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आषाढ़ में औसत से कम बारिश के बाद सावन लाएगी तरबतरी, 11 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

राजस्थान में आज से आषाड़ खत्म हो गया है और सावन शुरू हो गया है। इस बार आषाद में औसत से कम बारिश के बाद, दक्षिण-पश्चिमी मानसून अपनी रफ्तार पकड़ रहा है।

Amar Ujala के अनुसार30 जुलाई 2026 को 04:38 am बजे
आषाढ़ में औसत से कम बारिश के बाद सावन लाएगी तरबतरी, 11 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

सौजन्य से:- Amar Ujala

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आषाढ़ में औसत से कम बरसे मेघ, अब सावन करेगा तरबतर; अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट

Thu, 30 Jul 2026 06:57 AM IST

Sourabh Bhatt

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

Published by: Sourabh Bhatt

Updated Thu, 30 Jul 2026 06:57 AM IST

सार

आषाढ़ में औसत से कम बारिश के बाद सावन की शुरुआत झमाझम होगी। राजस्थान में अगले पांच दिन मानसून सक्रिय रहेगा। 11 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

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विस्तार

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आषाड़ खत्म हुआ आज से सावन शुरू हो गया है। प्रदेश में 2 जुलाई को मानसून की एंट्री हुई थी। इसके बाद से अब तक प्रदेश में 186.74 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई है जबकि इस अवधि में औसत बारिश का स्तर 202.51 एमएम है। यानी इस बार राजस्थान में बारिश का पहला पखवाड़ा मायूस करने वाला रहा है। लेकिन अच्छी खबर यह है कि दक्षिण-पश्चिमी मानसून एक बार फिर से अपनी रफ्तार पकड़ रहा है। बंगाल की खाड़ी से आए डिप्रेशन के असर से प्रदेश में अगले 5 दिनों तक भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है।

मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार से प्रदेश में बारिश का दौर और तेज होगा। पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में अगले पांच से छह दिन तक मध्यम से भारी तथा कुछ स्थानों पर अति भारी बारिश होने की संभावना है।

जल संसाधान विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में इस सीजन में अब अब सर्वाधिक वर्ष माउंट आबू में माउंट आबू- 657 एमएम दर्ज की गई है। जबकि एक ही दिन में सबसे ज्यादा बारिश सलूंबर के लसाड़िया में 225 एमएम हुई है।

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बीते 24 घंटे के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक प्रतापगढ़ में 40 मिमी वर्षा रिकॉर्ड हुई। इसके अलावा दौसा के बांदीकुई में 36 मिमी, बैजूपाड़ा में 23 मिमी, अलवर के टहला में 20 मिमी और मालाखेड़ा में 15 मिमी बारिश हुई। बारां, भीलवाड़ा, भरतपुर, धौलपुर, झालावाड़, कोटा, टोंक और सवाई माधोपुर में भी कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई।

राजधानी जयपुर में बुधवार दोपहर करीब 40 मिनट तक तेज बारिश हुई। सांगानेर एयरपोर्ट पर 25 मिमी, जेएलएन मार्ग पर 22 मिमी तथा आमेर में 30 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित रहा।

मौसम विभाग के अनुसार जयपुर, भरतपुर, अजमेर, कोटा और उदयपुर संभाग में अगले कुछ दिनों तक मानसून सबसे अधिक सक्रिय रहेगा। इन क्षेत्रों में कहीं-कहीं भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है। लोगों को निचले इलाकों, नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों में सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

उधर पश्चिमी राजस्थान में बारिश का असर अपेक्षाकृत कम रहने से गर्मी और उमस बनी हुई है। बुधवार को श्रीगंगानगर प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 40.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बीकानेर में अधिकतम तापमान 39.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।

मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार से प्रदेश में बारिश का दौर और तेज होगा। पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में अगले पांच से छह दिन तक मध्यम से भारी तथा कुछ स्थानों पर अति भारी बारिश होने की संभावना है।

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जल संसाधान विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में इस सीजन में अब अब सर्वाधिक वर्ष माउंट आबू में माउंट आबू- 657 एमएम दर्ज की गई है। जबकि एक ही दिन में सबसे ज्यादा बारिश सलूंबर के लसाड़िया में 225 एमएम हुई है।

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मौसम विभाग ने गुरुवार के लिए प्रदेश के 11 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं, 31 जुलाई और 1 अगस्त को भी कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। विभाग का कहना है कि अगस्त के पहले सप्ताह तक मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा।

जयपुर मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि पूर्वी भारत के ऊपर बना **डीप डिप्रेशन अब कमजोर होकर डिप्रेशन में बदल गया है। वर्तमान में यह उत्तरी ओडिशा, दक्षिणी झारखंड और उससे लगे छत्तीसगढ़ क्षेत्र के ऊपर स्थित है तथा अगले 24 घंटे में पश्चिम दिशा की ओर बढ़ेगा। इसी के प्रभाव से राजस्थान में वर्षा गतिविधियां तेज होंगी।बीते 24 घंटे के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक प्रतापगढ़ में 40 मिमी वर्षा रिकॉर्ड हुई। इसके अलावा दौसा के बांदीकुई में 36 मिमी, बैजूपाड़ा में 23 मिमी, अलवर के टहला में 20 मिमी और मालाखेड़ा में 15 मिमी बारिश हुई। बारां, भीलवाड़ा, भरतपुर, धौलपुर, झालावाड़, कोटा, टोंक और सवाई माधोपुर में भी कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई।

राजधानी जयपुर में बुधवार दोपहर करीब 40 मिनट तक तेज बारिश हुई। सांगानेर एयरपोर्ट पर 25 मिमी, जेएलएन मार्ग पर 22 मिमी तथा आमेर में 30 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित रहा।

मौसम विभाग के अनुसार जयपुर, भरतपुर, अजमेर, कोटा और उदयपुर संभाग में अगले कुछ दिनों तक मानसून सबसे अधिक सक्रिय रहेगा। इन क्षेत्रों में कहीं-कहीं भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है। लोगों को निचले इलाकों, नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों में सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

उधर पश्चिमी राजस्थान में बारिश का असर अपेक्षाकृत कम रहने से गर्मी और उमस बनी हुई है। बुधवार को श्रीगंगानगर प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 40.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बीकानेर में अधिकतम तापमान 39.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।

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