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उत्तर भारत में साइबर अपराध की बढ़ती चुनौती: दिल्ली और राजस्थान सबसे आगे

दिल्ली और राजस्थान में साइबर अपराध की शिकायतें तेजी से बढ़ रही हैं, राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के आंकड़ों से पता चलता है कि इन दोनों राज्यों में लगभग 10 लाख शिकायतें दर्ज की गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बड़ी आबादी और डिजिटल लेनदेन की अधिकता ने साइबर अपराधियों के लिए इन राज्यों को आसान निशाना बना दिया है।

Live Hindustan के अनुसार24 जून 2026 को 05:08 pm बजे
उत्तर भारत में साइबर अपराध की बढ़ती चुनौती: दिल्ली और राजस्थान सबसे आगे

सौजन्य से:- Live Hindustan

दिल्ली राजस्थान में साइबर अपराध शिकायतों की बाढ़

दिल्ली राजस्थान में साइबर अपराध शिकायतों की बाढ़ नई दिल्ली । विशेष संवाददाता दिल्ली और राजस्थान उत्तर भारत में साइबर अपराध के सबसे बड़े केंद्र बनकर उभरे हैं। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल...

दिल्ली राजस्थान में साइबर अपराध शिकायतों की बाढ़ नई दिल्ली । विशेष संवाददाता

साइबर अपराध का उदय

दिल्ली और राजस्थान उत्तर भारत में साइबर अपराध के सबसे बड़े केंद्र बनकर उभरे हैं। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पोर्टल की शुरुआत से अब तक दर्ज कुल शिकायतों में से 61 प्रतिशत केवल इन दो राज्यों से आई हैं। दोनों राज्यों में मिलाकर लगभग 10 लाख शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं, जबकि उत्तर भारत के अन्य राज्यों की हिस्सेदारी कुल मामलों के एक-तिहाई तक ही सीमित है।

दिल्ली में शिकायतों की संख्या

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली साइबर अपराध शिकायतों के मामले में लगातार शीर्ष पर बनी हुई है। दिल्ली में अब तक 5.71 लाख शिकायतें दर्ज की गई हैं, जिनमें से अकेले वर्ष 2024 में 1.52 लाख से अधिक शिकायतें सामने आईं। वर्ष 2020 में जहां शिकायतों की संख्या 38,521 थी, वहीं चार वर्षों में यह आंकड़ा लगभग चार गुना बढ़ गया। 2025 के पहले सात महीनों में ही दिल्ली में 1,04,276 शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बड़ी आबादी, यूपीआई लेनदेन की अधिकता और आर्थिक रूप से सक्रिय लोगों की संख्या अधिक होने के कारण दिल्ली साइबर ठगों के लिए आसान निशाना बन गई है।

राजस्थान की स्थिति

राजस्थान भी तेजी से साइबर अपराध का बड़ा केंद्र बनकर उभरा है। राज्य में वर्ष 2020 में 11,637 शिकायतें दर्ज हुई थीं, जो 2021 में बढ़कर 39,213 पहुंच गईं। एक ही वर्ष में 3.4 गुना वृद्धि ने जांच एजेंसियों को भी चौंका दिया था। अब तक राजस्थान में कुल 4.18 लाख शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं। अधिकारियों का मानना है कि मेवात क्षेत्र में सक्रिय संगठित ठगी गिरोह, स्मार्टफोन की बढ़ती पहुंच और डिजिटल जागरूकता की कमी ने राज्य में ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी को तेजी से बढ़ावा दिया है।

हरियाणा की स्थिति

हरियाणा 3.75 लाख शिकायतों के साथ तीसरे स्थान पर है, लेकिन वह राजस्थान से 43 हजार से अधिक मामलों से पीछे है।

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