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सीएम भजनलाल का वीडियो शेयर कर पेंशन के मुद्दे पर गहलोत ने BJP को घेरा, तारीफ के साथ किया तंज

अशोक गहलोत ने सीएम भजनलाल शर्मा द्वारा बुजुर्ग महिला से पेंशन पर चर्चा का वीडियो शेयर कर धन्यवाद दिया। साथ ही, उन्होंने दो मांगें रखीं—पहली, हर महीने की 1 तारीख को पेंशन का नियमित भुगतान हो और दूसरी, केंद्र की NSAP पेंशन…

Navbharat Times के अनुसार3 सितंबर 2026 को 12:31 pm बजे
सीएम भजनलाल का वीडियो शेयर कर पेंशन के मुद्दे पर गहलोत ने BJP को घेरा, तारीफ के साथ किया तंज

सौजन्य से:- Navbharat Times

अशोक गहलोत ने सीएम भजनलाल शर्मा द्वारा बुजुर्ग महिला से पेंशन पर चर्चा का वीडियो शेयर कर धन्यवाद दिया। साथ ही, उन्होंने दो मांगें रखीं—पहली, हर महीने की 1 तारीख को पेंशन का नियमित भुगतान हो और दूसरी, केंद्र की NSAP पेंशन राशि बढ़ाकर ₹3,000 की जाए।

जयपुर : राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सामाजिक सुरक्षा पेंशन पर एक के बाद एक हमले बीजेपी सरकार पर कर रही है। इसी क्रम में उन्होंने एक और एक्स पोस्ट किया है। हालांकि इस पोस्ट में गहलोत ने सीएम भजनलाल को धन्यवाद दिया है। इस पोस्ट में अशोक गहलोत ने सीएम भजनलाल शर्मा को धन्यवाद देते लिखा है कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन पर दो मांगें रखीं: पहली, पेंशन राशि का भुगतान हर महीने की 1 तारीख को नियमित रूप से सुनिश्चित किया जाए। दूसरी, केंद्र सरकार (NSAP) से केंद्रीय पेंशन राशि ₹300 से बढ़ाकर ₹3,000 करने की मांग की जाए।

इससे पहले देश भर में सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि बढ़ाकर कम से कम 3,000 रुपये प्रतिमाह करने और लाभार्थियों का दायरा बढ़ाने को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर करारा हमला बोला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर लिखते हुए गहलोत ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार उद्योगपतियों के कर्ज तो माफ कर देती है, लेकिन गरीब और जरूरतमंदों को राहत देने के लिए तैयार नहीं है।

राजस्थान में कांग्रेस सरकार के फैसलों का दिया हवाला

अशोक गहलोत ने अपनी पोस्ट में राजस्थान के पिछले घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए बताया कि साल 2013 में उनकी सरकार ने बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों के लिए 500 रुपये प्रतिमाह से सामाजिक सुरक्षा पेंशन की शुरुआत की थी। उन्होंने कहा कि इसके बाद आई भाजपा सरकार ने 5 साल तक इसमें एक रुपये की भी बढ़ोतरी नहीं की। वर्ष 2018 में दोबारा कांग्रेस सरकार बनने पर इसे बढ़ाकर 750 रुपये और 2023 में 1,000 रुपये प्रतिमाह किया गया। गहलोत ने आगे कहा कि भविष्य में कोई भी सरकार इस राशि को कम न कर सके या रोक न सके, इसके लिए कांग्रेस सरकार ने कानून बनाकर हर साल पेंशन राशि में 15 प्रतिशत की स्वतः बढ़ोतरी का कानूनी प्रावधान भी लागू किया, जो आज लाखों परिवारों का मुख्य सहारा है।

12 वर्षों से केंद्रीय अंशदान में कोई बढ़ोतरी नहीं

केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र में कांग्रेस सरकार के समय 2013 तक पेंशन राशि बढ़ाकर 300 रुपये प्रतिमाह की गई थी। हालांकि, पिछले 12 वर्षों के शासन में मोदी सरकार ने इस राशि में एक रुपये का भी इजाफा नहीं किया है, जबकि इस दौरान महंगाई कई गुना बढ़ चुकी है। उन्होंने दावा किया कि संसद की स्थायी समिति ने भी इस राशि को नाकाफी बताते हुए बढ़ाने की सिफारिश की थी, लेकिन सरकार ने इसे नजरअंदाज कर दिया। साथ ही लंबे समय से लाभार्थियों की संख्या भी नहीं बढ़ाई गई है।

उद्योगपतियों का कर्ज माफ, गरीबों के लिए बजट नहीं

पूर्व सीएम ने कांग्रेस और भाजपा की नीतियों का अंतर स्पष्ट करते हुए कहा कि एक तरफ मोदी सरकार बड़े उद्योगपतियों के लाखों-करोड़ रुपये के कर्ज एक झटके में माफ कर देती है, वहीं दूसरी तरफ जरूरतमंद बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों की पेंशन बढ़ाने में आनाकानी करती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता का पैसा कल्याणकारी योजनाओं के जरिए जनता तक पहुंचाती है, जबकि भाजपा की नीतियां कॉरपोरेट घराणों को फायदा पहुंचाने वाली हैं।

लेखक के बारे मेंखुशेंद्र तिवारीखुशेंद्र तिवारी नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में सीनियर कंटेट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में राजस्थान के लिए कवर करते हैं। इसके अलावा दूसरे राज्यों की राजनीति की खबरें कवर करते हैं। खुशेंद्र तिवारी पत्रकारिता की शुरुआत समाचार पत्र से की। बीते 6 सालों से डिजिटल मीडिया के लिए काम कर रहे हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 15 सालों का अनुभव है। समाचार पत्र में पहले रिपोर्टिंग और बाद में डेस्क पर काम किया। साल 2020 से नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में कार्यरत । राजस्थान की राजनीति, सामाजिक और अपराध की खबरें कवर करता हैं । डेस्क के साथ-साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है । अभी तक राजनीति, क्राइम, करंट अफेयर, शिक्षा और कला जैसे विषयों पर काम किया है। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता और संचार विश्वविद्यालय की है। प्रिंट में काम करने के बाद पिछले छह साल से डिजिटल में नए एक्सपीरियंस के साथ लर्निंग जारी है।

विशेषता: ब्यूरोक्रेसी, पॉलिटिक्ल, आर्ट एंड कल्चर, एजुकेशन और अपराध की खबरों में विशेष दिलचस्पी है। बड़े घटनाक्रमों पर अलग-अलग एंगलों से खबरें लिखना। ओपिनियन लिखना।

पत्रकारिता का अनुभव: पत्रकारिता में कुल 15 सालों का अनुभव है। पत्रकारिता में दिलचस्पी और शुरुआत अखबारों में छोटे- छोटे लेख भेजकर की। इसके बाद इसी क्षेत्र में पोस्ट ग्रेजुएशन कर विधिवत रूप से राजस्थान पत्रिका में फील्ड रिपोर्टिंग की। सबसे पहले आर्ट एंड कल्चर, इसके बाद एजुकेशन की फील्ड में काम किया। \ रिपोर्टिंग के बाद डेस्क के अनुभव को भी समझा।... और पढ़ें

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