कौन हैं IPS बीजू जॉर्ज जोसफ? जो RPSC के अध्यक्ष पद की दौड़ में हैं सबसे आगे
उत्कल रंजन साहू का कार्यकाल पूरा होने के बाद राजस्थान लोकसेवा आयोग में स्थायी अध्यक्ष की नियुक्ति की तैयारी तेज हो गई है। पेपर लीक विवादों के बाद सरकार किसी बेदाग और ईमानदार चेहरे की तलाश में है, जिसमें सीनियर आईपीएस बीज…

सौजन्य से:- Navbharat Times
उत्कल रंजन साहू का कार्यकाल पूरा होने के बाद राजस्थान लोकसेवा आयोग में स्थायी अध्यक्ष की नियुक्ति की तैयारी तेज हो गई है। पेपर लीक विवादों के बाद सरकार किसी बेदाग और ईमानदार चेहरे की तलाश में है, जिसमें सीनियर आईपीएस बीजू जॉर्ज जोसफ का नाम सबसे आगे चल रहा है। आगे जानिए कौन हैं बेदाग छवि वाले आईपीएस बीजू जॉर्ज जोसफ।
जयपुर: सरकारी अफसरों की भर्ती करने वाली प्रदेश की सबसे बड़ी एजेंसी राजस्थान लोकसेवा आयोग में अब जल्द ही नए अध्यक्ष की नियुक्ति होने वाली है। हाल ही में 19 जून को उत्कल रंजन साहू (यूआर साहू) का कार्यकाल पूरा हुआ है। हालांकि कार्यवाहक अध्यक्ष के रूप में आयोग के सदस्य कर्नल केसरी सिंह को कार्यभार सौंपा गया है लेकिन अब राज्य सरकार जल्द ही स्थायी अध्यक्ष नियुक्त करने जा रही है। सरकार किसी ऐसे व्यक्ति को खोज कर रही है जिनकी छवि बेदाग हो। चूंकि पिछले कई वर्षों में पेपर लीक की घटनाएं सामने आई है और सदस्यों और अध्यक्षों पर भी सवाल उठे हैं। ऐसे में सरकार अब स्वच्छ छवि के व्यक्ति की नियुक्ति करने वाली है। चर्चाएं यह है कि सीनियर आईपीएस अधिकारी बीजू जॉर्ज जोसफ के नाम पर सरकार विचार कर रही है।
कौन हैं आईपीएस बीजू जॉर्ज जोसफ?
बीजू जॉर्ज जोसफ भारतीय पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारी हैं। वर्तमान में वे अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) कार्मिक हैं। बेदाग छवि होने के साथ ही जोसफ एक दबंग आईपीएस अफसर के रूप में भी पहचाने जाते हैं। अगले साल अक्टूबर में वे सेवानिवृत्त होने वाले है। जोसफ किसी पार्टी विशेष के नजदीकी अफसर नहीं माने जाते हैं। प्रदेश में चाहे भाजपा की सरकार रही हो या कांग्रेस की। दोनों ही पार्टियों की सरकारों में बीजू जॉर्ज जोसफ अहम पदों पर रहे हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि जोसफ को आरपीएससी के अध्यक्ष पद पर नियुक्ति दी जा सकती है।
ईमानदारी के साथ कड़क छवि है जोसफ की
सीनियर आईपीएस बीजू जॉर्ज जोसफ ईमानदार अफसर होने के साथ कड़क मिजाज के अफसर माने जाते हैं। चाहे जिलों में एसपी के रूप में पोस्टिंग रही हो या जयपुर में कमिश्नर के रूप में। उनके कार्यकाल के दौरान सभी अधीनस्थ अफसर हर वक्त सतर्क रहते थे। पता नहीं कब कमिश्नर साहब का कॉल आ जाए और डांट पड़ जाए। जयपुर के पुलिस थानों में जन सुनवाई का सिलसिला बीजू जॉर्ज जोसफ ने ही शुरू किया था जो अभी तक जारी है। परिवादियों की सुनवाई के दौरान वे जांच अधिकारियों को सबके सामने फटकार लगाते थे। लापरवाही करने वाले अफसरों को वे कभी माफ नहीं करते चाहे कोई कितना ही रसूख वाला हो।
जवानों के साथ खुद उतरते थे फील्ड में
जयपुर पुलिस कमिश्नर रहते हुए बीजू जॉर्ज जोसफ अमूमन फील्ड में जवानों के साथ नजर आ जाते थे। कहीं पर कोई बड़ी घटना होने पर बाद में निरीक्षण करने के बजाय वे तुरंत मौके पर पहुंच जाते और जवानों के साथ स्थिति को संभालने जुट जाते थे। पिछले साल जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में भीषण आग लग गई थी। तब बीजू जॉर्ज जोसफ खुद जवानों के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन में जुट गए। वे पानी से भीग गए और धुएं से काले हो गए लेकिन अस्पताल से मरीजों और उनके परिजनों को रेस्क्यू करने में जुटे रहे। कहीं कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने की बात आती थी तो वे खुद डंडा लेकर जवानों के आगे खड़े हो जाते थे। उनका यही स्टाइल उन्हें और अफसरों के अलग करता है।
राष्ट्रपति पुलिस मेडल मिल चुका जोसफ को
आईपीएस बीजू जॉर्ज जोसफ को वर्ष 2021 में राष्ट्रपति पुलिस मेडल मिल चुका है। इससे पहले वर्ष 2012 में उन्हें पुलिस मेडल प्रदान किया जा चुका है। पुलिस में बेहतरीन कार्य करने की वजह से वे भाजपा और कांग्रेस दोनों ही सरकारों की पहली पसंद के अफसर रहे हैं। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय वे जयपुर के पुलिस कमिश्नर बने। सरकार बदलने के बाद चर्चाएं थी कि भाजपा सरकार अपनी पसंद का कमिश्नर लगाएगी लेकिन भजनलाल सरकार बीजू के कामकाज पर विश्वास जताते हुए उन्हें लंबे समय तक काम करने का अवसर दिया।
जयपुर और जोधपुर में कमिश्नर रह चुके जोसफ
बीजू जॉर्ज जोसफ मूलरूप से केरल के रहने वाले हैं। वे वर्ष 1995 बैच के आईपीएस अफसर हैं। धौलपुर, गंगानगर और अलवर में एसपी के रूप में काम कर चुके जोसफ जयपुर में डीसीपी और एडिशनल कमिश्नर रहे। वे जोधपुर में भी पुलिस कमिश्नर के रूप में काम कर चुके हैं। अगस्त 2023 में उन्हें जयपुर पुलिस कमिश्नर की जिम्मेदारी दी गई। हाल ही में राजस्थान के दो आईपीएस अफसरों को केंद्र में डीजी रैंक के लिए एम्पैनल किया गया। इनमें बीजू जॉर्ज जोसफ का नाम शामिल है।
लेखक के बारे मेंपुलकित सक्सेनापुलकित सक्सेना नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में डिजिटल कंटेट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। वह साल 2022 नवंबर महीने से नवभारत टाइम्स की डिजिटल विंग से जुड़े। वर्तमान में राजस्थान के लिए काम करते हैं। 2019 में पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली के नेशनल टीवी चैनल में इनपुट डेस्क से की। बीते 7 सालों में टेलीविजन से लेकर सोशल मीडिया और अब डिजिटल मीडिया में काम कर रहे हैं। वर्तमान में नवभारत टाइम्स में डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर की भूमिका में कार्यरत हैं।
राजस्थान की राजनीति, क्राइम, करंट अफेयर्स और ऑफ बीट खबरों पर नजर रखना पुलकित सक्सेना की पहली प्राथमिकता रहती है।
विशेषज्ञता- राजनीति, क्राइम, एनलिसिस, सियासी उठा पटक को कवर करना।
पत्रकारिता अनुभव: 7 साल से कार्यरत
पुलकित सक्सेना ने साल 2017 में जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन पूरी की। साल 2019 में देश की प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी से दिल्ली में प्रथम श्रेणी से पोस्ट ग्रेजुएशन पत्रकारिता में किया। इसके बाद साल 2019 में दिल्ली से टीवी 100 न्यूज चैनल से पत्रकारिता की शुरुआत की। इसके बाद राजस्थान के यूट्यूब न्यूज चैनल में एंकरिंग, पैकेज क्रिएशन और सोशल मीडिया हैंडल के लिए सक्रियता से काम किया। साल 2022 के नवंबर महीने में वह नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में जुड़े। वर्तमान में बीते तीन साल से वह नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में डिजिटल कंटेट प्रोड्यूसर की भूमिका निभा रहे हैं।... और पढ़ें
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