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राहुल गांधी के विरोध में भाजपा का प्रदर्शन: क्या कानून के दायरे में?

राहुल गांधी पर हमलावर हुई भाजपा, जयपुर में पुलिस ने वाटर कैनन का उपयोग किया. भाजपा ने दावा किया कि केंद्र सरकार संवाद और समाधान की नीति पर काम कर रही है, जबकि विपक्ष भ्रम फैलाने का काम कर रहा है.

ETV Bharat के अनुसार22 जुलाई 2026 को 12:04 pm बजे
राहुल गांधी के विरोध में भाजपा का प्रदर्शन: क्या कानून के दायरे में?

सौजन्य से:- ETV Bharat

BJP Protest : राहुल गांधी पर हमलावर हुई भाजपा, जयपुर में पैदल मार्च के दौरान पुलिस ने छोड़ी वाटर कैनन

राहुल गांधी के विरोध में जयपुर में भाजपा की ओर से विरोध प्रदर्शन किया गया.

Published : July 22, 2026 at 4:00 PM IST

|Updated : July 22, 2026 at 4:44 PM IST

जयपुर: दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार को राजधानी जयपुर में बड़ा विरोध प्रदर्शन किया. भाजपा प्रदेश मुख्यालय से शुरू हुआ यह प्रदर्शन गवर्नमेंट हॉस्टल तक पैदल मार्च के रूप में निकाला गया.

मार्च में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बागड़ी, भूपेंद्र सैनी सहित, महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष राखी राठौड़, वित्त आयोग के चेयरमैन अरुण चतुर्वेदी, विधायक काली चरण सर्राफ, गोपाल शर्मा, पूर्व महिला आयोग अध्यक्ष और प्रदेश प्रवक्ता सुमन शर्मा मौजूद रहे युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष शंकर गोरा सहित पार्टी के कार्यकर्ता शामिल हुए. प्रदर्शन के दौरान पुलिस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी और पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया.

56 के नेता की हरकतें बचकाने जैसी : भाजपा का यह प्रदर्शन कांग्रेस और राहुल गांधी के हालिया बयानों के विरोध में आयोजित किया गया था. पार्टी मुख्यालय से निकले कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां और पार्टी के झंडे लेकर नारेबाजी करते हुए गवर्नमेंट हॉस्टल की ओर बढ़े. जैसे ही जुलूस आगे बढ़ा, पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर बैरिकेडिंग कर दी. इस दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड पार कर आगे बढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए पहले समझाइश की और फिर हालात बिगड़ते देख वाटर कैनन से पानी की बौछार की.

पानी की तेज धार के बावजूद कार्यकर्ता नारेबाजी करते रहे और आगे बढ़ने का प्रयास करते रहे. प्रदर्शन के दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी 56 वर्ष के हो चुके हैं, लेकिन उनकी सोच और व्यवहार आज भी बचकाने हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अपनी बातों पर टिकते नहीं हैं और लगातार विरोधाभासी बयान देते हैं.

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छात्रों की बाहरी भीड़ दिल्ली में : राठौड़ ने कहा कि जिस मुद्दे को लेकर राहुल गांधी और कांग्रेस सरकार को घेरने का प्रयास कर रहे हैं, उस पर पहले ही बातचीत हो चुकी थी. उन्होंने दावा किया कि सरकार संबंधित मांगों पर चर्चा के लिए तैयार थी, लेकिन इसके बावजूद राहुल गांधी ने अनावश्यक रूप से विवाद खड़ा करने और प्रधानमंत्री कार्यालय की छवि खराब करने का प्रयास किया. उन्होंने कहा कि यह पूरी कवायद केवल राजनीतिक लाभ लेने के उद्देश्य से की जा रही है.

प्रदेश अध्यक्ष ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र प्रदर्शन को भी निशाने पर लिया. उन्होंने दावा किया कि वहां विरोध प्रदर्शन कर रहे लोग वास्तविक छात्र नहीं हैं, बल्कि उन्हें बाहर से बुलाया गया है. राठौड़ ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी संगठनों द्वारा आंदोलन को राजनीतिक रंग देने के लिए भीड़ जुटाई जा रही है.

युवाओं और छात्रों के नाम पर राजनीति करना कांग्रेस की पुरानी रणनीति रही है. उन्होंने कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने में विश्वास रखती है, लेकिन देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं और प्रधानमंत्री कार्यालय को बदनाम करने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने कार्यकर्ताओं से संयम बनाए रखने का भी आह्वान किया.

भाजपा नेताओं ने दावा किया कि केंद्र सरकार संवाद और समाधान की नीति पर काम कर रही है, जबकि विपक्ष केवल भ्रम फैलाने का काम कर रहा है. भाजपा का यह प्रदर्शन केवल राहुल गांधी के बयान का जवाब भर नहीं था, बल्कि आगामी राजनीतिक रणनीति का भी संकेत माना जा रहा है. दिल्ली में चल रहे घटनाक्रम को लेकर भाजपा पूरे देश में कांग्रेस को घेरने की कोशिश कर रही है और राजस्थान में भी पार्टी ने इस मुद्दे को राजनीतिक अभियान का रूप देना शुरू कर दिया है. जयपुर में आयोजित यह मार्च उसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है.

जंतर-मंतर पर छात्र नहीं, बाहर से लाई गई 'पत्थरबाज' भीड़ : मदन राठौड़ ने जंतर-मंतर पर पेपर लीक मुद्दे को लेकर चल रहे प्रदर्शन पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि वहां मौजूद भीड़ छात्रों की नहीं है. उन्होंने कहा कि प्रदर्शन को छात्रों का आंदोलन बताकर देश को गुमराह किया जा रहा है. राठौड़ ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान घायल हुए कुछ लोगों को अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी पहचान और आईडी की जांच में सामने आया कि वे छात्र नहीं थे.

उन्होंने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर जुटी भीड़ वास्तव में "पत्थर फेंकने वाली भीड़" है, जिसे कश्मीर और पश्चिम बंगाल से लाया गया है. राठौड़ ने कहा कि विपक्ष छात्र आंदोलन की आड़ में राजनीतिक माहौल बनाने का प्रयास कर रहा है, लेकिन कांग्रेस पूरी तरीके से बेनकाब हो चुकी है जनता उनके इस भ्रम में आने वाली नहीं है.

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