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जोधपुर झाल: प्रकृति की गोद में पक्षियों की अठखेलियों का नया ठिकाना, बेहद खूबसूरत हैं नजारे

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Amar Ujala के अनुसार21 सितंबर 2026 को 06:04 am बजे
जोधपुर झाल: प्रकृति की गोद में पक्षियों की अठखेलियों का नया ठिकाना, बेहद खूबसूरत हैं नजारे

सौजन्य से:- Amar Ujala

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जोधपुर झाल: प्रकृति की गोद में पक्षियों की अठखेलियों का नया ठिकाना, बेहद खूबसूरत हैं नजारे

Mon, 21 Sep 2026 10:33 AM IST

Dhirendra Singh

अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

Published by: Dhirendra Singh

Updated Mon, 21 Sep 2026 10:33 AM IST

सार

आगरा की जोधपुर झाल में प्रवासी पक्षियों ने इस बार तय समय से पहले दस्तक दे दी है। 210 प्रजातियों के पांच हजार से अधिक पक्षियों के संभावित आगमन को देखते हुए वन विभाग ने उनके प्राकृतिक भोजन की उपलब्धता का सर्वे शुरू किया है।

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विस्तार

जोधपुर झाल में प्रवासी पक्षियों ने अभी से दस्तक दे दी है। यहां कई पक्षी आ गए हैं। ऐसे में वन विभाग ने इनके लिए प्राकृतिक भोजन की कमी न रहे, इसके लिए सर्वे शुरू कराया है। इसमें पानी के सर्वे लिए जा रहे हैं। कमी मिलने पर इसमें भोजन की उपलब्धता कराई जाएगी।

जोधपुर झाल में देश-विदेश की 210 प्रजातियों के करीब पांच हजार से अधिक पक्षी आते हैं। अभी नॉर्दर्न पिनटेल, कॉमन टील, गार्गेनी, कॉमन रेडशैंक, स्पॉटेड रेडशैंक, लिटिल रिंग्ड प्लोवर, केंटिश प्लोवर, कॉमन सैंडपाइपर, ग्रीनशैंक और वैगटेल जैसे प्रजातियों की मौजूदगी दर्ज की गई है। सामान्य तौर पर ये 15 अक्तूबर के बाद ही आते हैं। ऐसे में इस बार पक्षियों की संख्या और बढ़ सकती है। इसके लिए वन विभाग ने इनके प्राकृतिक भोजन की कमी न पड़ जाए, इसके लिए सर्वे शुरू कराया है।

बायोडायवर्सिटी रिसर्च एंड डेवलपमेंट सोसाइटी के ईकोलॉजिस्ट डॉ. केपी सिंह ने बताया कि इनका मछली और जलीय जीव प्राकृतिक भोजन है। बीते कुछ वर्षों में कीठम झील से पक्षी आने से प्राकृतिक भोजन पर असर पड़ा था। ऐसे में अक्तूबर तक सर्वे कर मछली एवं अन्य की उपलब्धता देखी जाएगी। इसके लिए पानी के नमूने लिए हैं, अभी चरणबद्ध और लिए जाएंगे, जिससे इसमें मछली के लारवा देखा जाएगा, जिससे इनकी संख्या का आकलन हो सकेगा। कमी पाए जाने पर इनकी उपलब्धता बढ़ाई जाएगी।

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मथुरा के कॉलेज ऑफ फिशरीज साइंस के डीन प्रो. नित्यानंद पांडे ने बताया कि बारिश और अनुकूल मौसम को देखते हुए इस बार पक्षियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। ऐसे में सर्वे के जरिये प्रवासी पक्षियों के पारिस्थितिक तंत्र और खाद्य शृंखला की उपलब्धता का आकलन किया जा रहा है। महीनेभर तक सर्वे चलेगा। इसमें डॉ. अंबरीश सिंह, डॉ. परमवीर सिंह भी रहे।

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जोधपुर झाल में देश-विदेश की 210 प्रजातियों के करीब पांच हजार से अधिक पक्षी आते हैं। अभी नॉर्दर्न पिनटेल, कॉमन टील, गार्गेनी, कॉमन रेडशैंक, स्पॉटेड रेडशैंक, लिटिल रिंग्ड प्लोवर, केंटिश प्लोवर, कॉमन सैंडपाइपर, ग्रीनशैंक और वैगटेल जैसे प्रजातियों की मौजूदगी दर्ज की गई है। सामान्य तौर पर ये 15 अक्तूबर के बाद ही आते हैं। ऐसे में इस बार पक्षियों की संख्या और बढ़ सकती है। इसके लिए वन विभाग ने इनके प्राकृतिक भोजन की कमी न पड़ जाए, इसके लिए सर्वे शुरू कराया है।

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बायोडायवर्सिटी रिसर्च एंड डेवलपमेंट सोसाइटी के ईकोलॉजिस्ट डॉ. केपी सिंह ने बताया कि इनका मछली और जलीय जीव प्राकृतिक भोजन है। बीते कुछ वर्षों में कीठम झील से पक्षी आने से प्राकृतिक भोजन पर असर पड़ा था। ऐसे में अक्तूबर तक सर्वे कर मछली एवं अन्य की उपलब्धता देखी जाएगी। इसके लिए पानी के नमूने लिए हैं, अभी चरणबद्ध और लिए जाएंगे, जिससे इसमें मछली के लारवा देखा जाएगा, जिससे इनकी संख्या का आकलन हो सकेगा। कमी पाए जाने पर इनकी उपलब्धता बढ़ाई जाएगी।

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मथुरा के कॉलेज ऑफ फिशरीज साइंस के डीन प्रो. नित्यानंद पांडे ने बताया कि बारिश और अनुकूल मौसम को देखते हुए इस बार पक्षियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। ऐसे में सर्वे के जरिये प्रवासी पक्षियों के पारिस्थितिक तंत्र और खाद्य शृंखला की उपलब्धता का आकलन किया जा रहा है। महीनेभर तक सर्वे चलेगा। इसमें डॉ. अंबरीश सिंह, डॉ. परमवीर सिंह भी रहे।

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