आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का आंदोलन - एक मांग के लिए कठोर योजना
राजस्थान में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने सरकार के विरोध में प्रदर्शन किया, सरकारी कर्मचारियों को समय पर वेतन मिलने पर सवाल उठाया

सौजन्य से:- ETV Bharat
अजमेर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने भरी हुंकार...एक घंटे कलेक्ट्रेट का घेराव, चेताया- अगला नंबर विधानसभा का
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने कहा कि राज्य सरकार उनकी मांगें अनसुनी कर रही है, लेकिन मांगें माने जाने तक आंदोलन जारी रहेगा.
Published : July 17, 2026 at 7:52 PM IST
अजमेर: हजारों कार्यकर्ता विभिन्न मांगों को लेकर शुक्रवार को आंगनबाड़ी केंद्रों के ताला लगाकर अजमेर शहर की सड़कों पर उतरीं. उनका आरोप था, सरकारी कर्मचारियों को समय से वेतन मिल रहा है लेकिन आंगनबाड़ी कार्यकताओं का मानदेय पहले ही काफी कम है और वह भी समय पर नहीं मिलता है. हजारों कार्यकर्ता रैली के रूप में जिला मुख्यालय पहुंची, जहां एक घंटे कलेक्ट्रेट का घेराव किया. प्रदर्शनकारी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने कहा कि राज्य सरकार उनकी मांगें अनसुनी कर रही है, लेकिन मांगें माने जाने तक आंदोलन जारी रहेगा.
इससे पहले अखिल राजस्थान महिला एवं बाल विकास संयुक्त कर्मचारी संघ के बैनर तले जिले की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रैली के रूप में कलेक्ट्रेट के बाहर पहुंची और सरकार के विरोध में जमकर प्रदर्शन किया. ये आंगनबाड़ी की यूनिफॉर्म में थीं. इनकी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, ग्राम सहायिका एवं ग्राम साथिनी को नियमित करने समेत 14 सूत्रीय मांग है.
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कल्पना पुरोहित ने बताया कि महिला एवं बाल विकास की सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताएं, सहायिकाएं और ग्राम साथिनी सरकार के समक्ष मांगें रखने आई है. राज्य सरकार को चाहिए कि हमारी सुध ले. ग्रामीणों के बच्चों को संभालना और पोषाहार देने का काम कार्यकर्ता कर रही हैं. सरकार को समझना चाहिए कि यदि हम रुक गई तो सरकार की योजनाएं भी थम जाएगी. इसके बावजूद भी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की लंबित मांगों की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं. सरकार कोई सकारात्मक कदम नहीं उठा रही है.
पढ़ें: आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का आरोप-सीएम की सभाओं में भीड़ बढ़ाने को बसों में भरकर ले जाते हैं...
मानदेय पर आनाकानी: पुरोहित ने बताया कि वर्तमान में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 10 हजार रुपए वेतन मिलता है. इनमें 60 फीसदी राज्य और 40 प्रतिशत केंद्र का हिस्सा होता है. बजट का हवाला देकर समय पर मानदेय नहीं दिया जाता. सरकार के पास केवल महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए बजट नहीं है, जबकि उनके एक लाख रुपए मासिक वेतन वाले कर्मियों को वक्त पर सैलरी दी जा रही है.
आंदोलन रहेगा जारी : महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष रामप्रसाद शर्मा ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, ग्राम सहायिका और ग्राम साथिनी को नियमित करना चाहिए. ऐसा नहीं कर पा रही तो सरकार को इनका मानदेय 10 हजार से बढ़ाकर कम से कम 28 हजार किया जाए. महासंघ की मांग पूरी नहीं होती है तब तक आंदोलन जारी रहेगा. इसके तहत राज्य की आंगनबाड़ियों पर तालाबंदी रहेगी. सरकार के साथ वार्ता जयपुर में चल रही है, यदि इसका सकारात्मक परिणाम नहीं आता है तो प्रदेश भर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ही नहीं ग्राम सहायिका और ग्राम साथिनी पैदल जयपुर कूच करेंगी और विधानसभा का घेराव करेंगे.
Powered by Reporting Rajasthan Files
संबंधित ख़बरें

राजस्थान में मस्जिदों-मदरसों पर बुलडोजर एक्शन: सुप्रीम कोर्ट ने लगाई अंतरिम रोक, कानूनी लड़ाई जारी रहेगी

EV चलाने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी, दिल्ली-जयपुर हाईवे पर बनेगा एडवांस चार्जिंग नेटवर्क

गहलोत ने भाजपा सरकार की मंशा पर सवाल उठाए, कहा-संवैधानिक संस्थाओं को बना रही पंगु


