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कोटा में प्रसव के बाद हुई मौतों के कारण फार्मा डिस्ट्रीब्यूटर का लाइसेंस रद, WHO ने मांगी रिपोर्ट - pharma distributor licence cancelled in kota due to post delivery deaths

कोटा में प्रसव के बाद हुई मौतों के कारण फार्मा डिस्ट्रीब्यूटर का लाइसेंस रद, WHO ने मांगी रिपोर्ट विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने भारत सरकार से कोटा के सरकारी अस्पतालों में एक फार्मा डिस्ट्रीब्यूटर द्वारा नकली आक्स…

Jagran के अनुसार27 जून 2026 को 05:23 am बजे
कोटा में प्रसव के बाद हुई मौतों के कारण फार्मा डिस्ट्रीब्यूटर का लाइसेंस रद, WHO ने मांगी रिपोर्ट - pharma distributor licence cancelled in kota due to post delivery deaths

सौजन्य से:- Jagran

कोटा में प्रसव के बाद हुई मौतों के कारण फार्मा डिस्ट्रीब्यूटर का लाइसेंस रद, WHO ने मांगी रिपोर्ट

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने भारत सरकार से कोटा के सरकारी अस्पतालों में एक फार्मा डिस्ट्रीब्यूटर द्वारा नकली आक्सीटोसिन इंजेक्शन की कथित सप्ल ...और पढ़ें

HighLights

- नकली ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन की कथित सप्लाई का मामला

- पंजाब और हिमाचल प्रदेश में मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस रद कर दिए गए

पीटीआई, नई दिल्ली। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने भारत सरकार से कोटा के सरकारी अस्पतालों में एक फार्मा डिस्ट्रीब्यूटर द्वारा नकली आक्सीटोसिन इंजेक्शन की कथित सप्लाई के बारे में जानकारी मांगी है। इन इंजेक्शनों के इस्तेमाल से मई में सिजेरियन डिलीवरी के बाद पांच महिलाओं की मौत हो गई थी।

सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (सीडीएससीओ) और संबंधित राज्यों के ड्रग रेगुलेटर्स की संयुक्त जांच के बाद पंजाब और हिमाचल प्रदेश में जैक्सन लेबोरेटरीज की यूनिट्स के मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस रद कर दिए गए।

सरकार की यह कार्रवाई कोटा के कुछ अस्पतालों में प्रसव के बाद महिलाओं की मौत और संक्रमण की खबरों की जांच के बीच हुई है। इन मौतों का संबंध कंपनी द्वारा बनाए गए ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन से जोड़ा जा रहा है।

स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों ने स्पष्ट किया कि यह विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से सार्वजनिक स्वास्थ्य जोखिम का पता लगाने के लिए की गई एक सामान्य बातचीत थी और इसे उत्पाद या निर्माता के खिलाफ किसी निष्कर्ष के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि केंद्र सरकार ने मामले की सच्चाई का पता लगाने के लिए राजस्थान सरकार से भी विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

अधिकारियों के अनुसार, सीडीएससीओ ने पंजाब और हिमाचल प्रदेश के ड्रग रेगुलेटर्स के साथ मिलकर जैक्सन लेबोरेटरीज की मैन्युफैक्चरिंग सुविधाओं की विस्तृत जांच की, ताकि "गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिसेज" के नियमों के पालन का आकलन किया जा सके।

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