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अजमेर में ACB एक्शन: सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग का संयुक्त निदेशक 3 लाख रिश्वत लेते गिरफ्तार

अजमेर में ACB एक्शन: सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग का संयुक्त निदेशक 3 लाख रिश्वत लेते गिरफ्तार जयपुर एसीबी की टीम ने आरोपी के निवास पर ही छापा मारकर रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है. Published : September 4, 2026 at 7:10…

ETV Bharat के अनुसार4 सितंबर 2026 को 02:33 am बजे
अजमेर में ACB एक्शन: सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग का संयुक्त निदेशक 3 लाख रिश्वत लेते गिरफ्तार

सौजन्य से:- ETV Bharat

अजमेर में ACB एक्शन: सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग का संयुक्त निदेशक 3 लाख रिश्वत लेते गिरफ्तार

जयपुर एसीबी की टीम ने आरोपी के निवास पर ही छापा मारकर रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है.

Published : September 4, 2026 at 7:10 AM IST

अजमेर : जयपुर एसीबी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अजमेर में सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग के संयुक्त निदेशक जयप्रकाश चारण को 3 लाख रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है. आरोपी जयप्रकाश चारण शिकायतकर्ता को संस्थान का अनुबंध पत्र और बिल पास करने की एवज में पांच लाख रुपए रिश्वत की राशि के लिए परेशान कर रहा था. शिकायतकर्ता ने जयपुर में एसआई डब्ल्यू एसीबी चौकी में आरोपी के खिलाफ शिकायत दी थी.

जयपुर एसीबी चौकी एसआई डब्ल्यू में उपाधीक्षक सुरेंद्र पंचोली ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद एसीबी की टीम ने शिकायत का सत्यापन किया. इसके बाद टीम ने अजमेर में ट्रैप की कार्रवाई की. आरोपी जयप्रकाश चारण सामाजिक न्याय अधिकारी का विभाग में संयुक्त निदेशक है. आरोपी अजमेर के कृष्णगंज थाना क्षेत्र के विनायक नगर का निवासी है. जयपुर एसीबी की टीम ने आरोपी के निवास पर ही छापा मारकर रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है. इस कार्रवाई में स्थानीय पुलिस का भी सहयोग लिया गया है.

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आरोपी को गुरुवार रात को परिवादी से 3 लाख रुपए की राशि लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है. शिकायत के सत्यापन के दौरान आरोपी जयप्रकाश 3 लाख रुपए रिश्वत राशि लेने के लिए मान गया था. आरोपी जयप्रकाश चारण से एसीबी महानिरीक्षक एस. परिमाला के सुपरविजन में पूछताछ की जा रही है. उन्होंने बताया कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत प्रकरण दर्ज करके अग्रिम अनुसंधान किया जाएगा.

रिश्वत लेकर आरोपी ने परिवादी को बुलाया था घर : प्रारंभिक पड़ताल में सामने आया कि शिकायतकर्ता एक संस्थान का संचालन करता है. संस्थान को अनुबंध पत्र देने और बकाया बिल पास करने की एवज में आरोपी पांच लाख रुपए की डिमांड कर परिवादी को परेशान कर रहा था. बाद में आरोपी 3 लाख रुपए रिश्वत लेने के लिए मान गया और परिवादी को गुरुवार राशि लेकर अपने अजमेर स्थित निवास पर ही बुलाया था.

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