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मानसून की कमजोरी: राजस्थान में 18% कम बारिश, 21 जुलाई से फिर बदलेगा मौसम

राजस्थान में मानसून की कमजोरी के चलते पूरे प्रदेश में 18% कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। मौसम विभाग ने 21 जुलाई से फिर मानसून सक्रिय होकर अच्छी बारिश कराने की संभावना जताई है।

Hindustan के अनुसार17 जुलाई 2026 को 07:02 am बजे
मानसून की कमजोरी: राजस्थान में 18% कम बारिश, 21 जुलाई से फिर बदलेगा मौसम

सौजन्य से:- Hindustan

11 दिन से सूखा जयपुर, पूरे प्रदेश में 18% कम बारिश; अब मानसून करेगा कमबैक

मौसम विभाग का अनुमान है कि 21 जुलाई से पूर्वी राजस्थान के जयपुर, कोटा और भरतपुर संभाग में मेघगर्जन के साथ बारिश का नया दौर शुरू होगा। इसके बाद 22 और 23 जुलाई को पश्चिमी और मध्य राजस्थान में भी मानसून की गतिविधियां तेज हो सकती हैं।

राजस्थान में मानसून इन दिनों जैसे ‘पॉज मोड’ पर चला गया है। कई जिलों में बादल तो नजर आ रहे हैं, लेकिन बरस नहीं रहे। नतीजा यह है कि बारिश थमते ही उमस और गर्मी ने फिर से लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। हालांकि राहत की खबर यह है कि मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि यह ठहराव ज्यादा लंबा नहीं चलेगा। शुक्रवार (17 जुलाई) को प्रदेश के 19 जिलों में हल्की बारिश की संभावना है, जबकि 21 जुलाई से मानसून दोबारा सक्रिय होकर कई इलाकों में अच्छी बारिश करा सकता है।

इस बार मानसून की रफ्तार अब तक उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, राजस्थान में अब तक सामान्य से करीब 18 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। इसका असर खेतों से लेकर शहरों तक साफ दिखाई देने लगा है। कई जगह खरीफ फसलों पर चिंता बढ़ रही है, वहीं शहरों में उमस भरी गर्मी लोगों का पसीना निकाल रही है।

क्यों कमजोर पड़ा मानसून?

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, फिलहाल मानसून ट्रफ लाइन सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर हिमालय की तरफ खिसक गई है। इसके साथ ही ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय क्षेत्र के ऊपर बना वेल मार्क्ड लो प्रेशर एरिया (WML) भी राजस्थान के लिए अनुकूल परिस्थितियां नहीं बना पा रहा है। इसी वजह से पिछले कुछ दिनों से प्रदेश में बारिश की गतिविधियां कमजोर बनी हुई हैं।

आज इन 19 जिलों में बारिश के आसार

मौसम विभाग ने शुक्रवार को कोटपूतली-बहरोड़, खैरथल-तिजारा, अलवर, डीग, भरतपुर, दौसा, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, सिरोही, उदयपुर, सलूंबर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़, बारां और झालावाड़ सहित आसपास के इलाकों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना जताई है। 20 जुलाई को भी 17 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।

21 जुलाई से फिर बदलेगा मौसम

मौसम विभाग का अनुमान है कि 21 जुलाई से पूर्वी राजस्थान के जयपुर, कोटा और भरतपुर संभाग में मेघगर्जन के साथ बारिश का नया दौर शुरू होगा। इसके बाद 22 और 23 जुलाई को पश्चिमी और मध्य राजस्थान में भी मानसून की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। यानी अगले सप्ताह की शुरुआत में प्रदेश को अच्छी बारिश मिलने की उम्मीद है।

जयपुर में सूखी रही जुलाई

राजधानी जयपुर में पिछले 11 दिनों से एक मिलीमीटर भी बारिश नहीं हुई है। यही वजह है कि शहर का बारिश का आंकड़ा औसत से नीचे चला गया है। जून और जुलाई मिलाकर अब तक 135 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि केवल जुलाई में औसतन करीब 180 मिमी बारिश होती है। पिछले 10 वर्षों में भी जुलाई महीने में चार बार ही 200 मिमी से कम बारिश रिकॉर्ड हुई है।

बारिश थमी तो बढ़ा तापमान

मानसून की कमजोरी का असर तापमान पर भी साफ दिख रहा है। गुरुवार को चूरू सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 40.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बीकानेर में भी पारा 40 डिग्री के पार रहा। हालांकि श्रीगंगानगर में 17 मिमी बारिश होने के बाद वहां का तापमान 40 डिग्री से नीचे आ गया।

राजधानी जयपुर में अधिकतम तापमान 37.3 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जो सामान्य से करीब तीन डिग्री अधिक है। न्यूनतम तापमान 29.8 डिग्री रहने से रात में भी उमस बनी रही। जोधपुर में अधिकतम तापमान 37.6 डिग्री, अलवर में 38.2 डिग्री, कोटा में 37.7 डिग्री, सीकर के फतेहपुर में 39.5 डिग्री, अजमेर में 35.8 डिग्री और उदयपुर में 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

किसानों की बढ़ी चिंता, लोगों को बारिश का इंतजार

प्रदेश में लगातार कमजोर पड़े मानसून ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कई इलाकों में खरीफ फसलें बारिश का इंतजार कर रही हैं। दूसरी ओर शहरों में तेज धूप और उमस ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यदि 21 जुलाई से मानसून अनुमान के अनुसार सक्रिय होता है, तो न केवल तापमान में गिरावट आएगी बल्कि खेती और जलाशयों के लिए भी राहत मिलेगी।

फिलहाल राजस्थान के लोग आसमान की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं। बादल आते-जाते जरूर दिखाई दे रहे हैं, लेकिन सबकी निगाहें अब 21 जुलाई पर टिकी हैं, जब मानसून के फिर से पूरे प्रदेश में रफ्तार पकड़ने की संभावना जताई गई है। अगर अनुमान सही साबित हुआ तो जुलाई के आखिरी दिनों में राजस्थान को अच्छी बारिश का तोहफा मिल सकता है।

लेखक के बारे में

Sachin Sharmaसचिन शर्मा | वरिष्ठ पत्रकार (राजस्थान)

सचिन शर्मा राजस्थान के एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में राजस्थान सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डिजिटल जर्नलिज्म तक, सचिन ने समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को हमेशा प्राथमिकता दी है।

सचिन शर्मा का पत्रकारिता करियर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से शुरू हुआ, जहां उन्होंने जी राजस्थान में लगभग 3 वर्षों तक मेडिकल और एजुकेशन बीट पर रिपोर्टर के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था, शिक्षा नीतियों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन और तथ्यपरक रिपोर्टिंग की। इसके बाद प्रिंट और डिजिटल मीडिया में सक्रिय रहते हुए उन्होंने राजनीति, प्रशासन, सामाजिक सरोकार और जन आंदोलन जैसे विषयों पर भी व्यापक कवरेज किया।

शैक्षणिक रूप से, सचिन शर्मा ने राजस्थान विश्वविद्यालय से बी.कॉम किया है, जिससे उन्हें फाइनेंस और आर्थिक मामलों की मजबूत समझ मिली। इसके बाद उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन कर पत्रकारिता की सैद्धांतिक और व्यावहारिक दक्षता हासिल की। सचिन शर्मा तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग, स्रोतों की विश्वसनीयता और पाठकों के विश्वास को पत्रकारिता की सबसे बड़ी पूंजी मानते हैं।

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