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Who is Sunil Kothari: जयपुर में मेयर बने सुनील कोठारी, जानें अपने महापौर के बारे में सबकुछ

Jaipur Nagar nigam: जयपुर नगर निगम चुनाव के नए मेयर BJP सुनील कोठारी बन गए हैं। सुनील कोठारी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पृष्ठभूमि से आते हैं और बीते तीन दशकों से अधिक समय से भाजपा संगठन में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।…

Navbharat Times के अनुसार25 सितंबर 2026 को 10:04 am बजे
Who is Sunil Kothari: जयपुर में मेयर बने सुनील कोठारी, जानें अपने महापौर के बारे में सबकुछ

सौजन्य से:- Navbharat Times

Jaipur Nagar nigam: जयपुर नगर निगम चुनाव के नए मेयर BJP सुनील कोठारी बन गए हैं। सुनील कोठारी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पृष्ठभूमि से आते हैं और बीते तीन दशकों से अधिक समय से भाजपा संगठन में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

जयपुर: गुलाबी नगरी की निकाय राजनीति में आखिरकार नए दौर की शुरुआत हो चुकी है। नव निर्वाचित पार्षदों की वोटिंग और घोषित नतीजों के बाद भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और वार्ड संख्या 112 से पार्षद चुने गए सुनील कोठारी जयपुर नगर निगम के नए महापौर (मेयर) बन गए हैं। नगर निगम के 150 वार्डों में से भाजपा ने 78 वार्डों में दर्ज की गई जीत के मजबूत बहुमत के आधार पर यह जीत हासिल की।

RSS पृष्ठभूमि से आते हैं सुनील कोठारी

सुनील कोठारी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पृष्ठभूमि से आते हैं और बीते तीन दशकों से अधिक समय से भाजपा संगठन में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। वे इससे पूर्व भाजपा जयपुर शहर अध्यक्ष, प्रदेश सचिव तथा प्रदेश उपाध्यक्ष जैसे कई महत्वपूर्ण दायित्व संभाल चुके हैं। वर्तमान में वे पार्टी की प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य हैं।

साल 2020 में जिलाध्यक्ष पद से हटने के बाद वे कुछ समय तक मुख्यधारा की राजनीति में बहुत ज्यादा सक्रिय नहीं दिखे, लेकिन 2023 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने उन्हें प्रदेश स्तरीय चुनाव प्रबंधन और आर्थिक समितियों में शामिल कर मुख्यधारा में वापस लाया।

'म्हारा जयपुर' अभियान से आए थे चर्चा

पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में जब जयपुर शहर और ग्रामीण के दो प्रशासनिक विभाजन का विषय सामने आया था, तब सुनील कोठारी ने 'म्हारा जयपुर, प्यारा जयपुर, हमें चाहिए एक जयपुर' आंदोलन का नेतृत्व किया था। उन्होंने संकल्प लिया था कि जयपुर का एकीकरण होने पर वे सांगानेर के सांगा बाबा मंदिर से आमेर स्थित शिला माता मंदिर तक पदयात्रा निकालेंगे, जिसे उन्होंने फरवरी 2024 में पूरा किया।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उन्हें मेयर पद की कमान मिलने के पीछे तीन प्रमुख वजहें रहीं:

परकोटा क्षेत्र की पकड़: कोठारी का निवास और कार्यक्षेत्र परकोटा (किशनपोल) में है, जहां पार्टी शहरी वोट बैंक को फिर से मजबूत करना चाहती है।

समन्वय और छवि: वे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के करीबी माने जाते हैं और संगठन व सरकार के बीच बेहतर तालमेल की क्षमता रखते हैं।

सामाजिक समीकरण: वैश्य व जैन समाज से आने के साथ-साथ सभी वर्गों में उनकी सर्वमान्य छवि का उन्हें लाभ मिला।

पार्षद चुनाव में 905 वोटों से हासिल की जीत

हाल ही में संपन्न हुए पार्षद चुनाव में भाजपा ने सुनील कोठारी को वार्ड 112 (किशनपोल क्षेत्र) से अपना उम्मीदवार बनाया था। उन्होंने कड़े मुकाबले में कांग्रेस प्रत्याशी आशीष शर्मा को 905 मतों के अंतर से शिकस्त देकर नगर निगम में प्रवेश किया था।

पेशे से ज्वैलर और शहर के सबसे अमीर पार्षदों में शामिल

व्यवसाय से जाने-माने सर्राफा (ज्वैलरी) व्यापारी सुनील कोठारी 'कोठारी गेम्स एंड ज्वैलरी' के संचालक हैं। अपने चुनावी हलफनामे के अनुसार, वे जयपुर नगर निगम के सबसे समृद्ध जनप्रतिनिधियों में गिने जाते हैं। उनके तथा उनके परिवार के पास जयपुर और मुंबई में चल-अचल संपत्तियां और वित्तीय निवेश हैं।

क्या होंगी प्राथमिक चुनौतियां?

जयपुर के एकीकरण के बाद बने एकल नगर निगम में सुनील कोठारी के सामने शहर की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करना, परकोटे में यातायात नियंत्रण, मानसून के बाद सड़कों की मरम्मत और प्रशासनिक स्तर पर जनसुनवाई को पारदर्शी बनाना मुख्य प्राथमिकताएं होंगी।

लेखक के बारे मेंखुशेंद्र तिवारीखुशेंद्र तिवारी नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में सीनियर कंटेट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में राजस्थान के लिए कवर करते हैं। इसके अलावा दूसरे राज्यों की राजनीति की खबरें कवर करते हैं। खुशेंद्र तिवारी पत्रकारिता की शुरुआत समाचार पत्र से की। बीते 6 सालों से डिजिटल मीडिया के लिए काम कर रहे हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 15 सालों का अनुभव है। समाचार पत्र में पहले रिपोर्टिंग और बाद में डेस्क पर काम किया। साल 2020 से नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में कार्यरत । राजस्थान की राजनीति, सामाजिक और अपराध की खबरें कवर करता हैं । डेस्क के साथ-साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है । अभी तक राजनीति, क्राइम, करंट अफेयर, शिक्षा और कला जैसे विषयों पर काम किया है। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता और संचार विश्वविद्यालय की है। प्रिंट में काम करने के बाद पिछले छह साल से डिजिटल में नए एक्सपीरियंस के साथ लर्निंग जारी है।

विशेषता: ब्यूरोक्रेसी, पॉलिटिक्ल, आर्ट एंड कल्चर, एजुकेशन और अपराध की खबरों में विशेष दिलचस्पी है। बड़े घटनाक्रमों पर अलग-अलग एंगलों से खबरें लिखना। ओपिनियन लिखना।

पत्रकारिता का अनुभव: पत्रकारिता में कुल 15 सालों का अनुभव है। पत्रकारिता में दिलचस्पी और शुरुआत अखबारों में छोटे- छोटे लेख भेजकर की। इसके बाद इसी क्षेत्र में पोस्ट ग्रेजुएशन कर विधिवत रूप से राजस्थान पत्रिका में फील्ड रिपोर्टिंग की। सबसे पहले आर्ट एंड कल्चर, इसके बाद एजुकेशन की फील्ड में काम किया। \ रिपोर्टिंग के बाद डेस्क के अनुभव को भी समझा।... और पढ़ें

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