अजमेर कांग्रेस में घमासान: महिला कांग्रेस अध्यक्ष ने टिकट कटने पर जताया विरोध, बीजेपी में गए ब्लॉक कांग्रेस प्रवक्ता
अजमेर कांग्रेस में घमासान: महिला कांग्रेस अध्यक्ष ने टिकट कटने पर जताया विरोध, बीजेपी में गए ब्लॉक कांग्रेस प्रवक्ता ब्लॉक कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि वे 30 वर्षों से कांग्रेस की सेवा करते आए हैं, लेकिन पार्टी ने उन्हें…

सौजन्य से:- ETV Bharat
अजमेर कांग्रेस में घमासान: महिला कांग्रेस अध्यक्ष ने टिकट कटने पर जताया विरोध, बीजेपी में गए ब्लॉक कांग्रेस प्रवक्ता
ब्लॉक कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि वे 30 वर्षों से कांग्रेस की सेवा करते आए हैं, लेकिन पार्टी ने उन्हें सम्मान नहीं दिया.
Published : September 3, 2026 at 5:41 PM IST
अजमेर: नगर निगम चुनाव का बिगुल बज चुका है. नामांकन के आखिरी दिन तक कांग्रेस और भाजपा डैमेज कंट्रोल में लगी हुई है. दोनों ही पार्टियों में फूट साफ दिख रही है और टिकट नहीं मिलने से कार्यकर्त्ता की नाराजगी भी नजर आ रही है. पिछली बार कांग्रेस की पार्षद और महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष लक्ष्मी बुन्देल तक का टिकट काट दिया गया. इससे नाराज लक्ष्मी बुन्देल कांग्रेस की सहप्रभारी और शहर अध्यक्ष के सामने फफक–फफक रोई और अपने समर्थकों के साथ विरोध भी जताया.
लक्ष्मी बुन्देल ने सिंबल आने से पहले ही कांग्रेस से नामांकन दाखिल किया था. लेकिन कांग्रेस का सिंबल किसी और को आवंटित कर दिया गया. इसके चलते उनका नामांकन खारिज हो गया. टिकट कटने से नाराज लक्ष्मी बुन्देल ने समर्थकों के साथ कांग्रेस कार्यालय में सह प्रभारी रूबी खान और शहर अध्यक्ष डॉ राजकुमार जयपाल के सामने अपना विरोध जताया और फूट–फूट कर रो पड़ीं. बुंदेल ने साफ कहा कि वे चुप नहीं बैठेंगी. 'लड़की हूं लड़ सकती हूं' का नारा कांग्रेस ने ही दिया है, तो इसे साबित करके दिखाएंगी और शीर्ष नेतृत्व तक मामले को पहुंचाएंगी. उनका यह भी आरोप है कि अजमेर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के लिए उन्हें दावेदार माना जा रहा है, इसलिए द्वेषतापूर्वक टिकट काटा गया. इसका खामियाजा वार्ड में कांग्रेस को भुगतना पड़ेगा.
'सामान्य वर्ग के कार्यकर्ता कहां जाएं': कमोबेश यही नाराजगी ब्लॉक कांग्रेस प्रवक्ता बृज किशोर जोशी को भी है. जोशी ने अपने पुत्र यश जोशी के लिए पहली बार कांग्रेस से टिकट मांगा था. जोशी का आरोप था कि सामान्य वार्ड होने के बावजूद कांग्रेस ने सामान्य वर्ग के कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को दरकिनार करते हुए दलित व्यक्ति को मैदान में उतारा है. ऐसे में सामान्य वर्ग के कार्यकर्ता कहां जाएंगे. उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सामान्य वर्ग के प्रति विरोधी नीति से क्षुब्ध होकर उन्होंने और उनके पुत्र ने भाजपा का दामन पकड़ लिया. उन्होंने कहा कि 30 वर्षों से वे कांग्रेस में रहकर पार्टी की सेवा करते आए हैं, लेकिन पार्टी ने उन्हें सम्मान नहीं दिया. यश जोशी ने भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में अपना नामांकन भी वापस ले लिया है.
पढ़ें: महिला मेयर सीट: अजमेर में कांग्रेस–भाजपा और निर्दलीय प्रत्याशियों की नजर इसी पर, रोचक होगा मुकाबला
'पार्टी छोड़ने वाले को नहीं रोका जाएगा': कांग्रेस की सह प्रभारी रूबी खान ने कहा कि पार्टी का टिकट एक को हो मिल सकता है. अन्य दावेदारों की नाराजगी जायज है. उन्हें समझाया जा रहा है. डैमेज कंट्रोल अच्छी तरह से हो रहा है. अजमेर की जनता इस बार नगर निगम में कांग्रेस को लाना चाहती है. खान ने कहा कि राहुल गांधी पहले ही कह चुके हैं कि जिनको कांग्रेस छोड़कर जाना है, वह चले जाएं और यदि कोई वापस आते हैं, तो उनका स्वागत है. सुबह का भुला यदि शाम को घर लौटता है, तो उसे भूला नहीं कहते. पार्टी छोड़कर जाने वाले को नहीं रोका जायेगा और ना ही आने वाले को मना किया जाएगा.
रूठों को मनाने का क्रम जारी है: शहर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ राजकुमार जयपाल ने कहा कि कांग्रेस एकजुट है और मजबूती से चुनाव लड़ रही है. निर्दलीय नामांकन दाखिल करने वाले कई कांग्रेस के कार्यकर्ता वापस कांग्रेस के पक्ष में नाम वापस ले रहे हैं. टिकट नहीं मिलने से नाराज कार्यकर्ताओं को मनाया जा रहा है. निश्चित रूप से वे कांग्रेस के साथ हैं.
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