जयपुर मेयर चुनाव में क्या है कांग्रेस का सप्राइज प्लान?: अब तक नहीं खोले पत्ते, लेकिन अंदरखाने तैयारी पूरी
जयपुर मेयर चुनाव में क्या है कांग्रेस का सप्राइज प्लान?: अब तक नहीं खोले पत्ते, लेकिन अंदरखाने तैयारी पूरी जयपुर मेयर चुनाव में भाजपा बहुमत के आंकड़े से आगे है, फिर भी कांग्रेस ने पत्ते नहीं खोले। सूत्रों के मुताबिक आज न…

सौजन्य से:- Amar Ujala
जयपुर मेयर चुनाव में क्या है कांग्रेस का सप्राइज प्लान?: अब तक नहीं खोले पत्ते, लेकिन अंदरखाने तैयारी पूरी
जयपुर मेयर चुनाव में भाजपा बहुमत के आंकड़े से आगे है, फिर भी कांग्रेस ने पत्ते नहीं खोले। सूत्रों के मुताबिक आज नामांकन के आखिरी दिन पार्टी चौंकाने वाला कदम उठा सकती है। इसके लिए सुबह 10 बजे कांग्रेस की बेहद अहम बैठक होगी...
विस्तार
जयपुर मेयर चुनाव में भाजपा का नंबर गेम मजबूत है, लेकिन कांग्रेस ने मुकाबले से बाहर रहने के बजाय आखिरी वक्त पर ऐसा कदम उठाने की तैयारी कर ली है, जिसका अब तक खुलकर ऐलान नहीं किया गया। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस आज नामांकन के आखिरी दिन अपना प्रत्याशी उतार सकती है।
जयपुर नगर निगम के मेयर चुनाव में तस्वीर अचानक दिलचस्प हो गई है। 150 सदस्यीय निगम में भाजपा के पास 78 पार्षद हैं, जबकि री-पोल के बाद कांग्रेस की संख्या बढ़कर 57 हो गई है। भाजपा बहुमत के 76 के आंकड़े से दो सीट ऊपर है। ऐसे में सामान्य तौर पर मेयर चुनाव का गणित भाजपा के पक्ष में दिखाई देता है।
लेकिन कांग्रेस ने अभी तक सार्वजनिक तौर पर अपने मेयर प्रत्याशी के नाम का ऐलान नहीं किया है। इसके बावजूद पार्टी के भीतर प्रत्याशी उतारने की तैयारी चल रही है। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस आज नामांकन के आखिरी दिन अपना उम्मीदवार मैदान में उतारने की तैयारी कर चुकी है। इसके लिए सुबह 10 बजे कांग्रेस मुख्यालय में अहम बैठक बुलाई गई है। ऐसे में सवाल यही है कि आखिर भाजपा के स्पष्ट बहुमत के बावजूद कांग्रेस इस चुनाव को सीधे मुकाबले में क्यों बदलना चाहती है?
57 पार्षदों के साथ क्या है कांग्रेस का गणित?
कांग्रेस के पास फिलहाल 57 पार्षद हैं। उसके अलावा निगम में 15 निर्दलीय पार्षद भी हैं। हालांकि इन दोंनों नंबर्स को शामिल कर लिया जाए तब भी बहुमत बीजेपी के पक्ष में ही है। लेकिन कांग्रेस नेताओं की ओर से यह दावा किया जा रहा है कि कुछ भाजपा पार्षद भी उसके संपर्क में हैं। पार्टी के मुख्य सचेतक रफीक खान ने भी ऐसे पार्षदों के समर्थन का दावा किया है। निकाय चुनावों में क्रॉस वोटिंग भी बड़ा मुद्दा रहा है। ऐसे में बीजेपी के लिए भी बड़ा खतरा बरकरार है।
पुलिस कमिश्नर से शिकायत, पार्षदों की सुरक्षा का मुद्दा
जयपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी ने पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन देकर महापौर चुनाव के दौरान अपने पार्षदों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि निकाय चुनाव की मतगणना के दौरान उसके प्रत्याशियों के साथ धक्का-मुक्की और पुलिस दुर्व्यवहार हुआ। पार्टी को आशंका है कि मेयर चुनाव से पहले भी पार्षदों पर दबाव बनाया जा सकता है।
ज्ञापन में कांग्रेस ने मांग की है कि पार्षदों को मतदान के लिए आने-जाने, निगम परिसर में प्रवेश करने और मतदान करने के दौरान सुरक्षा मिले। साथ ही पुलिस की ओर से किसी पार्षद को धमकाने या हिरासत में लेने जैसी स्थिति नहीं होनी चाहिए।
भाजपा का 78 का आंकड़ा, कांग्रेस की नजर किस पर?
भाजपा के 78 पार्षद होने के कारण वह बहुमत के आंकड़े से ऊपर है। कांग्रेस के 57 पार्षद हैं और 15 निर्दलीय पार्षदों की भूमिका भी इस राजनीतिक गणित में महत्वपूर्ण हो सकती है।
यही वजह है कि कांग्रेस के प्रत्याशी उतारने की संभावित रणनीति ने चुनाव को अचानक चर्चा में ला दिया है। अगर कांग्रेस नामांकन करती है तो मुकाबला सिर्फ दो दलों के उम्मीदवारों का नहीं रहेगा, बल्कि निगाहें उन पार्षदों पर भी रहेंगी जिनके रुख को लेकर दोनों खेमों में दावे किए जा रहे हैं।
इनका कहना है-
जयपुर मेयर इलेक्शन में कांग्रेस अपना प्रत्याशी खड़ा करने जा रही है। अभी 3-4 नामों को लेकर बातचीत चल रही है। जैसे ही फाइनल होता है हम घोषणा कर देंगे।
रफीक खान- कांग्रेस विधायक
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