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जयपुर में 2250 बूथों पर वोटिंग, 551 बूथ पर पैनी नजर; 6 जगह QRT तैयार

जयपुर में 2250 बूथों पर वोटिंग, 551 बूथ पर पैनी नजर; 6 जगह QRT तैयार एडिशनल कमिश्नर कानून-व्यवस्था डॉ. राजीव पचार के मुताबिक जयपुर नगर निगम के 150 वार्ड में शुक्रवार को दूसरे चरण के तहत मतदान होगा। इसके लिए 2250 इलेक्शन…

Hindustan के अनुसार11 सितंबर 2026 को 07:04 am बजे
जयपुर में 2250 बूथों पर वोटिंग, 551 बूथ पर पैनी नजर; 6 जगह QRT तैयार

सौजन्य से:- Hindustan

जयपुर में 2250 बूथों पर वोटिंग, 551 बूथ पर पैनी नजर; 6 जगह QRT तैयार

एडिशनल कमिश्नर कानून-व्यवस्था डॉ. राजीव पचार के मुताबिक जयपुर नगर निगम के 150 वार्ड में शुक्रवार को दूसरे चरण के तहत मतदान होगा। इसके लिए 2250 इलेक्शन बूथ बनाए गए हैं। सामान्य बूथों पर दो-दो कॉन्स्टेबल तैनात रहेंगे, जबकि 551 संवेदनशील बूथों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल लगाया जाएगा।

राजस्थान के दूसरे चरण के नगरीय निकाय चुनाव में जयपुर की 150 सीटों पर शुक्रवार को वोटिंग होगी। शहर में वोट डालने की प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से पूरी कराने के लिए पुलिस ने सुरक्षा का ऐसा प्लान तैयार किया है, जिसमें सिर्फ मतदान के दिन ही नहीं, बल्कि 14 सितंबर को आने वाले चुनाव नतीजों के बाद भी पुलिस का पहरा जारी रहेगा। जयपुर में कुल 2250 मतदान बूथ बनाए गए हैं। इनमें से 551 बूथों को संवेदनशील घोषित किया गया है। इन केंद्रों पर सामान्य बूथों के मुकाबले अतिरिक्त पुलिस जाब्ता और आरएसी की तैनाती रहेगी।

2250 बूथ, 551 संवेदनशील... यहां ज्यादा रहेगा पहरा

एडिशनल कमिश्नर कानून-व्यवस्था डॉ. राजीव पचार के मुताबिक जयपुर नगर निगम के 150 वार्ड में शुक्रवार को दूसरे चरण के तहत मतदान होगा। इसके लिए 2250 इलेक्शन बूथ बनाए गए हैं। सामान्य बूथों पर दो-दो कॉन्स्टेबल तैनात रहेंगे, जबकि 551 संवेदनशील बूथों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल लगाया जाएगा।

पुलिस के मुताबिक इन बूथों को संवेदनशील इसलिए माना गया है, क्योंकि यहां मतदाताओं को प्रभावित करने, किसी तरह की गड़बड़ी होने या कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका रहती है।

पहले ही चिन्हित कर लिए असामाजिक तत्व

मतदान के दौरान माहौल बिगाड़ने की आशंका वाले लोगों पर भी पुलिस की नजर रहेगी। पुलिस ने ऐसे असामाजिक तत्वों को पहले ही चिह्नित कर लिया है। इनके खिलाफ पाबंदी और निरोधात्मक कार्रवाई की गई है।

वहीं चुनाव ड्यूटी में लगाए गए पुलिसकर्मियों और अन्य कर्मचारियों को भी ब्रीफ किया गया है। उन्हें मतदान केंद्र पर किसी विवाद या अप्रिय स्थिति से निपटने की प्रक्रिया और जरूरी सावधानियों के बारे में जानकारी दी गई है।

हर 10 बूथ पर घूमती रहेगी मोबाइल पार्टी

जयपुर में सुरक्षा व्यवस्था को सिर्फ बूथ तक सीमित नहीं रखा गया है। हर 10 बूथ पर एक मोबाइल पुलिस पार्टी तैनात रहेगी। यानी किसी इलाके में अचानक विवाद या अतिरिक्त पुलिस बल की जरूरत पड़ती है तो मोबाइल टीम तत्काल मौके पर पहुंच सकेगी।

इसके अलावा हर 10 वार्ड की सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए एडिशनल एसपी स्तर के अधिकारी को सुपरवाइजरी अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है।

छह जगहों पर QRT, सूचना मिलते ही दौड़ेगी

किसी मतदान केंद्र पर अचानक हालात बिगड़ने या अतिरिक्त पुलिस जाब्ते की जरूरत पड़ने पर छह अलग-अलग स्थानों पर क्विक रिस्पॉन्स टीम यानी QRT तैनात रहेगी। किसी भी अप्रिय घटना की सूचना मिलने पर इन टीमों को तत्काल मौके पर भेजा जाएगा।

वोटिंग खत्म, फिर ईवीएम की बारी

मतदान खत्म होने के बाद पुलिस की जिम्मेदारी खत्म नहीं होगी। मतदान केंद्रों से ईवीएम को निर्धारित संग्रहण केंद्र तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए भी विशेष सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। इसके बाद स्ट्रॉन्ग रूम की निगरानी में पर्याप्त पुलिस जाब्ता लगाया जाएगा।

यानी मतदान से लेकर ईवीएम की सुरक्षा और फिर मतगणना तक पुलिस की निगरानी लगातार बनी रहेगी।

सबसे बड़ा ट्विस्ट: जीत के बाद भी नहीं निकाल सकेंगे जुलूस

अब सबसे अहम बात चुनाव परिणाम को लेकर है। 14 सितंबर को मतगणना के बाद जो प्रत्याशी जीतेंगे, वे तत्काल विजय जुलूस नहीं निकाल सकेंगे। जयपुर पुलिस कमिश्नरेट की ओर से जारी निषेधाज्ञा और आदर्श आचार संहिता के चलते रैली और विजय जुलूस पर रोक रहेगी।

पुलिस के मुताबिक 21 सितंबर को महापौर और 22 सितंबर को उप महापौर का चुनाव होना है। ऐसे में फिलहाल आचार संहिता लागू रहेगी। इसके हटने के बाद ही विजयी पार्षदों को विजय जुलूस निकालने की अनुमति मिल सकेगी।

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