'कैसे चलाते हैं मर्सिडीज', गियर तक बदलने नहीं आता था किडनैपरों को, जयपुर CA किडनैपिंग कांड में अजब खुलासा
Jaipur CA Kidnapping Case: जयपुर में CA को किडनैप करने वाले मर्सिडीज कार चलाना जानते ही नहीं थे। इसीलिए सीएम को धमका कर उन्होंने किसी तरह कार को भगाया, लेकिन वो ज्यादा दूर जा ही नहीं पाए। आरोपियों ने अपने कबूलनामे में खु…

सौजन्य से:- navbharattimes.indiatimes.com
Jaipur CA Kidnapping Case: जयपुर में CA को किडनैप करने वाले मर्सिडीज कार चलाना जानते ही नहीं थे। इसीलिए सीएम को धमका कर उन्होंने किसी तरह कार को भगाया, लेकिन वो ज्यादा दूर जा ही नहीं पाए। आरोपियों ने अपने कबूलनामे में खुद इसका खुलासा किया है।
जयपुर: जयपुर के सेंट्रल पार्क में मॉर्निंग वॉक करने आए एक चार्टेड अकाउंटेंट का 10 सितंबर की सुबह 8 बजे किडनैप हो गया था। किडनैप करने वाले बदमाशों ने सीए राजीव गुप्ता को उन्हीं की मर्सिडीज गाड़ी में पटका, बंधक बनाया और उसी मर्सिडीज से किडनैप करके ले गए। जयपुर से बाहर सुनसान स्थान पर ले जाकर परिवार वालों से फिरौती मांगनी थी लेकिन इससे पहले ही मर्सिडीज का एक्सीडेंट हो गया और आरोपियों की प्लानिंग पर पानी फिर गया। एक सप्ताह की कड़ी मेहनत के बाद जयपुर पुलिस ने इस किडनैप कांड का खुलासा करते हुए तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया। एक बदमाश की तलाश जारी है। इस मामले में एक चौंकाने वाला खुलासा भी हुआ है।
मर्सिडीज चलानी नहीं आती थी, सीए से पूछकर स्टार्ट की और गियर बदलते रहे
जयपुर कमिश्नरेट के डीसीपी साउथ राजर्षि राज वर्मा ने बताया कि अपहरण करने वाले बदमाश आदतन और हार्डकोर अपराधी नहीं है। वे नौसिखिया हैं, पहली बार ही इस तरह की बड़ी वारदात को अंजाम दिया लेकिन वे कामयाब नहीं हुए। जिन दो बदमाशों ने सीए राजीव गुप्ता का अपहरण उनकी मर्सिडीज कार से किया। उन दोनों बदमाशों को मर्सिडीज चलानी नहीं आती थी। राजीव गुप्ता को उनकी ही गाड़ी में पटकने के बाद उन्हीं से पूछा कि मर्सिडीज स्टार्ट कैसे करते हैं। बाद में गियर लगाने का तरीका पूछा और जयपुर शहर से बाहर निकल गए।
एक्सीडेंट हुआ तो सीए को छोड़कर भाग छूटे
चूंकि अपहरण करने वाले दोनों बदमाश मर्सिडीज चलाने के एक्सपर्ट नहीं थे। ऐसे में वे डरते डरते गाड़ी चला रहे थे। जयपुर शहर के बाहर निकलने के बाद दिल्ली रोड पर वे मर्सिडीज पर कंट्रोल नहीं कर पाए क्योंकि गाड़ी में बंधक राजीव गुप्ता के साथ मारपीट भी कर रहे थे। अनियंत्रित मर्सिडीज ने कुछ दोपहिया और एक चौपहिया वाहन को टक्कर मारी तो अन्य वाहन चालकों ने पीछा करना शुरू कर दिया। हड़बड़ी में मर्सिडीज हाईवे से उतर कर नाले में गिरते हुए झाड़ियों में फंस गई। इसके बाद सीए राजीव गुप्ता को छोड़कर दोनों बदमाश पैदल ही पहाड़ी क्षेत्र की ओर भाग छूटे।
तय टारगेट नहीं था अपहरण करने का
एसीपी डॉक्टर पूनम और अशोक नगर थाना प्रभारी हेमंत जनागल ने बताया कि बदमाशों का टारगेट फिक्स नहीं था। वारदात से पहले उन्होंने तय नहीं किया था कि किस व्यक्ति का अपहरण करना था। उनका प्लान यही था कि जो भी महंगी गाड़ी में नजर आएगा, उसी को उठाना है। चाहे वे कारोबारी हो या कोई और। 10 सितंबर को सुबह जब दो बदमाश सेंट्रल पार्क की पार्किंग में खड़े थे। तब सीए राजीव गुप्ता मॉर्निंग वॉक करके अपनी मर्सडीज से रवाना होने वाले थे। उसी दौरान बदमाशों ने उन पर हमला किया और उन्हीं की गाड़ी से उनका किडनैप कर लिया।
1000 सीसीटीवी खंगाले गए तब पकड़े गए किडनैपर
अशोक नगर एसीपी डॉ. पूनम का कहना है कि सीए का किडनैप करने से कुछ दिन पहले भी किसी का अपहरण करने सेंट्रल पार्क पहुंचे लेकिन वे किसी का किडनैप नहीं कर पाए। 10 सितंबर को बदमाशों का एक साथी उन्हें अपनी मोटर साइकिल से सेंट्रल पार्क छोड़ने आया था। पुलिस ने ये जानने के लिए कि मोटर साइकिल सवार बदमाश किस रूट से आए, करीब एक हजार सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। सीसीटीवी फुटेज के जरिए ही जयपुर पुलिस ने आरोपियों के बारे में अहम जानकारी जुटाई।
एक बदमाश के खिलाफ 1 केस दर्ज
अशोक नगर थाना प्रभारी हेमंत जनागल ने बताया कि वारदात में कुल चार लोग शामिल थे। चार में से तीन बदमाश चेतन शर्मा, जैनुल खान और हनुमान प्रजापत को गिरफ्तार कर लिया गया है। एक आरोपी फरार है जिसकी तलाश की जा रही है। चेतन शर्मा के खिलाफ सिर्फ एक केस दर्ज है जो कि दो साल पहले खोह नागोरियान थाने में दर्ज हुआ था। अन्य बदमाशों के खिलाफ कोई भी आपराधिक केस दर्ज होने की जानकारी सामने नहीं आई है।
लेखक के बारे मेंऋषिकेश नारायण सिंहऋषिकेश नारायण सिंह नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में बिहार-झारखंड के असिस्टेंट न्यूज एडिटर हैं। प्रिंट, टेलीविजन और डिजिटल पत्रकारिता में उनका 20 साल का अनुभव है, जिसमें उन्होंने बतौर रिपोर्टर और डेस्क पर अलग-अलग भूमिकाओं में काम किया है। ऋषिकेश नारायण सिंह ने अप्रैल 2020 में नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जॉइन किया था। उन्होंने पिछले 5 साल में बिहार और झारखंड की हर विधा की खबरों का कवरेज किया है। ऋषिकेश नारायण सिंह बिहार के वो पहले पत्रकार थे, जिन्होंने नीतीश कुमार के पाला बदलकर महागठबंधन में जाने (अगस्त 2022) और फिर 2024 में गठबंधन बदलकर एनडीए में जाने के घटनाक्रम से एक महीने पहले ही अपनी एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में बता दिया था। नीतीश कुमार के गठबंधन बदलने की खबर राष्ट्रीय स्तर पर सबसे पहले ऋषिकेश नारायण सिंह ने ही एक हीने पहले ही ब्रेक कर दी थी। इसके अलावा उन्होंने नवभारत टाइम्स ऑनलाइन बिहार-झारखंड में उपेंद्र कुशवाहा की नई पार्टी बनाने, झारखंड में चंपाई सोरेन के पाला बदलने की खबर पहले ही ब्रेक कर दी थी। ऋषिकेश डेस्क के अलावा अपनी धारदार और एक्सक्लूसिव रिपोर्टिंग के लिए भी जाने जाते हैं। बिहार से लेकर झारखंड की राजनीति, अपराध से लेकर सरकारी योजनाओं की खबर ऋषिकेश नारायण सिंह न सिर्फ पहले ब्रेक करते हैं, बल्कि उससे होने वाले असर तक की व्यापक कवरेज करते हैं।
पत्रकारिता अनुभव: अखबार, टीवी और डिजिटल मीडिया में 20 साल से कार्यरत
ऋषिकेश नारायण सिंह ने साल 2005 में तमिलनाडु से अपनी पत्रकारिता का सफर शुरु किया था। 2005 की दिसंबर में वो अधिकारी ब्रदर्स के न्यूज प्रोजेक्ट जनमत टेलीविजन में रिपोर्टर बनाए गए। इस दौरान उन्होंने दिल्ली में फर्जी गुप्त रोग विशेषज्ञों पर स्टिंग ऑपरेशन (कैसे हों जवान, जब डॉक्टर बेईमान) किया। इसके बाद दिल्ली सरकार ने इस स्टिंग में रंगे हाथ पकड़े गए फर्जी गुप्त रोग विशेषज्ञों के अस्पतालों पर बड़ी छापेमारी की। इसके बाद उन्होंने 2006 की जनवरी से निठारी की कवरेज शुरू की और 2007 में उसे अंजाम तक पहुंचाया। इस दौरान उन्हें काफी मुश्किलें भी पेश आईं लेकिन वो बगैर रुके निठारी में मारे गए मासूम बच्चों के घरवालों के साथ खड़े रहे। इसके बाद उन्होंने अप्रैल 2008 में आईबीएन 7 (अब न्यूज 18 इंडिया) में असिस्टेंट प्रोड्यूसर के पद पर जॉइन किया। ऋषिकेश ने उस दौरान 'दोपहर धमाका' नामके एक्सक्लूसिव सेगमेंट को वीडियो एडिटर के साथ अकेले प्रोड्यूस किया। इस शो ने काफी वाहवाही बटोरी। इसी बीच ऋषिकेश को आईबीएन 7 में सुबह के सारे शो की रीब्रांडिंग सौंपी गई। ऋषिकेश ने टीम के साथ जुड़कर इस प्रोजेक्ट को 3 दिन के अंदर बखूबी अंजाम तक पहुंचाया। आईबीएन 7 में इस दौरान उन्हें दो बार बेस्ट प्रोड्यूसर (2011 और 2012) के अवॉर्ड के साथ आउट ऑफ टर्म प्रमोशन देते हुए प्रोड्यूसर बनाया गया। 2013 की सितंबर में ऋषिकेश अपनी जन्मभूमि पटना लौटे और ईटीवी बिहार (अब News18 बिहार) से बतौर असिस्टेंड एडिटर शुरुआत की। ऋषिकेश ने इस दौरान बिहार भर के 120 से ज्यादा रिपोर्टर, स्ट्रिंगरों को लीड किया। ऋषिकेश ने इसी दौरान 2013 में तत्कालीन गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की हुंकार रैली में गांधी मैदान में हुए बम ब्लास्ट की धमाकों के बीच कवरेज की। अपनी क्षमता और काबिलियत के बल पर ऋषिकेश नारायण सिंह को 2015 में एक साथ डबल प्रमोशन मिला और वो सीधे न्यूज एडिटर असाइनमेंट बना दिए गए। इसके बाद 2020 में उन्हें नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में बिहार-झारखंड की जिम्मेदारी सौंपी गई।
स्पेशल कवरेज
2005 से 2007- निठारी कांड की स्पेशल और एक्सक्लूसिव कवरेज
2006- ओडिशा में बच्चा बिक्री, बिन ब्याही मांओं की स्पेशल स्टोरी और कवरेज। इसके लिए ओडिशा के बालांगीर, जाजपुर, कालाहांडी, नुआपाड़ा समेत कई जिलों में एक महीने से अधिक समय तक रहकर जनमत टीवी के लिए स्पेशल और एक्सक्लूसिव कवरेज
2007- सोनीपत में खूबरू स्कूल बस हादसे की स्पेशल कवरेज, जिसमें स्कूली बच्चों से भरी बस नहर में जा गिरी थी। उस क्षेत्र में पहुंचने वाले पहले रिपोर्टर
2008 से 2025- नई दिल्ली से बिहार तक लोकसभा और विधानसभा चुनावों की स्पेशल कवरेज।
पुरस्कार:
2006 में जनमत टीवी में Reporter Of The Year का पुरस्कार
2007 में निठारी की कवरेज के लिए समाजसेवी संस्था से संवेदनशील रिपोर्टर का पुरस्कार
2011 और 2012 में आईबीएन 7 (News18 India) में बेस्ट प्रोड्यूसर का खिताब
2014 में ईटीवी बिहार (News18 बिहार) में उत्कृष्ट न्यूज एडिटर का पुरस्कार
2024 में नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में सितंबर 2025 में Over Achiever of The Month का पुरस्कार
2026 में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष सीनियर IAS आनंद किशोर से मैट्रिक (10वीं) और इंटर (12वीं) में अपनी असाधारण कवरेज के लिए सम्मानित
ऋषिकेश नारायण सिंह के द्वारा लिए गए खास इंटरव्यू:
2006 में राजस्थान के कांग्रेस नेता राम नारायण चौधरी का इंटरव्यू
तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया के सदन में कड़े प्रतिद्वंदी कांग्रेस नेता रामनारायण चौधरी (अब दिवंगत) का आधे घंटे का एक्सक्लूसिव इंटरव्यू जयपुर में किया।
बूटा सिंह का इंटरव्यू
2006 में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष और बिहार के पूर्व राज्यपाल बूटा सिंह का इंटरव्यू किया। जिसमें बिहार विधानसभा भंग करने पर कोर्ट के उनके फैसले के खिलाफ जजमेंट पर बेबाक सवाल पूछे।
2008 से 20025 तक कई राजनीति हस्तियों का इंटरव्यू
ऋषिकेश नारायण सिंह ने इन 17 साल के दौरान कांग्रेस नेता नजमा हेपतुल्ला, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान लोजपा रामविलास के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान, बिहार में खेल विभाग की मंत्री और अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज श्रेयसी सिंह के दो इंटरव्यू, RLM चीफ उपेंद्र कुशवाहा, HAM के तत्कालीन अध्यक्ष जीतन राम मांझी, JDU के बागी और परबत्ता के पूर्व विधायक डॉक्टर संजीव कुमार समेत कई और बड़ी हस्तियों के इंटरव्यू लिए।... और पढ़ें
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