में कोटा उत्तर नगर निगम के 70 वार्डों में से भाजपा केवल 14 सीटें ही जीत सकी थी। ऐसे में मुख्यमंत्री का खुद मैदान में उतरना कोटा उत्तर में पार्टी का प्रदर्शन सुधारने की बड़ी कोशिश माना जा रहा है।

कांग्रेस का तंज और धारीवाल की वापसी से सस्पेंस

मुख्यमंत्री के रोड शो पर कांग्रेस ने तंज कसते हुए सवाल उठाया है कि स्थानीय निकायों के छोटे चुनाव में मुख्यमंत्री को खुद गली-गली प्रचार क्यों करना पड़ रहा है। दूसरी ओर, कोटा उत्तर से कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री शांति धारीवाल की चुनाव प्रचार में देरी से सक्रियता भी चर्चा में रही। हालांकि, धारीवाल रविवार शाम कोटा लौट आए हैं। अब एक तरफ मुख्यमंत्री का रोड शो होगा और दूसरी तरफ धारीवाल का पलटवार, जिसने कोटा निकाय चुनाव को केवल पार्षदों की जंग न बनाकर एक बड़ा सियासी मुकाबला बना दिया है।

लेखक के बारे मेंपुलकित सक्सेनापुलकित सक्सेना नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में डिजिटल कंटेट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। वह साल 2022 नवंबर महीने से नवभारत टाइम्स की डिजिटल विंग से जुड़े। वर्तमान में राजस्थान के लिए काम करते हैं। 2019 में पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली के नेशनल टीवी चैनल में इनपुट डेस्क से की। बीते 7 सालों में टेलीविजन से लेकर सोशल मीडिया और अब डिजिटल मीडिया में काम कर रहे हैं। वर्तमान में नवभारत टाइम्स में डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर की भूमिका में कार्यरत हैं।

राजस्थान की राजनीति, क्राइम, करंट अफेयर्स और ऑफ बीट खबरों पर नजर रखना पुलकित सक्सेना की पहली प्राथमिकता रहती है।

विशेषज्ञता- राजनीति, क्राइम, एनलिसिस, सियासी उठा पटक को कवर करना।

पत्रकारिता अनुभव: 7 साल से कार्यरत

पुलकित सक्सेना ने साल 2017 में जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन पूरी की। साल 2019 में देश की प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी से दिल्ली में प्रथम श्रेणी से पोस्ट ग्रेजुएशन पत्रकारिता में किया। इसके बाद साल 2019 में दिल्ली से टीवी 100 न्यूज चैनल से पत्रकारिता की शुरुआत की। इसके बाद राजस्थान के यूट्यूब न्यूज चैनल में एंकरिंग, पैकेज क्रिएशन और सोशल मीडिया हैंडल के लिए सक्रियता से काम किया। साल 2022 के नवंबर महीने में वह नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में जुड़े। वर्तमान में बीते तीन साल से वह नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में डिजिटल कंटेट प्रोड्यूसर की भूमिका निभा रहे हैं।... और पढ़ें

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