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जयपुर सेंट्रल पार्क CA किडनैपिंग केस: पुलिस ने 3 बदमाशों को दबोचा, कर्ज चुकाने के लिए रची थी साजिश

जयपुर सेंट्रल पार्क CA किडनैपिंग केस: पुलिस ने 3 बदमाशों को दबोचा, कर्ज चुकाने के लिए रची थी साजिश जयपुर के सेंट्रल पार्क से चार्टर्ड अकाउंटेंट के अपहरण मामले में पुलिस ने 1000 सीसीटीवी खंगालकर तीन आरोपियों को गिरफ्तार क…

ETV Bharat के अनुसार19 सितंबर 2026 को 03:05 am बजे
जयपुर सेंट्रल पार्क CA किडनैपिंग केस: पुलिस ने 3 बदमाशों को दबोचा, कर्ज चुकाने के लिए रची थी साजिश

सौजन्य से:- ETV Bharat

जयपुर सेंट्रल पार्क CA किडनैपिंग केस: पुलिस ने 3 बदमाशों को दबोचा, कर्ज चुकाने के लिए रची थी साजिश

जयपुर के सेंट्रल पार्क से चार्टर्ड अकाउंटेंट के अपहरण मामले में पुलिस ने 1000 सीसीटीवी खंगालकर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया.

Published : September 19, 2026 at 7:15 AM IST

|Updated : September 19, 2026 at 7:28 AM IST

जयपुर : राजधानी जयपुर के सबसे वीआईपी और सुरक्षित माने जाने वाले इलाके स्टेच्यू सर्किल स्थित सेंट्रल पार्क से चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) के सनसनीखेज अपहरण मामले का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है. जयपुर साउथ जिले की अशोक नगर थाना पुलिस ने बेहद मुस्तैदी दिखाते हुए वारदात में शामिल तीन शातिर आरोपियों को धर दबोचा है. पुलिस की विशेष टीमों ने इलाके के करीब 1000 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने और गहन तकनीकी विश्लेषण के बाद इस गुत्थी को सुलझाया.

पकड़े गए आरोपियों की पहचान मुख्य साजिशकर्ता चेतन शर्मा उर्फ लाला, जैनुल खान और हनुमान प्रजापत के रूप में हुई है. पुलिस ने इनके पास से वारदात में इस्तेमाल की गई दो मोटरसाइकिल, एक इलेक्ट्रॉनिक स्कूटी, एक डमी (नकली) पिस्तौल और धारदार चाकू बरामद किया है. मुख्य आरोपी के विरुद्ध पहले भी अपहरण का प्रकरण दर्ज है. मुख्य आरोपी चेतन शर्मा उर्फ लाला ने कर्ज चुकाने के लिए अपने साथियों के साथ अपहरण की साजिश रची थी.

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मॉर्निंग वॉक के बाद कार समेत किया था अगवा : वारदात का खुलासा करते हुए डीसीपी जयपुर साउथ राजर्षि राज ने बताया कि यह सनसनीखेज वारदात 10 सितंबर की सुबह हुई थी. रोजाना की तरह चार्टर्ड अकाउंटेंट राजीव गुप्ता सेंट्रल पार्क में मॉर्निंग वॉक के लिए पहुंचे थे. सुबह वॉक पूरी करने के बाद जैसे ही वे पार्क के बाहर खड़ी अपनी लग्जरी कार में बैठने लगे, तभी घात लगाए दो नकाबपोश बदमाशों ने उन पर धावा बोल दिया. बदमाशों ने नकली पिस्टल और चाकू दिखाकर उन्हें धमकाया और जबरन उनकी ही कार में बंधक बनाकर शहर से बाहर ले गए. आमेर क्षेत्र के पास रास्ते में अचानक कार का संतुलन बिगड़ गया और गाड़ी सीधे सड़क किनारे नाले में जाकर पलट गई. हादसा होते ही पकड़े जाने के डर से दोनों बदमाश मौके से भाग खड़े हुए. इस तरह सीए राजीव गुप्ता बदमाशों के चंगुल से सुरक्षित बच निकले.

1000 सीसीटीवी फुटेज ने खोला राज : घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर तकनीकी टीम और स्पेशल स्टाफ को जांच में लगाया गया. टीम ने घटनास्थल और आसपास के रास्तों के लगभग 1000 सीसीटीवी कैमरों की बारीकी से जांच की. फुटेज के विश्लेषण के दौरान पुलिस को कुछ संदिग्ध युवक बाइकों पर लगातार पार्क के चक्कर काटते और रेकी करते दिखाई दिए. इसके बाद पुलिस ने टेक्निकल इनपुट और सर्विलांस के आधार पर घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को पकड़ लिया.

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कर्ज के दलदल से निकलने के लिए बनाई थी योजना : पुलिस पूछताछ में सामने आया कि मुख्य आरोपी चेतन शर्मा पहले डिलीवरी बॉय का काम करता था, लेकिन उसने नौकरी छोड़ दी थी. उसके पिता लंबे समय से गंभीर बीमार होकर बिस्तर पर हैं. परिवार की तंगहाली और भारी कर्ज के चलते चेतन ने अपने साथियों के साथ मिलकर किसी अमीर व्यक्ति के अपहरण की योजना बनाई थी. उन्होंने सेंट्रल पार्क आने वाले रसूखदार लोगों पर नजर रखी और लग्जरी कार देखकर राजीव गुप्ता को निशाना बनाया. उनका इरादा परिजनों से मोटी फिरौती वसूल कर सारा कर्ज चुकाने का था. फिलहाल पुलिस आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है. मुख्य आरोपी पर पूर्व में भी अपहरण का केस दर्ज है. पुलिस मामले में अन्य कड़ियों की तलाश में जुटी है.

ऑनलाइन ट्रांजैक्शन ने खोल दिया आरोपियों तक पहुंचने का रास्ता : कार पलटने के बाद आरोपी पहाड़ी रास्तों से होते हुए आगे निकले और दोबारा हाईवे पर पहुंचे. पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने अपने दूसरे साथियों से संपर्क किया. इसके बाद पहचान छिपाते हुए उन्होंने आगे जाने के लिए बाइक बुक की. बाइक के जरिए आरोपी आगे बढ़ते गए. रास्ते में उन्होंने अपने एक अन्य साथी को भी बाइक पर बैठा लिया. बाइक चालक ने आरोपियों को उनके बताए स्थान पर छोड़ा. इसी दौरान आरोपियों ने ऑनलाइन भुगतान किया. पुलिस के लिए यही डिजिटल ट्रांजैक्शन अहम सुराग साबित हुआ.

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अपहरण के बाद से ही पुलिस आरोपियों की गतिविधियों और उनके संभावित रूट पर नजर बनाए हुए थी. पुलिस ने डिजिटल सुरागों के आधार पर आरोपियों के ठिकानों की पहचान की और अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर चेतन शर्मा, जैनुल खान और हनुमान प्रसाद को गिरफ्तार कर लिया. जांच के दौरान बाइक और उसके भुगतान से जुड़ी जानकारी पुलिस के हाथ लगी. डिजिटल पेमेंट की डिटेल खंगालने के बाद पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल हुई. पुलिस अब फरार आरोपी शाहरुख खान की तलाश कर रही है.

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