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एम्स जोधपुर के डॉक्टर ने आत्महत्या की, ओटी के ब्रेक रूम में मिली लाश

एम्स जोधपुर के डॉक्टर ने आत्महत्या की, ओटी के ब्रेक रूम में मिली लाश एम्स जोधपुर के एक रेजिडेंट डॉक्टर ने मंगलवार को ओटी के ब्रेक रूम के बाथरूम में आत्महत्या कर ली। पुलिस मामले की जांच कर रही है। लाश को पोस्टमार्टम के लि…

Hindustan के अनुसार22 सितंबर 2026 को 06:04 pm बजे
एम्स जोधपुर के डॉक्टर ने आत्महत्या की, ओटी के ब्रेक रूम में मिली लाश

सौजन्य से:- Hindustan

एम्स जोधपुर के डॉक्टर ने आत्महत्या की, ओटी के ब्रेक रूम में मिली लाश

एम्स जोधपुर के एक रेजिडेंट डॉक्टर ने मंगलवार को ओटी के ब्रेक रूम के बाथरूम में आत्महत्या कर ली। पुलिस मामले की जांच कर रही है। लाश को पोस्टमार्टम के लिए रखवाया गया है।

सचिन शर्मा, जयपुर

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) जोधपुर में मंगलवार को प्रथम वर्ष के रेजिडेंट डॉक्टर ने आत्महत्या कर ली। घटना के बाद एम्स प्रशासन ने बासनी थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची तब तक डॉक्टर को मृत घोषित किया जा चुका था। पुलिस ने शव को एम्स की मोर्चरी में रखवाकर परिजनों को सूचना दे दी है। परिजनों के पहुंचने के बाद पोस्टमार्टम कराया जाएगा।

ऑपरेशन थियेटर में थी ड्यूटी

बासनी थानाधिकारी नितिन दवे ने बताया कि अलवर निवासी 31 वर्षीय डॉ. राज नरेश यादव एम्स जोधपुर के एनेस्थीसिया विभाग में प्रथम वर्ष के रेजिडेंट डॉक्टर थे। मंगलवार को उनकी ऑपरेशन थियेटर में ड्यूटी थी। दोपहर में वह ड्यूटी के दौरान ओटी से बाहर निकले थे। करीब डेढ़ से दो घंटे तक वापस नहीं लौटने पर साथी डॉक्टरों को चिंता हुई।

डॉक्टरों ने तोड़ा दरवाजा

साथी डॉक्टरों ने फोन किया लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद साथी डॉक्टरों ने उनकी तलाश शुरू की। वे ओटी कॉम्प्लेक्स के ब्रेक रूम में पहुंचे, जहां बाथरूम का दरवाजा अंदर से बंद था। बाथरूम के भीतर से फोन की आवाज आ रही थी लेकिन फोन कोई उठा नहीं रहा था। काफी देर तक आवाज देने और दरवाजा खटखटाने के बावजूद कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर डॉक्टरों ने दरवाजा तोड़ दिया।

घटना की वजहों की जांच

अंदर डॉ. राज नरेश अचेत अवस्था में मिले। उन्हें इमरजेंसी में ले जाया गया। साथ कर्मचारियों ने डॉ. राज नरेश यादव को बाहर निकालकर सीपीआर दिया और इमरजेंसी उपचार देने की कोशिश की लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। दिल्ली पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या का मामला है। घटना के पीछे के कारणों और परिस्थितियों का अभी पता नहीं चल पाया है।

एम्स प्रशासन भी करेगा जांच

पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी। एम्स प्रशासन भी अपने स्तर पर मामले की जांच करेगा। डॉ. राज नरेश ने एम्स जोधपुर से MBBS किया था। इसके बाद वह दिल्ली चले गए थे। करीब 4 से 5 साल के अंतराल के बाद उन्होंने पीजी की परीक्षा दी। पिछले साल एम्स जोधपुर के एनेस्थीसिया विभाग में दाखिला लिया था। यह उनकी रेजिडेंसी का प्रथम साल था।

घातक दवा का इंजेक्शन लेने का शक

संबंधित थाने के SHO ने कहा कि वॉशरूम में अचेत डॉक्टर के पास कुछ सीरिंज मिलीं। ऐसा संदेह है कि डॉक्टर खुद को कोई घातक दवा का इंजेक्शन लगाया था। मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस ने यादव का मोबाइल फोन कब्जे में ले लिया है। फोरेंसिक टीम की मदद से डिवाइस और अन्य सबूतों की जांच कर रही है।

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