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ठगी होने पर तुरंत नजदीकी पुलिस थाना या साइबर पुलिस स्टेशन में सूचना दें - Kuchaman City News

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Dainik Bhaskar के अनुसार19 सितंबर 2026 को 01:04 am बजे
ठगी होने पर तुरंत नजदीकी पुलिस थाना या साइबर पुलिस स्टेशन में सूचना दें - Kuchaman City News

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar

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ठगी होने पर तुरंत नजदीकी पुलिस थाना या साइबर पुलिस स्टेशन में सूचना दें

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कुचामन सिटी साइबर अपराधों पर रोकथाम और आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा (R4C) ने वॉट्सएप अकाउंट और चैट्स की सुरक्षा को लेकर विशेष एडवाइजरी जारी की है।

पुलिस अधीक्षक डीडवाना-कुचामन डॉ. प्यारेलाल शिवरान ने बताया कि वर्तमान समय में व्हाट्सएप केवल बातचीत का माध्यम नहीं रह गया है, बल्कि इसमें लोगों की निजी जानकारी, फोटो, दस्तावेज, ओटीपी और महत्वपूर्ण संवाद भी सुरक्षित रहते हैं। ऐसे में साइबर अपराधी अकाउंट हैक कर ठगी, फर्जी पहचान और ब्लैकमेलिंग जैसी वारदातों को अंजाम दे सकते हैं। उन्होंने बताया कि व्हाट्सएप के मैसेज और कॉल एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड होते हैं, लेकिन गलत सेटिंग्स, अनधिकृत एक्सेस या लापरवाही के कारण निजी डेटा जोखिम में पड़ सकता है। इसे देखते हुए राजस्थान पुलिस ने व्हाट्सएप सुरक्षा के लिए सात महत्वपूर्ण सुझाव जारी किए हैं। पुलिस के अनुसार उपयोगकर्ता अपने अकाउंट में टू-स्टेप वेरिफिकेशन सक्रिय करें, 6 अंकों का पिन और रिकवरी ईमेल जोड़ें तथा किसी भी स्थिति में ओटीपी या पिन साझा न करें। कुचामन सिटी. साइबर ठगी से बचाव की जानकारी देती पुलिस। इसके अलावा समय-समय पर लिंक्ड डिवाइसेज की जांच कर संदिग्ध डिवाइस को लॉग आउट करें। संवेदनशील चैट्स के लिए चैट लॉक और बायोमेट्रिक सुरक्षा का उपयोग करने, प्रोफाइल फोटो, स्टेटस और लास्ट सीन जैसी जानकारी को केवल संपर्कों तक सीमित रखने तथा एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड चैट बैकअप सक्रिय करने की भी सलाह दी गई है।

राजस्थान पुलिस ने एडवांस्ड चैट प्राइवेसी फीचर को ऑन रखने, अनजान कॉलर्स को साइलेंट करने और कॉल के दौरान आईपी एड्रेस छिपाने वाले विकल्प का उपयोग करने की भी अपील की है। साथ ही केवल ऑफिशियल व्हाट्सएप का उपयोग करने और जीबी व्हाट्सएप जैसे मॉडिफाइड ऐप्स से दूर रहने की चेतावनी दी गई है। डॉ. शिवरान ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को व्हाट्सएप अकाउंट में संदिग्ध गतिविधि, अनधिकृत एक्सेस या साइबर ठगी की आशंका हो तो तुरंत नजदीकी पुलिस थाना या साइबर पुलिस स्टेशन में सूचना दें। इसके अलावा राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

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