राजस्थान में मानसून के लिए राहत भरी खबर: 21 जुलाई से दोबारा आ सकता है मानसून
राजस्थान में मानसून की गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है, जिससे 21 जुलाई से पूर्वी राजस्थान के कोटा, भरतपुर और जयपुर में मेघगर्जन के साथ मानसूनी बारिश हो सकती है।

सौजन्य से:- Navbharat Times
Rajasthan Weather Update: राजस्थान में मानसून ट्रफ लाइन हिमालय की ओर खिसकने से अगले 3-4 दिन बारिश थमी रहेगी। जयपुर में 11 दिन से सूखा है और चूरू 40.6 डिग्री के साथ सबसे गर्म रहा। हालांकि, बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम से 21 जुलाई से जयपुर, कोटा और भरतपुर में राहत मिलेगी।
जयपुर: राजस्थान में झमाझम बारिश का इंतजार कर रहे लोगों के लिए मौसम का मिजाज फिलहाल इम्तिहान लेने वाला है। मानसून की 'ट्रफ लाइन' अपने सामान्य रास्ते से भटककर उत्तर में हिमालय की पहाड़ियों की तरफ शिफ्ट हो गई है। जम्मू, बरेली और डाल्टेनगंज से होकर गुजर रही इस ट्रफ लाइन के कारण मरुधरा में मानसून की रफ्तार सुस्त पड़ गई है। हालांकि, पूर्वी भारत में ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तट पर एक 'वेल मार्क लो प्रेशर एरिया' यानी मजबूत कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय है, जो आने वाले दिनों में राजस्थान के लिए राहत की नई उम्मीद लेकर आएगा।
पारा 40 के पार, चूरू सबसे गर्म तो गंगानगर को राहत
मानसून पर लगे इस ब्रेक के चलते प्रदेश के कई जिलों में उमस और तपिश ने दोबारा पैर पसार लिए हैं। बीते दिन मरुप्रदेश का चूरू जिला सबसे ज्यादा तपा, जहां अधिकतम तापमान 40.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। बीकानेर में भी सूरज के तीखे तेवरों के कारण पारा 40 डिग्री के पार पहुंच गया। राहत की बात केवल श्रीगंगानगर से आई, जो पिछले कई दिनों से भयंकर गर्मी में टॉप पर चल रहा था। वहां हुई 17 एमएम की झमाझम बारिश ने मौसम का मिजाज बदला और पारा 40 डिग्री के नीचे आ गया।
जयपुर में 11 दिन से सूखा, बारिश का इंतजार
राजधानी जयपुर में बादलों की बेरुखी सबसे ज्यादा अखर रही है। शहर में पिछले 11 दिनों से एक मिलीमीटर भी पानी नहीं बरसा है, जिससे बारिश का ग्राफ औसत से काफी नीचे लुढ़क गया है। जयपुर में जून और जुलाई के महीनों में अब तक कुल 135 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जिसमें जून में 80 मिमी और जुलाई में महज 55 मिमी पानी शामिल है। जबकि अकेले जुलाई महीने में जयपुर की औसत बारिश 180 मिमी मानी जाती है।
21 जुलाई से पलटेगा पासा, दोबारा एक्टिव होगा मानसून
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के मुताबिक, कमजोर मानसून की यह स्थिति अगले 3 से 4 दिनों तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में यूं ही बनी रहेगी। लेकिन इसके बाद मौसम का एक नया एंगल देखने को मिलेगा। पूर्वी भारत के लो प्रेशर एरिया के असर से 21 जुलाई से पूर्वी राजस्थान के कोटा, भरतपुर और जयपुर संभाग में मेघगर्जन के साथ मानसूनी बारिश की गतिविधियों में तेजी आएगी।
22 और 23 जुलाई को झमाझम बारिश
इसके तुरंत बाद, 22 और 23 जुलाई से राज्य के पश्चिमी और मध्य भागों में भी झमाझम बारिश का दौर शुरू होने की प्रबल संभावना है। राहत का यह सिलसिला यहीं नहीं थमेगा; जुलाई के आखिरी हफ्ते में पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभाग के सूखे पड़े इलाकों में भी मानसून अपनी पूरी ताकत के साथ वापसी करेगा, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से परमानेंट निजात मिल सकेगी।
प्रदेश के प्रमुख जिलों का न्यूनतम और अधिकतम संभावित तापमान
लेखक के बारे मेंपुलकित सक्सेनापुलकित सक्सेना नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में डिजिटल कंटेट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। वह साल 2022 नवंबर महीने से नवभारत टाइम्स की डिजिटल विंग से जुड़े। वर्तमान में राजस्थान के लिए काम करते हैं। 2019 में पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली के नेशनल टीवी चैनल में इनपुट डेस्क से की। बीते 7 सालों में टेलीविजन से लेकर सोशल मीडिया और अब डिजिटल मीडिया में काम कर रहे हैं। वर्तमान में नवभारत टाइम्स में डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर की भूमिका में कार्यरत हैं।
राजस्थान की राजनीति, क्राइम, करंट अफेयर्स और ऑफ बीट खबरों पर नजर रखना पुलकित सक्सेना की पहली प्राथमिकता रहती है।
विशेषज्ञता- राजनीति, क्राइम, एनलिसिस, सियासी उठा पटक को कवर करना।
पत्रकारिता अनुभव: 7 साल से कार्यरत
पुलकित सक्सेना ने साल 2017 में जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन पूरी की। साल 2019 में देश की प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी से दिल्ली में प्रथम श्रेणी से पोस्ट ग्रेजुएशन पत्रकारिता में किया। इसके बाद साल 2019 में दिल्ली से टीवी 100 न्यूज चैनल से पत्रकारिता की शुरुआत की। इसके बाद राजस्थान के यूट्यूब न्यूज चैनल में एंकरिंग, पैकेज क्रिएशन और सोशल मीडिया हैंडल के लिए सक्रियता से काम किया। साल 2022 के नवंबर महीने में वह नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में जुड़े। वर्तमान में बीते तीन साल से वह नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में डिजिटल कंटेट प्रोड्यूसर की भूमिका निभा रहे हैं।... और पढ़ें
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