उम्मेद अस्पताल की लापरवाही: नाम की गफलत में प्रसूता को चढ़ा दिया 'B+' की जगह 'O+' ब्लड
जोधपुर के उम्मेद अस्पताल में एक बड़ी लापरवाही सामने आई है, जिसमें अस्पताल में एक ही नाम और एक ही पति नाम से दो प्रसूताएं भर्ती थीं। इसके परिणामस्वरूप एक प्रसूता को गलत ब्लड चढ़ाने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसे एमजीएच रेफर किया गया। जांच कमेटी का गठन किया गया है।

सौजन्य से:- ETV Bharat
जोधपुर उम्मेद अस्पताल की लापरवाही: नाम की गफलत में प्रसूता को चढ़ा दिया 'B+' की जगह 'O+' ब्लड
अस्पताल में एक ही नाम और एक ही पति नाम से दो प्रसूताएं भर्ती थी. इस गफलत में एक प्रसूता के गलत खून चढ़ गया.
Published : July 17, 2026 at 9:27 AM IST
जोधपुर: संभाग के सबसे बड़े मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संस्थान उम्मेद अस्पताल में बड़ी लापरवाही सामने आई है. यहां भर्ती एक प्रसूता को गलत ब्लड चढ़ा दिया गया. इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ने पर उसे एमजीएच रेफर किया गया. जहां किडनी की परेशानी होने पर डायलिस करना पड़ा. फिलहाल प्रसूता की स्थिति ठीक बताई जा रही है. उम्मेद अस्पताल प्रशासन ने मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की है. डॉक्टर और नर्सिंग अधिकारियों की कमेटी तीन-चार दिन में रिपोर्ट देगी.
अस्पताल अधीक्षक डॉ. मोहन मकवाना ने बताया कि विभाग की डॉक्टर ने लिखित में दिया है कि गलत खून चढ़ने से परेशानी हुई है. उन्होंने बताया कि जोधपुर जिले के डावरा बावड़ी निवासी धापू भील (24) को सामान्य प्रसव के बाद एनीमिया व अन्य कारणों से उम्मेद अस्पताल रेफर किया गया था. उसे लेबर रूम में रखा गया था. वहां धापू नाम से एक और महिला थी. दोनों के पति के नाम भी एक ही हैं. संभवतः इसी गफलत में धापू भील को पहले दिन ओ पॉजिटिव ग्रुप का ब्लड चढ़ाने के बाद दूसरे दिन बी पॉजिटिव ब्लड चढ़ा दिया गया. इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई, किडनी प्रभावित हुई और उन्हें एमजीएच के आईसीयू में भर्ती कर डायलिसिस करना पड़ा. फिलहाल वह खतरे से बाहर है.
डॉक्टर ने दी गलत ब्लड चढ़ने की जानकारी: 11 जुलाई को बावड़ी में धापू भील ने पुत्र को जन्म दिया था. खून की कमी बताकर उन्हें उम्मेद अस्पताल भेजा गया. यहां उपचार के दौरान दूसरा ब्लड चढ़ाने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई. यूरिन आउटपुट बंद हो गया, जिससे गायनी विभाग के डॉक्टरों में हड़कंप मच गया. 13 जुलाई को उसे एमजीएच रेफर कर दिया गया. बताया जा रहा है कि लेबर रूम के गायनी डॉक्टर ने लेबर रूम की नर्सों द्वारा ध्यान नहीं देने को लेकर लिखित में अधीक्षक को अवगत कराया. इसके बाद जांच कमेटी का गठन किया गया है. डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. बीएस जोधा ने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
पहले भी बिगड़ी थी 8 प्रसूताओं की तबीयत: जोधपुर में इससे पहले जिला अस्पताल में प्रसव के बाद 8 प्रसूताओं की तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ गई थी. जिनमें दो के किडनी प्रभावित होने से उन्हें एम्स रेफर किया गया था. लंबे उपचार के बाद सभी को स्वस्थ होने पर घर भेज दिया गया था. इस मामले के बाद एसओपी की पालना के सख्त निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद लापरवाही का दौर जारी है.
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