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जयपुर में 150 वार्ड के चुनाव: 551 संवेदनशील बूथों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम, पार्षद विजय जुलूस नहीं निकाल सकेंगे

जयपुर में 150 वार्ड के चुनाव: 551 संवेदनशील बूथों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम, पार्षद विजय जुलूस नहीं निकाल सकेंगे राजधानी में शहरी सरकार चुनने के लिए शुक्रवार को होना है मतदान. Published : September 10, 2026 at 5:06 PM IS…

ETV Bharat के अनुसार10 सितंबर 2026 को 01:04 pm बजे
जयपुर में 150 वार्ड के चुनाव: 551 संवेदनशील बूथों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम, पार्षद विजय जुलूस नहीं निकाल सकेंगे

सौजन्य से:- ETV Bharat

जयपुर में 150 वार्ड के चुनाव: 551 संवेदनशील बूथों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम, पार्षद विजय जुलूस नहीं निकाल सकेंगे

राजधानी में शहरी सरकार चुनने के लिए शुक्रवार को होना है मतदान.

Published : September 10, 2026 at 5:06 PM IST

जयपुर: राजस्थान में जयपुर नगर निगम के 150 वार्ड के चुनाव के लिए शुक्रवार को दो हजार से ज्यादा बूथों पर मतदान होगा. निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव के लिए पुलिस ने कमर कस ली है. शहर में 551 संवेदनशील बूथ हैं, जहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. इन बूथों पर पुलिस और आरएसी के जवान तैनात किए जाएंगे. मतदान के बाद ईवीएम को कड़ी सुरक्षा के बीच संग्रहण केंद्र तक पहुंचाया जाएगा.

इधर, जयपुर में 14 सितंबर को मतगणना के बाद विजयी प्रत्याशी विजय जुलूस नहीं निकाल पाएंगे. जयपुर पुलिस कमिश्नरेट ने आचार संहिता का हवाला देते हुए निषेधाज्ञा जारी की है. जिसमें पार्षदों के विजय जुलूस पर रोक के आदेश जारी किए गए हैं. हालांकि, 21 सितंबर को महापौर और 22 सितंबर को उप महापौर के चुनाव के बाद आचार संहिता हट जाएगी. उसके बाद विजय जुलूस निकाले जा सकेंगे.

2250 बूथ पर होगा मतदान, पुलिस रहेगी तैनात : एडिशनल कमिश्नर (कानून-व्यवस्था) डॉ. राजीव पचार ने बताया कि जयपुर नगर निगम के 150 वार्ड में दूसरे चरण में शुक्रवार को मतदान होगा. इसके लिए 2250 इलेक्शन बूथ बनाए गए हैं. हर बूथ पर दो-दो कांस्टेबल तैनात किए जाएंगे. इसके अलावा 551 बूथों को संवेदनशील माना गया है, जहां मतदाताओं को प्रभावित करने की आशंका रहती है. जिन बूथों पर किसी भी प्रकार की गड़बड़ी होने की आशंका रहती है, उन्हें भी संवेदनशील बूथों की श्रेणी में रखा गया है. ऐसे बूथ पर पुलिस के साथ जवान तैनात होंगे.

असामाजिक तत्वों को किया चिह्नित : उनका कहना है कि जो लोग मतदान के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी कर सकते हैं. उन्हें पहले से चिह्नित कर लिया गया. ऐसे लोगों को पाबंद करवाया जा चुका है. उनके खिलाफ निरोधात्मक एक्शन भी लिया गया है. आज सभी पार्टियों को पोलिंग बूथ पर रवाना किया गया है. उन्होंने बताया कि हर 10 बूथों पर एक मोबाइल पार्टी तैनात की गई है. हर दस वार्ड पर एडिशनल एसपी रैंक के एक अधिकारी को जिम्मेदारी दी गई है, जिन्हें सुपरवाइजरी अधिकारी लगाया गया है.

6 क्विक रेस्पॉन्स टीम तैनात : इसके अलावा छह लोकेशन पर क्विक रेस्पॉन्स टीम तैनात की गई हैं. मतदान की प्रक्रिया के दौरान कोई बात होती है और अचानक जाब्ता पहुंचने की सरकार महसूस की जाती है तो क्विक रेस्पोंस टीम को मुस्तैद रखा गया है. सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद हैं. चुनाव ड्यूटी में लगे कार्मिकों को ब्रीफ करके यह बताया गया है कि क्या करना है और क्या नहीं करना है.

22 सितंबर के बाद निकाल सकेंगे जुलूस : उन्होंने बताया कि नगरीय निकाय चुनाव को लेकर आदर्श आचार संहिता लागू है. ऐसे में जुलूस और रैली निकालने पर रोक है. इसी के चलते एक निषेधाज्ञा जारी की गई है, जिसमें 14 सितंबर को मतगणना के बाद पार्षदों के विजय जुलूस पर रोक लगाने भी रोक लगाई गई है. उन्होंने बताया कि 21 सितंबर को महापौर और 22 सितंबर को उप महापौर के चुनाव होने के बाद आचार संहिता हटेगी. इसके बाद ही विजय जुलूस निकाले जा सकेंगे.

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