कोटा में कोचिंग संस्थानों पर सख्ती, फायर सेफ्टी मानकों की अनदेखी पर कई सेंटर सीज
लखनऊ अग्निकांड के बाद कोटा में कोचिंग संस्थानों पर कार्रवाई शुरू हुई, कई संस्थानों में फायर सेफ्टी मानकों की अनदेखी मिली, दो कोचिंग संस्थान सीज, दो लाइब्रेरी और कई दुकानों पर सीलिंग की कार्रवाई की गई।

सौजन्य से:- Amar Ujala
Kota News: लखनऊ अग्निकांड के बाद कोचिंग संस्थानों पर कार्रवाई, फायर सेफ्टी में खामियां मिलने पर कई सेंटर सीज
देशभर में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवालों के बीच कोटा में प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। औचक निरीक्षण के दौरान कई संस्थानों में फायर सेफ्टी मानकों की अनदेखी मिलने पर कार्रवाई की गई।
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लखनऊ में कोचिंग संस्थान में आग लगने से बच्चों की मौत के बाद देशभर में कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच शुरू हो गई है। इसी क्रम में राजस्थान के कोटा में भी अग्निशमन विभाग ने औचक निरीक्षण अभियान चलाकर नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। बुधवार को अग्निशमन विभाग की टीम ने केशवपुरा, बोरखेड़ा सहित शहर के विभिन्न कोचिंग क्षेत्रों में निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई कोचिंग संस्थानों में फायर सेफ्टी मानकों की अनदेखी और अन्य अनियमितताएं सामने आईं। इसके बाद विभाग ने दो कोचिंग संस्थानों को सीज कर दिया। इसके अलावा दो लाइब्रेरी और छह से अधिक दुकानों पर भी सीलिंग की कार्रवाई की गई।
अग्निशमन विभाग के उपायुक्त राकेश व्यास ने बताया कि हालिया अग्निकांड के बाद शहर में लगातार निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। जांच के दौरान कई स्थानों पर फायर एनओसी और अग्निशमन उपकरणों की कमी पाई गई। संबंधित संस्थानों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जल्द से जल्द फायर एनओसी प्राप्त करें और आवश्यक सुरक्षा उपकरण स्थापित करें। कार्रवाई के दौरान विभागीय टीम को कुछ कोचिंग संस्थानों के विरोध का भी सामना करना पड़ा लेकिन इसके बावजूद निरीक्षण और कार्रवाई जारी रही। केशवपुरा स्थित एक कोचिंग संस्थान के कर्मचारियों ने सवाल उठाया कि घटना लखनऊ में हुई है तो कोटा में कार्रवाई क्यों की जा रही है।
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हालांकि इस पूरे घटनाक्रम ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या प्रशासन हमेशा किसी बड़े हादसे के बाद ही सक्रिय होता है? देश में पहले भी कई अग्निकांड हो चुके हैं, जिनमें लोगों की जान गई है। हर बड़े हादसे के बाद स्कूलों, कोचिंग संस्थानों, मल्टीस्टोरी इमारतों, होटलों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में निरीक्षण और कार्रवाई शुरू होती है।
कोटा देश का प्रमुख कोचिंग हब माना जाता है, जहां हर वर्ष लाखों विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आते हैं। शहर में छोटे-बड़े मिलाकर एक हजार से अधिक कोचिंग संस्थान संचालित हैं। इनमें से कई संस्थानों में अब भी फायर सेफ्टी मानकों का पूरी तरह पालन नहीं किया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रशासन नियमित रूप से सुरक्षा मानकों की समीक्षा करे और समय-समय पर कार्रवाई करे, तो संभावित हादसों को काफी हद तक रोका जा सकता है। फिलहाल अग्निशमन विभाग की कार्रवाई जारी है और आने वाले दिनों में अन्य संस्थानों की भी जांच की जाएगी।
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