यमुना जल परियोजना पर दिल्ली में आज महाबैठक, सीएम भजनलाल, सीएम सैनी और केंद्रीय मंत्री सी.आर. पाटिल होंगे शामिल
यमुना जल परियोजना पर दिल्ली में आज महाबैठक, सीएम भजनलाल, सीएम सैनी और केंद्रीय मंत्री सी.आर. पाटिल होंगे शामिल आज दिल्ली में केंद्रीय मंत्री सी.आर. पाटिल, राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा और हरियाणा के सीएम की उच्चस्तरीय बै…

सौजन्य से:- ETV Bharat
यमुना जल परियोजना पर दिल्ली में आज महाबैठक, सीएम भजनलाल, सीएम सैनी और केंद्रीय मंत्री सी.आर. पाटिल होंगे शामिल
आज दिल्ली में केंद्रीय मंत्री सी.आर. पाटिल, राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा और हरियाणा के सीएम की उच्चस्तरीय बैठक होगी.
Published : June 23, 2026 at 9:01 AM IST
जयपुर : राजस्थान की राजनीति और विकास की दिशा बदलने वाली 'यमुना जल परियोजना' अब अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है. इस बहुप्रतीक्षित परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए आज यानी मंगलवार को नई दिल्ली में एक बेहद महत्वपूर्ण और उच्चस्तरीय बैठक होने जा रही है. बैठक में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी एक साथ बैठेंगे.
इस महामंथन का मुख्य उद्देश्य परियोजना से जुड़े मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट (MoA) को अंतिम रूप देना है, जिससे लंबे समय से अटके इस काम को रफ्तार मिल सके. सरकारी स्तर पर इसे केवल एक जल परियोजना नहीं बल्कि शेखावाटी क्षेत्र की भविष्य की जल सुरक्षा और राजनीतिक रूप से बड़े संदेश वाले कदम के रूप में देखा जा रहा है. राजस्थान सरकार इस बैठक को विकास, अंतरराज्यीय समन्वय और केंद्र-राज्य तालमेल के मॉडल के तौर पर पेश करने की तैयारी में है.
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यमुना जल पर दिल्ली में मंथन : राजनीतिक नजरिए से देखें तो शेखावाटी क्षेत्र लंबे समय से पेयजल संकट और जल संसाधनों की सीमाओं से जूझता रहा है. ऐसे में यदि परियोजना जमीन पर आगे बढ़ती है तो इसका सीधा असर क्षेत्र के लाखों लोगों और कृषि अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है. सरकार इसे ग्रामीण विकास, किसान हित और क्षेत्रीय संतुलन से जोड़कर देख रही है. भजनलाल सरकार के लिए यह बैठक इसलिए भी अहम मानी जा रही है, क्योंकि सत्ता संभालने के बाद सरकार ने कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर और संसाधन आधारित प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता में रखा है. यमुना जल परियोजना उनमें प्रमुख मानी जा रही है. सरकार का प्रयास है कि लंबे समय से लंबित मुद्दों को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने का संदेश दिया जाए.
तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं पर चर्चा: सीएम के दिल्ली दौरे को लेकर मुख्यमंत्री कार्यकाल से दी गई जानकारी के अनुसार बैठक में एमओए से जुड़े तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं पर चर्चा होगी, ताकि परियोजना की क्रियान्विति को गति दी जा सके. हरियाणा और राजस्थान सरकार की ओर से संयुक्त डीपीआर तैयार कर इसे पहले ही केंद्रीय जल आयोग के साथ साझा किया जा चुका है. यदि परियोजना तय समय में आगे बढ़ती है तो शेखावाटी क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति के साथ किसानों को भी अतिरिक्त जल उपलब्ध होने की उम्मीद है. राजनीतिक तौर पर भी यह परियोजना आने वाले समय में सरकार के विकास एजेंडे का प्रमुख चेहरा बन सकती है. बैठक में केंद्र सरकार, राजस्थान जल संसाधन विभाग और हरियाणा सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे.
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