राजस्थान के 10 नगर निगमों में कौन होंगे मेयर, बीजेपी- कांग्रेस में जानें कौन किसके सामने
राजस्थान में नगर निकाय चुनाव परिणाम आने के बाद अब सभी की निगाहें सभापति और मेयर की कुर्सी पर टिकी है। प्रदेश के 10 निगमों को लेकर भी बीजेपी कांग्रेस में नामों की घोषणा को लेकर मंथन का सिलसिला जारी है। फिलहाल दोनों पार्टि…

सौजन्य से:- Navbharat Times
राजस्थान में नगर निकाय चुनाव परिणाम आने के बाद अब सभी की निगाहें सभापति और मेयर की कुर्सी पर टिकी है। प्रदेश के 10 निगमों को लेकर भी बीजेपी कांग्रेस में नामों की घोषणा को लेकर मंथन का सिलसिला जारी है। फिलहाल दोनों पार्टियों ने चुनावी जोड़-तोड़ और प्रत्याशियों की घेराबंदी तेज कर रखी है।
जयपुर: राजस्थान के 10 नगर निगमों के चुनाव परिणाम आने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि किस शहर में किसकी सरकार बनेगी और कौन मेयर (महापौर) की कुर्सी संभालेगा। भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों ने अपने-अपने बोर्ड बनाने और महापौर पद पर कब्जा जमाने के लिए चुनावी जोड़-तोड़ और प्रत्याशियों की घेराबंदी तेज कर दी है। कुछ स्थानों पर पार्टियों की ओर से स्थिति साफ कर दी गई है।
10 में से 4 पर बीजेपी को बढ़त
राजस्थान में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने 10 में से 4 नगर निगमों जयपुर, कोटा, उदयपुर और भीलवाड़ा में स्पष्ट बहुमत या मजबूत बढ़त हासिल की है। लेकिन अभी यह साफ नहीं है कि मेयर की कुर्सी किसे मिलेगी। हालांकि पार्टियों की ओर से कई स्थानों पर महापौर प्रत्याशी नामों की घोषणा कर दी गई है। यहां देखिये बीजेपी- कांग्रेस पार्टी के संभावित नामों की सूची।
चुनाव परिणामों के बाद किंगमेकर बने निर्दलीय प्रत्याशी
बड़ी बात यह भी है कि जोधपुर, अलवर, भरतपुर और अजमेर नगर निगमों में स्पष्ट बहुमत न मिलने के कारण पेंच फंसा हुआ है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के गृह जिले भरतपुर में निर्दलीय पार्षदों ने सर्वाधिक सीटें जीतकर बाजी मारी है। यहां बताया जा रहा है कि बीजेपी की अनुराधा सिंह और निर्दलीय विचित्रा सिंह के बीच दिलचस्प मुकाबला है। इसी तरह अलवर में बीजेपी की सुमनलता अग्रवाल का मुकाबला कांग्रेस की कमलेश शर्मा और निर्दलीय रिंकल गर्ग से है। हालांकि मेयर कुर्सी पर फैसला क्या होगा, ये जोड़-तोड़ और निर्दलीयों का समर्थन ही तय करेगा। पार्टियां अभी जद्दोजेहद में लगी हुई है।
लेखक के बारे मेंखुशेंद्र तिवारीखुशेंद्र तिवारी नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में सीनियर कंटेट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में राजस्थान के लिए कवर करते हैं। इसके अलावा दूसरे राज्यों की राजनीति की खबरें कवर करते हैं। खुशेंद्र तिवारी पत्रकारिता की शुरुआत समाचार पत्र से की। बीते 6 सालों से डिजिटल मीडिया के लिए काम कर रहे हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 15 सालों का अनुभव है। समाचार पत्र में पहले रिपोर्टिंग और बाद में डेस्क पर काम किया। साल 2020 से नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में कार्यरत । राजस्थान की राजनीति, सामाजिक और अपराध की खबरें कवर करता हैं । डेस्क के साथ-साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है । अभी तक राजनीति, क्राइम, करंट अफेयर, शिक्षा और कला जैसे विषयों पर काम किया है। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता और संचार विश्वविद्यालय की है। प्रिंट में काम करने के बाद पिछले छह साल से डिजिटल में नए एक्सपीरियंस के साथ लर्निंग जारी है।
विशेषता: ब्यूरोक्रेसी, पॉलिटिक्ल, आर्ट एंड कल्चर, एजुकेशन और अपराध की खबरों में विशेष दिलचस्पी है। बड़े घटनाक्रमों पर अलग-अलग एंगलों से खबरें लिखना। ओपिनियन लिखना।
पत्रकारिता का अनुभव: पत्रकारिता में कुल 15 सालों का अनुभव है। पत्रकारिता में दिलचस्पी और शुरुआत अखबारों में छोटे- छोटे लेख भेजकर की। इसके बाद इसी क्षेत्र में पोस्ट ग्रेजुएशन कर विधिवत रूप से राजस्थान पत्रिका में फील्ड रिपोर्टिंग की। सबसे पहले आर्ट एंड कल्चर, इसके बाद एजुकेशन की फील्ड में काम किया। \ रिपोर्टिंग के बाद डेस्क के अनुभव को भी समझा।... और पढ़ें
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