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Rajasthan Politics: चुनाव आयोग में मतभेद और SIR विवाद पर सीएम भजनलाल का कांग्रेस का हमला, आरोपों का मांगा सबूत

जयपुर: विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चुनाव आयोग में कथित मतभेद के दावों पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। रविवार को जयपुर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत…

navbharattimes.indiatimes.com के अनुसार27 सितंबर 2026 को 11:04 am बजे
Rajasthan Politics: चुनाव आयोग में मतभेद और SIR विवाद पर सीएम भजनलाल का कांग्रेस का हमला, आरोपों का मांगा सबूत

सौजन्य से:- navbharattimes.indiatimes.com

जयपुर: विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चुनाव आयोग में कथित मतभेद के दावों पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। रविवार को जयपुर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस झूठे तथ्यों के आधार पर संवैधानिक संस्था चुनाव आयोग की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कांग्रेस से अपने आरोपों के प्रमाण और दस्तावेज सार्वजनिक करने को कहा।

झूठ का माहौल बना रही कांग्रेस - भजनलाल शर्मा

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि विपक्ष बार-बार संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने की बात करता है। SIR को लेकर भी कांग्रेस की ओर से झूठा माहौल बनाया गया, जबकि चुनाव आयोग ने अपने हालिया स्पष्टीकरण में स्पष्ट किया है कि SIR से जुड़े प्रमुख फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मति से लिए गए थे। आयोग ने यह भी कहा है कि 24 जून 2025 को जारी SIR आदेश को सुप्रीम कोर्ट ने 27 मई 2026 के फैसले में वैध ठहराया था।पहले अखबार की खबर की पुष्टि करें

भजनलाल शर्मा ने कहा कि एक अखबार की रिपोर्ट को आधार बनाकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए। उन्होंने कहा कि किसी संवैधानिक संस्था पर आरोप लगाने से पहले तथ्यों की पुष्टि जरूरी है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, कांग्रेस को यह बताना चाहिए कि चुनाव आयोग में मतभेद और SIR को लेकर लगाए जा रहे आरोपों का ठोस आधार और प्रमाण क्या है।हार पचा नहीं पा रही कांग्रेस

मुख्यमंत्री ने कैबिनेट सेक्रेटरी को भेजे गए पत्रों का भी जिक्र किया। चुनाव आयोग ने 26 सितंबर को स्पष्ट किया कि ये पत्र आयोग की किसी नीति या IT डिवीजन से जुड़े नहीं थे, बल्कि आयोग में प्रतिनियुक्ति पर तैनात एक अधिकारी के कामकाज से संबंधित थे। आयोग ने यह भी कहा कि संबंधित अधिकारी के कार्य-वितरण संबंधी आदेश वास्तव में लागू नहीं किए गए थे।मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर चुनावी हार को छिपाने के लिए संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को जनता के बीच जाकर काम करना चाहिए और संस्थाओं को बदनाम करने की राजनीति से बचना चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी द्वारा विदेश में चुनाव आयोग और अन्य संस्थाओं को लेकर उठाए गए सवालों का भी जिक्र किया।

आयोग स्पष्ट कर चुका वास्तुस्थिति

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव आयोग के खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों का तथ्यात्मक आधार सामने रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि SIR को लेकर आयोग ने स्थिति स्पष्ट कर दी है और अब कांग्रेस को अपने आरोपों के प्रमाण देने चाहिए। गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने हालिया बयान में कहा है कि 2025 में जारी मूल SIR आदेश और बाद में विभिन्न राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के लिए जारी कार्यक्रमों को आयोग की सर्वसम्मति से मंजूरी मिली थी। सुप्रीम कोर्ट ने भी 27 मई 2026 को बिहार में SIR की वैधता को बरकरार रखा था।

आरोप लगाने से पहले दस्तावेज जांच लें

मुख्यमंत्री ने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने से पहले तथ्यों और दस्तावेजों की जांच होनी चाहिए। उन्होंने कांग्रेस पर झूठ, भ्रम और सनसनी फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि राजनीति तथ्यों और जनता के बीच काम के आधार पर होनी चाहिए।

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