Hisar News: राजस्थान के लिए प्रस्तावित यमुना पाइपलाइन से हरियाणा को 280 क्यूसेक पानी देने का प्रस्ताव
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सौजन्य से:- Amar Ujala
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Hisar News: राजस्थान के लिए प्रस्तावित यमुना पाइपलाइन से हरियाणा को 280 क्यूसेक पानी देने का प्रस्ताव
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हिसार। राजस्थान के लिए प्रस्तावित यमुना पाइपलाइन परियोजना से हरियाणा को 280 क्यूसेक पानी उपलब्ध कराने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इससे हिसार, आदमपुर, नलवा और बालसमंद क्षेत्रों की पेयजल एवं सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
सिंचाई विभाग की ओर से जारी पत्र के अनुसार किशनगढ़ ब्रांच–सीसवाला हेड लिंक (बालसमंद ब्रांच) नहर परियोजना के सर्वे के लिए संयुक्त निरीक्षण समिति (ज्वाइंट सर्वे कमेटी) के गठन का प्रस्ताव भेजा गया है। हरियाणा के लिए दानोदा कलां (10 क्यूसेक), नयागांव (80 क्यूसेक), सीसवाला हेड (150 क्यूसेक) और पातन (40 क्यूसेक) पर टैपिंग प्वाइंट प्रस्तावित किए गए हैं। इन स्थानों के माध्यम से कुल 280 क्यूसेक पानी उपलब्ध कराने की योजना है। विभाग ने इन स्थानों को तकनीकी रूप से व्यवहार्य बताते हुए कहा है कि इसके लिए अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण या नई लिंक नहर की आवश्यकता नहीं होगी।
जल संघर्ष समिति ने पहले ही प्रदेश सरकार के समक्ष यह प्रस्ताव रखा था कि यमुना के पानी को पाइपलाइन के जरिए राजस्थान पहुंचाने की प्रक्रिया में हिसार क्षेत्र को भी शामिल किया जाए ताकि जल संकट से प्रभावित इलाकों को राहत मिल सके। समिति सदस्य पारस लौरा ने कहा कि प्रस्तावित पाइपलाइन हरियाणा की सीमा से होकर गुजरेगी ऐसे में स्थानीय क्षेत्रों को भी इसका लाभ मिलना चाहिए।
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इसके साथ ही किशनगढ़ ब्रांच–सीसवाला हेड लिंक नहर परियोजना को गति देने के लिए सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता को संयुक्त सर्वे समिति गठन का विस्तृत प्रस्ताव भेजा गया है। इसमें विभागीय अधिकारियों के साथ क्षेत्रीय प्रतिनिधियों को शामिल करने का सुझाव दिया गया है ताकि सर्वे कार्य पारदर्शी और जनसहभागिता आधारित हो सके।
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सिंचाई विभाग की ओर से जारी पत्र के अनुसार किशनगढ़ ब्रांच–सीसवाला हेड लिंक (बालसमंद ब्रांच) नहर परियोजना के सर्वे के लिए संयुक्त निरीक्षण समिति (ज्वाइंट सर्वे कमेटी) के गठन का प्रस्ताव भेजा गया है। हरियाणा के लिए दानोदा कलां (10 क्यूसेक), नयागांव (80 क्यूसेक), सीसवाला हेड (150 क्यूसेक) और पातन (40 क्यूसेक) पर टैपिंग प्वाइंट प्रस्तावित किए गए हैं। इन स्थानों के माध्यम से कुल 280 क्यूसेक पानी उपलब्ध कराने की योजना है। विभाग ने इन स्थानों को तकनीकी रूप से व्यवहार्य बताते हुए कहा है कि इसके लिए अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण या नई लिंक नहर की आवश्यकता नहीं होगी।
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जल संघर्ष समिति ने पहले ही प्रदेश सरकार के समक्ष यह प्रस्ताव रखा था कि यमुना के पानी को पाइपलाइन के जरिए राजस्थान पहुंचाने की प्रक्रिया में हिसार क्षेत्र को भी शामिल किया जाए ताकि जल संकट से प्रभावित इलाकों को राहत मिल सके। समिति सदस्य पारस लौरा ने कहा कि प्रस्तावित पाइपलाइन हरियाणा की सीमा से होकर गुजरेगी ऐसे में स्थानीय क्षेत्रों को भी इसका लाभ मिलना चाहिए।
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इसके साथ ही किशनगढ़ ब्रांच–सीसवाला हेड लिंक नहर परियोजना को गति देने के लिए सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता को संयुक्त सर्वे समिति गठन का विस्तृत प्रस्ताव भेजा गया है। इसमें विभागीय अधिकारियों के साथ क्षेत्रीय प्रतिनिधियों को शामिल करने का सुझाव दिया गया है ताकि सर्वे कार्य पारदर्शी और जनसहभागिता आधारित हो सके।
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