राजस्थान निकाय चुनाव: कुचेरा को बनाया छावनी, दूनी से पार्षद गायब! बीजेपी पर लगे 'लोकतंत्र लूटने' के आरोप
राजस्थान निकाय चुनावों में बाड़ेबंदी के बीच पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने भजनलाल सरकार पर पुलिस प्रशासन के जरिए लोकतंत्र की लूट का आरोप लगाया। उन्होंने नागौर के कुचेरा में पुलिस छावनी बनाने, दूनी की महिला पार्षद के अ…

सौजन्य से:- Navbharat Times
राजस्थान निकाय चुनावों में बाड़ेबंदी के बीच पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने भजनलाल सरकार पर पुलिस प्रशासन के जरिए लोकतंत्र की लूट का आरोप लगाया। उन्होंने नागौर के कुचेरा में पुलिस छावनी बनाने, दूनी की महिला पार्षद के अपहरण और झुंझुनूं-अलवर-सीकर में पार्षदों पर दबाव बनाने के मामले उजागर किए। आगे जानिए डोटासरा ने क्या-क्या आरोप लगाए।
जयपुर: राजस्थान में महापौर, सभापति और पालिका अध्यक्ष चुनाव को लेकर बाड़ेबंदी से सियासत जमकर गरमाई हुई है। बीजेपी की बाड़ेबंदी को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा लगातार हमले कर रहे हैं। उन्होंने पार्षदों पर पुलिस के दबाव बनाने के आधा दर्जन से अधिक मामले गिनाए। उन्होंने नागौर को लेकर एक वीडियो शेयर किया। जिसमें उन्होंने लिखा कि भाजपा ने लोकतंत्र लूटने के लिए नागौर के कुचेरा को पुलिस की छावनी बना दिया है, जो शर्मनाक है। डोटासरा ने बीजेपी पर लोकतंत्र की मर्यादा तार-तार करने का आरोप लगाया है। यहां जानिए डोटासरा ने कौन-कौन से मामले उठाए।
नागौर में बताया लोकतंत्र लूटने का प्रयास
डोटासरा ने अपने X अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया। जिसमें काफी संख्या में पुलिस की गाड़ियां और पुलिसकर्मी दिखाई दे रहे हैं। इसके साथ उन्होंने बीजेपी सरकार को भी जमकर घेरा है। उन्होंने लिखा कि 'भाजपा ने लोकतंत्र लूटने के लिए नागौर के कुचेरा को पुलिस की छावनी बना दिया है। सत्ता के नशे में भाजपा सरकार लोकतंत्र की सारी मर्यादाएं तार-तार करने पर उतारू है। कल कांग्रेस के अध्यक्ष प्रत्याशी तेजपाल मिर्धा जी पर हमला और पार्षदों को जबरन ले जाने के प्रयास किए गए और अब कांग्रेस के निर्वाचित पार्षद निंबाराम जी को ले जाने के लिए भारी पुलिस बल भेजा गया है।
दबाव और पुलिस कार्रवाई किसके इशारे पर?
हद तो ये है कि पार्षद को ले जाने के लिए उनके किसी दूर के रिश्तेदार से FIR दर्ज करवाई गई है, जबकि स्वयं पार्षद निंबाराम जी और उनकी पत्नी वीडियो जारी कर साफ कह चुके हैं कि वे कांग्रेस के साथ हैं। फिर आखिर ये दबाव और पुलिसिया कार्रवाई किसके इशारे पर और किस मकसद से हो रही है? आखिर ये किस तरह का लोकतंत्र है? पुलिस और प्रशासनिक तंत्र का इस तरह इस्तेमाल लोकतांत्रिक जनादेश पर सीधा हमला है। मैं कांग्रेस के हर कार्यकर्ता से अपील करता हूं कि एकजुट रहें, मजबूती से खड़े रहें और सत्ता के दबाव के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से आवाज बुलंद करें। भाजपा जान लें.. न कुचेरा झुकेगा, न ही जनादेश बिकेगा।
झुंझुनू में पुलिस की जबरन रेड
बीजेपी की बाड़ेबंदी को लेकर डोटासरा ने झुंझुनू जिले का मामला भी उठाया। इस मामले में झुंझुनू के मंडावा में कांग्रेस पार्षदों पर पुलिस ने जबरन दबाव बनाया। कांग्रेस पार्षद जहां एकत्रित हुए वहां पुलिस ने जबरन रेड डाली। इस दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर काफी वीडियो वायरल हुआ। इस मामले को लेकर डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने वीडियो शेयर किया। साथ ही भजनलाल सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया।
मंडावर, अलवर और सीकर के मामले भी उठाए
इसी तरह डोटासरा ने मंडावर, अलवर और सीकर जिले के तीन अलग-अलग मामले भी उठाए, जहां भी उन्होंने पार्षदों पर पुलिस के जरिए दबाव बनाने का आरोप लगाया। मंडावर में पार्षद के परिजन को पुलिस द्वारा ले जाने पर वहां के विधायक ललित यादव ने धरना दिया। अलवर में भी इसी तरह के घटनाक्रम पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने अपना विरोध दर्ज कराया। सीकर जिले में भी जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुनीता गठाला के निवास पर पुलिस ने पहुंचकर दबाव बनाया। इसको लेकर भी डोटासरा ने सरकार पर जमकर हमला किया। उन्होंने करौली, सपोटरा समेत स्थानों का भी उल्लेख करते हुए पार्षदों पर पुलिस द्वारा दबाव बनाने का आरोप लगाया।
पुलिस पर दूनी की महिला पार्षद के अपहरण का आरोप
राजस्थान में बीजेपी की बाड़ेबंदी को लेकर कई विरोध के स्वर देखने को मिल रहे हैं। टोंक जिले के दूनी नगर पालिका की महिला वार्ड पार्षद अर्चना के परिजनों ने पुलिस पर उनके अपहरण का आरोप लगाया। इसको लेकर बीजेपी पार्षद अर्चना के परिजन कांग्रेस के वॉर रूम पहुंचे, जहां उन्होंने मीडिया की मौजूदगी में रोते हुए गुहार लगाई। इस मामले में आज कांग्रेस प्रदर्शन करेगी। इसको लेकर डोटासरा ने प्रदेश की जिला कांग्रेस कमेटी को निर्देश दिए है कि सभी जिले के एसपी को प्रशासन के निकाय चुनाव में विधि विरुद्ध हस्तक्षेप को रोकने के लिए और इसकी निंदा करते हुए एक ज्ञापन प्रस्तुत करेंगे।
लेखक के बारे मेंपुलकित सक्सेनापुलकित सक्सेना नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में डिजिटल कंटेट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। वह साल 2022 नवंबर महीने से नवभारत टाइम्स की डिजिटल विंग से जुड़े। वर्तमान में राजस्थान के लिए काम करते हैं। 2019 में पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली के नेशनल टीवी चैनल में इनपुट डेस्क से की। बीते 7 सालों में टेलीविजन से लेकर सोशल मीडिया और अब डिजिटल मीडिया में काम कर रहे हैं। वर्तमान में नवभारत टाइम्स में डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर की भूमिका में कार्यरत हैं।
राजस्थान की राजनीति, क्राइम, करंट अफेयर्स और ऑफ बीट खबरों पर नजर रखना पुलकित सक्सेना की पहली प्राथमिकता रहती है।
विशेषज्ञता- राजनीति, क्राइम, एनलिसिस, सियासी उठा पटक को कवर करना।
पत्रकारिता अनुभव: 7 साल से कार्यरत
पुलकित सक्सेना ने साल 2017 में जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन पूरी की। साल 2019 में देश की प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी से दिल्ली में प्रथम श्रेणी से पोस्ट ग्रेजुएशन पत्रकारिता में किया। इसके बाद साल 2019 में दिल्ली से टीवी 100 न्यूज चैनल से पत्रकारिता की शुरुआत की। इसके बाद राजस्थान के यूट्यूब न्यूज चैनल में एंकरिंग, पैकेज क्रिएशन और सोशल मीडिया हैंडल के लिए सक्रियता से काम किया। साल 2022 के नवंबर महीने में वह नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में जुड़े। वर्तमान में बीते तीन साल से वह नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में डिजिटल कंटेट प्रोड्यूसर की भूमिका निभा रहे हैं।... और पढ़ें
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