संजय के. अग्रवाल बने राजस्थान हाईकोर्ट के 44वें चीफ जस्टिस; राज्यपाल बागड़े ने दिलाई शपथ
संजय के. अग्रवाल बने राजस्थान हाईकोर्ट के 44वें चीफ जस्टिस; राज्यपाल बागड़े ने दिलाई शपथ जस्टिस संजय के. अग्रवाल इससे पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में न्यायाधीश के रूप में कार्यरत थे। अब उन्हें राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्या…

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संजय के. अग्रवाल बने राजस्थान हाईकोर्ट के 44वें चीफ जस्टिस; राज्यपाल बागड़े ने दिलाई शपथ
जस्टिस संजय के. अग्रवाल इससे पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में न्यायाधीश के रूप में कार्यरत थे। अब उन्हें राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनके नाम पर नियुक्ति का फैसला सुप्रीम कोर्ट की कॉलेजियम की सिफारिश और केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद हुआ।
राजस्थान हाईकोर्ट को नया मुख्य न्यायाधीश मिल गया है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के न्यायाधीश संजय के. अग्रवाल ने सोमवार को राजस्थान हाईकोर्ट के 44वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। राजभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने जस्टिस संजय के. अग्रवाल को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।
शपथ ग्रहण के बाद जस्टिस संजय के. अग्रवाल ने राष्ट्रपति भवन से जारी वारंट पर हस्ताक्षर किए। इसके साथ ही उन्होंने राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के तौर पर औपचारिक रूप से कार्यभार संभाल लिया।
राजभवन में हुआ शपथ ग्रहण समारोह
राजभवन में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी, उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा समेत राज्य सरकार के कई मंत्री मौजूद रहे। राजस्थान हाईकोर्ट के सभी न्यायाधीश भी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। समारोह के दौरान न्यायपालिका और राज्य सरकार से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
जस्टिस संजय के. अग्रवाल की नियुक्ति के साथ ही राजस्थान हाईकोर्ट को स्थायी मुख्य न्यायाधीश मिल गया है। इससे पहले जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से राजस्थान आए संजय के. अग्रवाल
जस्टिस संजय के. अग्रवाल इससे पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में न्यायाधीश के रूप में कार्यरत थे। अब उन्हें राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनके नाम पर नियुक्ति का फैसला सुप्रीम कोर्ट की कॉलेजियम की सिफारिश और केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद हुआ।
राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के तौर पर उनके सामने न्यायिक प्रशासन को मजबूत करने और लंबित मामलों के निपटारे में तेजी लाने समेत कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां रहेंगी। राजस्थान हाईकोर्ट में बड़ी संख्या में मामले लंबित हैं। ऐसे में नई नियुक्ति को न्यायिक कामकाज के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कार्यवाहक सीजे को लेकर विवाद के बाद नियुक्ति
जस्टिस संजय के. अग्रवाल की नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा को लेकर विवाद सामने आया था। इसके बाद राजस्थान हाईकोर्ट के लिए नए मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ी।
अब जस्टिस अग्रवाल के मुख्य न्यायाधीश बनने के साथ ही हाईकोर्ट के नेतृत्व को लेकर स्थिति स्पष्ट हो गई है। वे राजस्थान हाईकोर्ट के 44वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में न्यायिक व्यवस्था की कमान संभालेंगे।
न्यायिक व्यवस्था के लिए अहम नियुक्ति
राजस्थान हाईकोर्ट प्रदेश की न्यायिक व्यवस्था का प्रमुख केंद्र है। जयपुर और जोधपुर स्थित हाईकोर्ट की मुख्य पीठ और बेंच से बड़ी संख्या में मामलों की सुनवाई होती है। इनमें आपराधिक, सिविल, संवैधानिक, प्रशासनिक और अन्य महत्वपूर्ण मामले शामिल हैं।
नए मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति के बाद अब न्यायिक प्रशासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर भी नजर रहेगी। खास तौर पर लंबित मामलों के निपटारे, अदालतों के प्रशासनिक कामकाज और न्यायिक प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने को लेकर जस्टिस संजय के. अग्रवाल की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
राजभवन में हुए शपथ ग्रहण समारोह के साथ ही राजस्थान हाईकोर्ट को उसका 44वां मुख्य न्यायाधीश मिल गया है। राज्य सरकार और हाईकोर्ट के न्यायाधीशों की मौजूदगी में हुए इस समारोह ने जस्टिस संजय के. अग्रवाल के राजस्थान हाईकोर्ट के शीर्ष न्यायिक पद पर कार्यकाल की औपचारिक शुरुआत कर दी।
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