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दबिश से पहले शराब तस्करों को पुलिस लोकेशन बताता था एएसआई, बर्खास्त - Jaipur News

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Dainik Bhaskar के अनुसार23 सितंबर 2026 को 01:05 am बजे
दबिश से पहले शराब तस्करों को पुलिस लोकेशन बताता था एएसआई, बर्खास्त - Jaipur News

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar

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दबिश से पहले शराब तस्करों को पुलिस लोकेशन बताता था एएसआई, बर्खास्त

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सरकारी पद का इस्तेमाल कर भ्रष्टाचार से संपत्ति जुटाने और फिर उस काली कमाई को वैध दिखाने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार करने के मामले में जोधपुर महानगर सीबीआई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। सैन्य इंजीनियर सेवा (एमईएस) के पूर्व अधिकारी राकेश कुमार बंसल और उनकी प|ी रश्मि बंसल को भ्रष्टाचार एवं आय से अधिक संपत्ति के बहुचर्चित मामले में दोषी करार दिया है। विशेष न्यायाधीश भूपेंद्रकुमार सनाढ्य ने जयपुर स्थित मालवीय नगर निवासी राकेश बंसल को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(2) सपठित धारा 13(1)(ई) के तहत 3 वर्ष के साधारण कारावास और 75 लाख रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। आपराधिक षड्यंत्र के आरोप में प|ी रश्मि को 6 माह जेल की सजा सुनाई। 114 पृष्ठों के फैसले में अदालत ने फर्जी बिक्री समझौते, कूटरचित सोने के बिल और झूठे साक्ष्य से जुड़े अपराधों पर भी अलग-अलग सजा सुनाई है।

75 लाख का जुर्माना, प|ी को भी छह माह की सजा

विभागीय जांच में आरोप प्रमाणित; 1 साल से सस्पेंड था, आईजी ने दिए आदेश

अजमेर| अंतरराज्यीय शराब तस्करों को पुलिस की लोकेशन बताने के आरोपी एएसआई रणवीर सिंह को आईजी अजमेर रेंज डॉ. रवि ने सेवा से बर्खास्त कर दिया है। रणवीर सिंह पिछले एक साल से निलंबित चल रहा था। तत्कालीन एसपी की जांच में दोषी पाए जाने के बाद उसे निलंबित किया गया था। इसके बाद हुई विभागीय जांच में भी आरोप प्रमाणित हुए। इसके आधार पर बर्खास्तगी के आदेश जारी किए गए हैं। आदेश सोमवार को जारी किए गए थे, लेकिन उन्हें मंगलवार को सार्वजनिक किया गया। आईजी के मुताबिक जांच में दोष प्रमाणित पाए गए हैं। ऐसे व्यक्ति राजस्थान पुलिस सेवा में नहीं होने चाहिए।

दबिश देने वाली टीम की लोकेशन तस्करों से शेयर की:

आईजी ऑफिस के मुताबिक 1 अगस्त 2024 को पाली जिला पुलिस ने पाली शहर के ट्रांसपोर्ट नगर से नंदसिंह नाम के आरोपी को शराब तस्करी के 2022 के पुराने मामले में पकड़ा था। पूछताछ और पुलिस जांच में साइबर सेल में तैनात एएसआई रणवीर सिंह का नाम सामने आया। तत्कालीन पाली एसपी ने इसकी जानकारी अजमेर एसपी वंदिता राणा को दी। इसके बाद तत्कालीन एएसपी ग्रामीण दीपक शर्मा ने प्रारंभिक जांच की। रिपोर्ट में आरोप सही पाए जाने के बाद 2025 में विभागीय जांच शुरू की गई। आईजी ऑफिस ने विभागीय जांच की जिम्मेदारी भीलवाड़ा के तत्कालीन एडिशनल एसपी हेडक्वार्टर पारस को सौंपी। इसी दौरान एएसआई रणवीर सिंह को निलंबित कर दिया गया। जांच में सामने आया कि रणवीर सिंह पंजाब-हरियाणा के अंतरराज्यीय शराब तस्करों को दबिश देने जा रही पुलिस टीम की लोकेशन पहले ही बता देता था। एडिशनल एसपी विजय सिंह (गोपनीय शाखा) के मुताबिक रणवीर सिंह ने किसी रिश्तेदार की वजह से ऐसा किया था। पुलिस टीम की लोकेशन बताना टीम की सुरक्षा को खतरे में डालने वाला कृत्य है।

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