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राजस्थान में चांदीपुरा वायरस का संक्रमण: बच्चों में बढ़ता खतरा, इलाज के बिना नहीं बचा

राजस्थान में चांदीपुरा वायरस से दो बच्चियों की मौत हो गई है, जबकि एक अन्य बच्चा गंभीर हालत में है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस वायरस के लिए अभी तक कोई वैक्सीन या दवा नहीं बनी है, जिसके कारण मरीजों का इलाज शरीर में संक्रमण नहीं फैलने वाली दवाओं से किया जाता है।

Jagran के अनुसार25 जुलाई 2026 को 10:10 am बजे
राजस्थान में चांदीपुरा वायरस का संक्रमण: बच्चों में बढ़ता खतरा, इलाज के बिना नहीं बचा

सौजन्य से:- Jagran

राजस्थान में चांदीपुरा वायरस से दो बच्चों की मौत, एक बीमार

राजस्थान में चांदीपुरा वायरस तेजी से फैल रहा है। इस वायरस से संक्रमित दो बच्चियों की मौत हो गई है। मृतकों में एक छह वर्षीय और दूसरी दो वर्षीय बच्ची शा ...और पढ़ें

HighLights

- देश में नहीं बनी है इस वायरस की वैक्सीन

- 15 वर्ष तक के बच्चों में अधिक फैलता यह वायरस

जागरण संवाददाता, जयपुर। राजस्थान में चांदीपुरा वायरस तेजी से फैल रहा है। इस वायरस से संक्रमित दो बच्चियों की मौत हो गई है। मृतकों में एक छह वर्षीय और दूसरी दो वर्षीय बच्ची शामिल है। छह वर्षीय बच्ची डूगरपुर जिले की निवासी थी।

12 जुलाई को स्वास्थ्य बिगड़ने पर बच्ची को पहले सीमलाड़ा औार फिर मोड़ासा कस्बे के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। ठीक नहीं होने पर उसे गुजरात के बनासकांठा स्थित एक अस्पताल में भर्ती करवाया गया था, जहां बच्ची की मौत हो गई।

दूसरी बच्ची सिरोही जिले की रहने वाली थी। गंभीर हालत में उसे 13 जुलाई को बनासकांठा मेडिकल एवं रिसर्च इंस्टीट्यृट में भर्ती करवाया गया, उपचार के दौरान 19 जुलाई को उसकी भी मौत हो गई।

स्वास्थ्य विभाग ने दोनों बच्चियों के रक्त नमूनों की जांच गुजरात बायोटेक्नोलॉजी रिसर्च सेंटर में भेजी, जिसमें दोनों बच्चियों के चांदीपुर वायरस से पीड़ित होने की पुष्टि हुई।

राज्य में अब तक तीन बच्चों के चांदीपुरा वायरस से पीड़ित होने की पुष्टि हुई है, जिनमें से दो की मौत हो गई। एक बच्चे का उपचार जारी है।

उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने पिछले दिनों एक सलाह जारी कर राज्य के सात जिलों (जयपुर, उदयपुर, कोटा, सिरोही, बाड़मेर, बीकानेर और डूंगरपुर) में चांदीपुरा वायरस को हाईरिस्क में माना है।

देश में इस वायरस की कोई वैक्सीन अथवा दवा नहीं बनी है। ऐसे में शरीर में संक्रमण नहीं फैलने वाली दवाओं से ही मरीजों का उपचार किया जाता है। यह संक्रमण 15 वर्ष तक के बच्चों में अधिक फैलता है।

राज्य में चिकित्सा विभाग की प्रमुख सचिव गायत्री राठौड़ ने कहा कि मच्छरजनित बीमारियों के मामलों की लगातार निगरानी की जा रही है। राज्य में अब तक डेंगू के 370, मलेरिया के 261 और चिकनगुनिया के 66 मामले सामने आए हैं।

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