कोटा-बूंदी में इन 11 जगह पर शुरू होगा आधार एनरोलमेंट और करेक्शन सेंटर, दस्तावेजों में गड़बड़ी से नहीं मिल रहा लाभ
कोटा-बूंदी में इन 11 जगह पर शुरू होगा आधार एनरोलमेंट और करेक्शन सेंटर, दस्तावेजों में गड़बड़ी से नहीं मिल रहा लाभ ओम बिरला की पहल पर कोटा-बूंदी में 11 नए आधार केंद्र खुलेंगे, जिससे नागरिकों के दस्तावेजों की त्रुटियां सुध…

सौजन्य से:- ETV Bharat
कोटा-बूंदी में इन 11 जगह पर शुरू होगा आधार एनरोलमेंट और करेक्शन सेंटर, दस्तावेजों में गड़बड़ी से नहीं मिल रहा लाभ
ओम बिरला की पहल पर कोटा-बूंदी में 11 नए आधार केंद्र खुलेंगे, जिससे नागरिकों के दस्तावेजों की त्रुटियां सुधरेंगी और सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा.
Published : June 27, 2026 at 10:30 AM IST
कोटा : लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अपने संसदीय क्षेत्र कोटा-बूंदी के नागरिकों को एक बड़ी सौगात दी है. क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में कराए गए एक विशेष सर्वे के बाद, आमजन के दस्तावेजों में आ रही तकनीकी दिक्कतों को दूर करने के लिए अब 11 नए आधार केंद्र खोले जा रहे हैं. इन केंद्रों के माध्यम से स्थानीय लोग न केवल अपना नया आधार कार्ड बनवा सकेंगे, बल्कि पुराने कार्डों में मौजूद गलतियों को भी आसानी से सुधार सकेंगे.
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का कहना है कि इसी को ध्यान में रखते हुए वर्तमान में संचालित हो रहे सेंटर के अलावा 11 नए आधार केंद्र खोले जाएंगे. इनमें कोटा जिले में तीन और बूंदी जिले में आठ केंद्र शामिल है. जहां पर लोग अपने आधार कार्ड के एनरोलमेंट करवा सकेंगे इसके अलावा वहां पर पुराने आधार कार्ड में हो रही गड़बड़ियों को सुधार कर सकेंगे, उनमें करेक्शन हो जाएगा.
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कोटा जिले में यह सुविधा जिला परिषद, लाडपुरा ब्लॉक के गंदीफली व मवासा के ग्राम पंचायत भवनों में उपलब्ध रहेगी. बूंदी जिले में बूंदी उप पंजीयक, तहसील, केशवरायपाटन पंचायत समिति, नैनवां पंचायत समिति, धनेश्वर ग्राम पंचायत, तालेड़ा पंचायत समिति, उपखंड अधिकारी कार्यालय लाखेरी और हिंडोली पंचायत समिति स्थित सेवा केंद्र में आधार एनरोलमेंट और करेक्शन सेंटर संचालित किए जाएंगे.
स्पीकर बिरला ने बताया कि दोनों जिलों में ब्लॉक स्तर पर 11 आधार नामांकन व संशोधन केंद्रों की सुविधा शुरू की जा रही है. क्योंकि एक ग्राम पंचायत में पायलट प्रोजेक्ट के तहत कराए गए सर्वे में सामने आया कि बड़ी संख्या में नागरिक आधार कार्ड व अन्य आवश्यक दस्तावेजों के अभाव या छोटी मोटी गलतियों के चलते जन आधार, खाद्य सुरक्षा, पेंशन, छात्रवृत्ति, किसान सम्मान निधि, जमाबंदी संशोधन जैसी सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं.
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सर्वे में यह भी देखा गया कि सीमित केंद्रों के कारण बुजुर्गों, महिलाओं और मजदूरों को दूर-दराज के इलाकों से जिला मुख्यालयों के चक्कर काटने पड़ते थे. कई बार उम्र के कारण बुजुर्गों के फिंगरप्रिंट (अंगूठे के निशान) मैच नहीं होते थे, जिससे उन्हें बार-बार आना पड़ता था. दूसरी तरफ, दिहाड़ी मजदूरों और श्रमिक महिलाओं को आधार केंद्र जाने के लिए अपनी पूरे दिन की मजदूरी छोड़नी पड़ती थी, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा था. दस्तावेजों में करेक्शन होने से नागरिक जन आधार, खाद्य सुरक्षा योजना, पेंशन, छात्रवृत्ति, किसान सम्मान निधि, जमाबंदी संशोधन सहित विभिन्न योजनाओं में अपना नाम जुड़वा सकेंगे और आवश्यक संशोधन भी करा सकेंगे.
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