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कोटा में कांग्रेस को बड़ा झटका, क्रॉस वोटिंग से BJP की अनुसुईया गोस्वामी बनीं मेयर, जयपुर में बवाल

कोटा में कांग्रेस को बड़ा झटका, क्रॉस वोटिंग से BJP की अनुसुईया गोस्वामी बनीं मेयर, जयपुर में बवाल मेयर बनने के बाद अनुसुईया गोस्वामी पदभार ग्रहण करने पहुंचीं। इस दौरान वह भावुक नजर आईं। पदभार संभालने से पहले उन्होंने मे…

Hindustan के अनुसार25 सितंबर 2026 को 09:04 am बजे
कोटा में कांग्रेस को बड़ा झटका, क्रॉस वोटिंग से BJP की अनुसुईया गोस्वामी बनीं मेयर, जयपुर में बवाल

सौजन्य से:- Hindustan

कोटा में कांग्रेस को बड़ा झटका, क्रॉस वोटिंग से BJP की अनुसुईया गोस्वामी बनीं मेयर, जयपुर में बवाल

मेयर बनने के बाद अनुसुईया गोस्वामी पदभार ग्रहण करने पहुंचीं। इस दौरान वह भावुक नजर आईं। पदभार संभालने से पहले उन्होंने मेयर की टेबल को प्रणाम किया। वहीं, पदभार ग्रहण करने पहुंच रही नई मेयर के लिए पुरानी कुर्सी हटाकर नई कुर्सी लगाई गई।

राजस्थान के नगर निकायों में मेयर और अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर शुक्रवार को सियासी हलचल देखने को मिली। जयपुर नगर निगम में मेयर चुनाव के दौरान कांग्रेस नेताओं और पार्षदों ने हंगामा किया। वहीं कोटा नगर निगम में कांग्रेस पार्षदों की क्रॉस वोटिंग के बाद भाजपा की अनुसुईया गोस्वामी मेयर चुनी गईं। उन्हें 65 वोट मिले, जबकि कांग्रेस की सुनीता सुमन को 35 वोट मिले।

कोटा में कांग्रेस को बड़ा झटका

कोटा नगर निगम में मेयर चुनाव में भाजपा की अनुसुईया गोस्वामी ने कांग्रेस प्रत्याशी सुनीता सुमन को हराया। अनुसुईया को कुल 65 वोट मिले, जबकि सुनीता सुमन के पक्ष में 35 वोट पड़े। चुनाव परिणाम के बाद कांग्रेस के लिए यह बड़ा झटका माना जा रहा है। यहां कांग्रेस के कुछ पार्षदों की ओर से क्रॉस वोटिंग किए जाने की बात सामने आई है।

मेयर बनने के बाद अनुसुईया गोस्वामी पदभार ग्रहण करने पहुंचीं। इस दौरान वह भावुक नजर आईं। पदभार संभालने से पहले उन्होंने मेयर की टेबल को प्रणाम किया। वहीं, पदभार ग्रहण करने पहुंच रही नई मेयर के लिए पुरानी कुर्सी हटाकर नई कुर्सी लगाई गई।

जयपुर में कांग्रेस नेताओं का हंगामा

जयपुर नगर निगम में मेयर चुनाव के दौरान कांग्रेस नेताओं और पार्षदों ने हंगामा किया। कांग्रेस विधायक रफीक खान को निगम परिसर के अंदर जाने से रोक दिया गया। इसके बाद वह निगम के बाहर धरने पर बैठ गए।

रफीक खान ने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर उन्हें किस हैसियत से अंदर जाने से रोका गया। उन्होंने कहा कि निगम परिसर में कौन-कौन लोग गए, इसकी रिकॉर्डिंग निकाली जानी चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जिन लोगों के पास अंदर जाने का वैधानिक अधिकार या प्रोटोकॉल नहीं था, वे अंदर कैसे पहुंचे।

अमीन कागजी ने भी उठाए सवाल

कांग्रेस विधायक अमीन कागजी ने भी निगम परिसर में लोगों के प्रवेश को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सुबह करीब 9:45 बजे से भाजपा के लोग बूथ के अंदर जा रहे थे और फिर बाहर आ रहे थे। कागजी ने सवाल किया कि जिन लोगों के पास वैधानिक अधिकार नहीं है, उन्हें अंदर जाने की अनुमति कैसे मिली।

कांग्रेस पार्षद बोले- वोट देने से रोका

जयपुर नगर निगम में कांग्रेस पार्षद मुकेश छापोला ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्षदों को वोट देने के लिए अंदर जाने से रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि नगर निगम के मुख्य गेट पर पार्षदों को रोक दिया गया। इसी दौरान उनकी पुलिस से बहस भी हुई।

छापोला का आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान कांग्रेस पार्षदों को मतदान से रोकने की कोशिश की गई। हालांकि, इन आरोपों को लेकर प्रशासन और भाजपा की ओर से पक्ष सामने आना बाकी है।

सुकेत में भाजपा, श्रीविजयनगर में कांग्रेस जीती

नगर निकाय चुनाव में सुकेत नगर पालिका से भाजपा के जितेंद्र चोपड़ा पालिकाध्यक्ष चुने गए। वहीं श्रीविजयनगर नगर पालिका में कांग्रेस के सुशील मिढ़ा ने जीत दर्ज की।

खाटूश्यामजी में मतगणना हाईकोर्ट के आदेश से अटकी

सीकर जिले की खाटूश्यामजी नगर पालिका अध्यक्ष के चुनाव का मामला भी अभी अटका हुआ है। यहां 21 सितंबर को अध्यक्ष पद के लिए 20 में से 19 पार्षदों ने मतदान किया था। कांग्रेस की एक पार्षद के 'लापता' होने के कारण वह मतदान नहीं कर पाई थीं।

कांग्रेस अध्यक्ष पद की प्रत्याशी विनीता की याचिका पर हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि 21 सितंबर को डाले गए 19 वोटों की ही गिनती की जाए। शुक्रवार को मतगणना प्रस्तावित थी, लेकिन रिटर्निंग ऑफिसर को हाईकोर्ट के आदेश की सत्यापित कॉपी नहीं मिल सकी। इसके चलते अगले आदेश तक मतगणना स्थगित कर दी गई है।

303 निकायों में हो चुका है चुनाव

इससे पहले 21 सितंबर को राजस्थान के 7 नगर निगम सहित 303 नगरीय निकायों में मेयर, चेयरमैन और अध्यक्ष पद के चुनाव हो चुके हैं। अब अलग-अलग निकायों में परिणाम और उसके बाद पदभार ग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। इन चुनावों में कई जगह सीधे मुकाबले देखने को मिले, जबकि कुछ निकायों में क्रॉस वोटिंग और विवाद के कारण परिणाम सुर्खियों में रहे।

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