जयपुर में लोकमंथन यात्रा का शुभारंभ, डिप्टी CM दीया कुमारी ने किया रवाना, 4 से 6 दिसंबर को होगा मुख्य आयोजन
जयपुर में लोकमंथन यात्रा का शुभारंभ, डिप्टी CM दीया कुमारी ने किया रवाना, 4 से 6 दिसंबर को होगा मुख्य आयोजन लोकमंथन यात्रा का आयोजन विचार समूह, प्रज्ञा प्रवाह सहित संस्कार भारती, क्रीड़ा भारती और विद्या भारती के सहयोग से…

सौजन्य से:- ETV Bharat
जयपुर में लोकमंथन यात्रा का शुभारंभ, डिप्टी CM दीया कुमारी ने किया रवाना, 4 से 6 दिसंबर को होगा मुख्य आयोजन
लोकमंथन यात्रा का आयोजन विचार समूह, प्रज्ञा प्रवाह सहित संस्कार भारती, क्रीड़ा भारती और विद्या भारती के सहयोग से किया जा रहा है.
Published : September 21, 2026 at 11:37 AM IST
जयपुर: भारतीय लोक संस्कृति, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से सोमवार को जयपुर में 'लोकमंथन यात्रा 2026' का शुभारंभ हुआ.'हम भारत के लोग' के संदेश के साथ निकली लोकमंथन यात्रा को उपमुख्यमंत्री और लोकमंथन-2026 आयोजन समिति की अध्यक्ष दीया कुमारी ने रवाना किया. इससे पहले उन्होंने गोविंद देव जी मंदिर में दर्शन किए. लोकमंथन-2026 का मुख्य आयोजन आगामी 4 से 6 दिसंबर तक जयपुर में होगा.
भारतीय संस्कृति, लोकजीवन और ज्ञान परंपरा से जुड़े विभिन्न आयामों को एक मंच देने के लिए लोकमंथन का आयोजन हो रहा है. इसमें देश की लोक परंपराओं, लोककला, लोकसाहित्य, हस्तशिल्प, संगीत, नृत्य, रीति-रिवाज और पारंपरिक ज्ञान को सहेजते हुए नई पीढ़ी से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा. ग्रामीण और वनवासी समाज, लोक कलाकारों, शिल्पकारों, विद्वानों और युवाओं की सहभागिता के जरिए लोक संस्कृति और आधुनिकता के बीच संवाद स्थापित करने की कोशिश की जाएगी.
दिसंबर में होने वाले इस आयोजन से पहले सोमवार को लोकमंथन यात्रा का आयोजन हुआ. यात्रा में बड़ी संख्या में नागरिकों, प्रबुद्धजनों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया. यात्रा मार्ग को रंगोलियों से सजाया गया, वहीं विभिन्न स्थानों पर व्यापार मंडलों और समाजजनों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया. यात्रा के दौरान क्रीड़ा भारती के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों ने साइकिलिंग, स्केटिंग, फुटबॉल, कबड्डी और सतोलिया सहित पारंपरिक एवं आधुनिक खेल गतिविधियों का प्रदर्शन किया.
लोक कलाकारों और परंपराओं को मिलेगा मंच: लोकमंथन यात्रा को रवाना करते हुए उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने कहा कि लोकमंथन के पूर्व आयोजन के रूप में निकाली जा रही यात्रा का उद्देश्य समाज में जागरण और लोगों को जोड़ना है. उन्होंने कहा कि राजस्थान की ऐसी कई रीति-रिवाज, परंपराएं और लोक कलाएं हैं, जो धीरे-धीरे पीछे छूटती जा रही हैं. लोकमंथन के माध्यम से इन परंपराओं को सहेजने और आगे की पीढ़ियों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि लोकमंथन-2026 से पहले प्रदेश के प्रत्येक जिले में यात्रा निकाली जाएगी. इन यात्राओं में स्थानीय लोक कलाकार, लोक गायक और लोक नृत्य से जुड़े कलाकार शामिल होंगे. राजस्थान की लोक संस्कृति, कला और शिल्प को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मंच उपलब्ध कराने की दिशा में यह पहल की जा रही है. आयोजन में विश्वभर से अतिथि और वक्ता भी शामिल होंगे. इस दौरान उपमुख्यमंत्री ने कहा कि 25 सितंबर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती है, उससे जुड़े आयोजन भी प्रदेश भर में हो रहे हैं.
शहर में लोक चिंतन, गांवों में लोक दर्शन: लोकमंथन यात्रा का आयोजन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े विचार समूह प्रज्ञा प्रवाह सहित संस्कार भारती, क्रीड़ा भारती और विद्या भारती जैसे संगठनों के सहयोग से किया जा रहा है. सोमवार को जयपुर प्रांत की यात्रा शुरू हुई, जो गोविंद देव जी मंदिर से रवाना होकर हवामहल, बड़ी चौपड़ और अल्बर्ट हॉल होते हुए महारानी कॉलेज पहुंची. यहां लोक साहित्य, लोक संस्कृति और भारतीय ज्ञान परंपरा सहित विभिन्न विषयों पर आधारित कार्यक्रम शुरू हुए. यात्रा के दौरान शहरों में लोक चिंतन और ग्रामीण क्षेत्रों में लोक दर्शन की अवधारणा के तहत गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं. जयपुर से रवाना हुई यात्रा शाम को अभयपुरा गांव पहुंचेगी, जहां ग्रामीण लोकजीवन और परंपराओं से जुड़े कार्यक्रम होंगे.
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