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जोधपुर में महापौर की कुर्सी पर घमासान: निर्दलीय पार्षद निर्मला नायक सपरिवार गायब, भाजपा विधायक पर बंदी बनाने का आरोप, कांग्रेस थाने पहुंची

जोधपुर में महापौर की कुर्सी पर घमासान: निर्दलीय पार्षद निर्मला नायक सपरिवार गायब, भाजपा विधायक पर बंदी बनाने का आरोप, कांग्रेस थाने पहुंची जोधपुर नगर निगम चुनाव में निर्दलीय पार्षद निर्मला नायक के गायब होने पर सियासी घमा…

ETV Bharat के अनुसार17 सितंबर 2026 को 03:04 am बजे
जोधपुर में महापौर की कुर्सी पर घमासान: निर्दलीय पार्षद निर्मला नायक सपरिवार गायब, भाजपा विधायक पर बंदी बनाने का आरोप, कांग्रेस थाने पहुंची

सौजन्य से:- ETV Bharat

जोधपुर में महापौर की कुर्सी पर घमासान: निर्दलीय पार्षद निर्मला नायक सपरिवार गायब, भाजपा विधायक पर बंदी बनाने का आरोप, कांग्रेस थाने पहुंची

जोधपुर नगर निगम चुनाव में निर्दलीय पार्षद निर्मला नायक के गायब होने पर सियासी घमासान मचा. कांग्रेस ने भाजपा पर बंधक बनाने का आरोप लगाया.

Published : September 17, 2026 at 7:19 AM IST

|Updated : September 17, 2026 at 7:38 AM IST

जोधपुर : नगर निगम चुनाव के परिणाम सामने आने के बाद शहर की सियासत में जबरदस्त भूचाल आ गया है. चुनाव परिणामों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस दोनों ही दलों को बराबर 44-44 सीटें मिलने के बाद महापौर (मेयर) पद की चाबी अब पूरी तरह से निर्दलीय पार्षदों के हाथों में आ गई है. नगर निगम में अपना बोर्ड बनाने और मेयर की कुर्सी पर कब्जा जमाने के लिए दोनों दलों के बीच एक-एक निर्दलीय पार्षद को अपने पाले में लाने की होड़ मची हुई है. इसी सियासी खींचतान के बीच वार्ड संख्या 76 से निर्दलीय के रूप में चुनाव जीतने वाली पार्षद निर्मला नायक के कथित रूप से सपरिवार गायब होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने जोधपुर की राजनीति में हलचल मचा दी है.

जीत के जश्न के बीच गायब हुईं पार्षद : मामला उस समय भड़का जब कांग्रेस नेताओं ने वार्ड 76 से नव-निर्वाचित निर्दलीय पार्षद निर्मला नायक से समर्थन के सिलसिले में संपर्क साधने की कोशिश की. परिजनों से बातचीत में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि निर्मला नायक पिछले 24 घंटे से भी ज्यादा समय से अपने परिवार सहित घर पर नहीं हैं. निर्मला के ससुर लक्ष्मण नायक ने पुलिस को दिए अपने लिखित परिवाद में बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं.

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लक्ष्मण नायक के मुताबिक, चुनाव जीतने के तुरंत बाद जब घर पर जीत का जश्न मनाया जा रहा था, उसी दौरान निर्मला की अचानक तबीयत बिगड़ गई. इस बीच आईदान और जगदीश नामक दो व्यक्ति निर्मला, उनके पति लोकेश नायक और मासूम पौत्री प्राची को डॉक्टर के पास ले जाने की बात कहकर अपनी निजी कार में बैठाकर ले गए. जब काफी देर बीत जाने के बाद भी वे लोग वापस नहीं लौटे, तो लक्ष्मण नायक ने जगदीश के मोबाइल पर फोन कर पूछताछ की. फोन पर जगदीश ने उन्हें बताया कि वे सभी लोग रातानाडा स्थित शहर विधायक अतुल भंसाली के फ्लैट पर मौजूद हैं.

परिवाद की जांच जारी, तथ्यों के आधार पर होगा मुकदमा : इधर पूरे मामले पर एयरपोर्ट थानाधिकारी भारत रावत ने बताया कि पाबूपुरा निवासी लक्ष्मण नायक की ओर से एक लिखित परिवाद प्राप्त हुआ है. परिवाद में उल्लेख है कि 14 सितंबर को दो लोग उनकी पुत्रवधू और पुत्र को गाड़ी में बैठाकर ले गए थे, जिसके बाद से संपर्क नहीं हो पाया है. थानाधिकारी ने स्पष्ट किया कि पुलिस ने परिवाद दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. सभी तथ्यों और बयानों की गहनता से पड़ताल की जा रही है, जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही आगे वैधानिक कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी.

भाजपा विधायक पर बंधक बनाने का शक : परिवाद में आगे बताया गया कि जब लक्ष्मण नायक शहर विधायक के फ्लैट पर पहुंचे, तो विधायक अतुल भंसाली ने उन्हें आश्वस्त करते हुए कहा कि उनकी पुत्रवधू, बेटा और पौत्री पूरी तरह से सुरक्षित स्थान पर हैं और जल्द ही घर पहुंच जाएंगे, इसलिए चिंता की कोई बात नहीं है. लेकिन परिजनों का आरोप है कि 16 सितंबर बीत जाने के बाद भी तीनों में से कोई भी घर नहीं लौटा. इस बीच केवल एक बार किसी अनजान नंबर से फोन पर बात कराई गई, जिसमें भी जल्द लौटने का भरोसा दिया गया. लक्ष्मण नायक ने स्पष्ट तौर पर आशंका जताई है कि शहर विधायक अतुल भंसाली और उनके अन्य सहयोगियों ने मिलकर महापौर चुनाव में समर्थन हासिल करने की नीयत से उनकी पुत्रवधू, बेटे और पौत्री को जबरन बंधक बना रखा है.

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कांग्रेस नेताओं ने लगाए पक्षपात के आरोप : निर्दलीय पार्षद के लापता होने की सूचना मिलते ही कांग्रेस का शीर्ष स्थानीय नेतृत्व सक्रिय हो गया. बुधवार देर रात कांग्रेस नेता और पूर्व जेडीए अध्यक्ष राजेंद्र सिंह सोलंकी, जोधपुर शहर की पूर्व विधायक मनीषा पंवार और वरिष्ठ नेता करण सिंह उचियारड़ा पार्षद के ससुर लक्ष्मण नायक को लेकर एयरपोर्ट थाने पहुंचे. कांग्रेस नेताओं ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल प्रभाव से नामजद एफआईआर दर्ज करने और पार्षद की सुरक्षित बरामदगी की मांग की. थाने में घंटों तक जोरदार बहस और गहमागहमी का माहौल बना रहा. इसी भारी तनाव और मानसिक दबाव के चलते थाने में ही बुजुर्ग लक्ष्मण नायक की अचानक तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें तुरंत शहर के मथुरादास माथुर (एमडीएम) अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया गया.

कांग्रेस नेता करण सिंह उचियारड़ा ने मौके से ही राज्य निर्वाचन आयुक्त को फोन मिलाकर वस्तुस्थिति से अवगत कराया. निर्वाचन आयुक्त के निर्देश पर बाद में जिला कलेक्टर ने कांग्रेस नेताओं से बात की. करण सिंह ने प्रशासन पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पुलिस कमिश्नर फोन तक नहीं उठा रहे हैं और समूचा प्रशासनिक अमला भाजपा के दबाव में काम कर रहा है. वहीं पूर्व जेडीए अध्यक्ष राजेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि प्रदेश भर में जनादेश का अपहरण करने के लिए प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग किया जा रहा है और पीड़ितों की थाने में सुनवाई तक नहीं हो रही है.

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महापौर बनाने के लिए चाहिए समर्थन : जोधपुर नगर निगम के इस पूरे सियासी घमासान की जड़ यहां के चुनावी आंकड़े हैं. नगर निगम के कुल वार्डों में से कांग्रेस और भाजपा दोनों को ही बराबर 44-44 सीटें मिली हैं. वहीं 10 सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशी और 1 सीट पर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के उम्मीदवार ने जीत दर्ज की है. ऐसे में किसी भी पार्टी को महापौर की कुर्सी तक पहुंचने और अपना स्पष्ट बोर्ड बनाने के लिए कम से कम 6 से 7 निर्दलीय पार्षदों के समर्थन की अनिवार्य आवश्यकता है. संख्याबल के इस बेहद नजदीकी खेल में एक-एक निर्दलीय पार्षद का रुख निर्णायक साबित होने वाला है.

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