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मयाड़ घाटी में ग्रामीणों का आंदोलन: सुविधाओं की कमी और सरकारी अनदेखी

मयाड़ घाटी में ग्रामीणों ने विरोध रैली और आमरण अनशन का आयोजन किया है, जिसमें उन्होंने सड़क, दूरसंचार, और स्वास्थ्य सेवाओं की कमी को लेकर सरकार की आलोचना की है।

Amar Ujala के अनुसार17 जुलाई 2026 को 04:22 am बजे
मयाड़ घाटी में ग्रामीणों का आंदोलन: सुविधाओं की कमी और सरकारी अनदेखी

सौजन्य से:- Amar Ujala

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Kullu News: उदयपुर में ग्रामीणों ने निकाली विरोध रैली

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उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। मयाड़ घाटी की समस्याओं को लेकर अब जनता ने सख्त रवैया अपनाना शुरू कर दिया है। वीरवार को जनता का गुस्सा उदयपुर में सड़कों पर उतरा। ग्रामीणों ने उपमंडलाधिकारी कार्यालय तक विरोध रैली निकाली और लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता के कार्यालय पहुंचकर उनका घेराव किया। विरोध रैली और प्रदर्शन करने के बाद ग्रामीणों ने उपमंडल मुख्यालय में आमरण अनशन शुरू कर दिया है।

प्रदर्शनकारियों ने बताया कि मयाड़ घाटी में दूरसंचार, सड़क और अन्य मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं। जो कार्य चल रहे हैं उनकी गुणवत्ता सही नहीं है। प्रदर्शनकारी प्रीतम ठाकुर ने बताया कि मयाड़ घाटी में एक पुल ऐसा बनाया जा रहा है जिसके लिए नींव भी ठीक से नहीं रखी गई है। आरोप लगाया है कि विभाग कुछ चहेते ठेकेदारों को नियमों को ताक पर रखकर फायदा पहुंचा रहा है।

समाजसेवी कर्ण देव बौद्ध ने बताया कि विभाग को पहले ही अपनी मांगों को लेकर अल्टीमेटम दिया था। वीरवार से आमरण अनशन शुरू कर दिया है। तिंगरेट पंचायत की प्रधान अनीता ने कहा कि मयाड़ घाटी की दो पंचायतों तिंगरेट और करपट के दर्जनों गांवों के लोग सड़क, दूरसंचार, स्वास्थ्य सेवाएं ठीक न होने से परेशान हैं। कई बार सरकार और प्रशासन से व्यवस्था सुधारने की मांग कर चुके हैं लेकिन कोई असर नहीं हो रहा है। ऐसे में मजबूरन सड़क पर उतरना पड़ रहा है। पूर्व जिला परिषद सदस्य अमर नाथ का कहना है कि सरकार घाटी की ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है। आमरण अनशन पर बैठे करण देव बौद्ध ने कहा कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होता तब तक वह आमरण अनशन पर बैठे रहेंगे। संवाद

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प्रदर्शनकारियों ने बताया कि मयाड़ घाटी में दूरसंचार, सड़क और अन्य मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं। जो कार्य चल रहे हैं उनकी गुणवत्ता सही नहीं है। प्रदर्शनकारी प्रीतम ठाकुर ने बताया कि मयाड़ घाटी में एक पुल ऐसा बनाया जा रहा है जिसके लिए नींव भी ठीक से नहीं रखी गई है। आरोप लगाया है कि विभाग कुछ चहेते ठेकेदारों को नियमों को ताक पर रखकर फायदा पहुंचा रहा है।

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समाजसेवी कर्ण देव बौद्ध ने बताया कि विभाग को पहले ही अपनी मांगों को लेकर अल्टीमेटम दिया था। वीरवार से आमरण अनशन शुरू कर दिया है। तिंगरेट पंचायत की प्रधान अनीता ने कहा कि मयाड़ घाटी की दो पंचायतों तिंगरेट और करपट के दर्जनों गांवों के लोग सड़क, दूरसंचार, स्वास्थ्य सेवाएं ठीक न होने से परेशान हैं। कई बार सरकार और प्रशासन से व्यवस्था सुधारने की मांग कर चुके हैं लेकिन कोई असर नहीं हो रहा है। ऐसे में मजबूरन सड़क पर उतरना पड़ रहा है। पूर्व जिला परिषद सदस्य अमर नाथ का कहना है कि सरकार घाटी की ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है। आमरण अनशन पर बैठे करण देव बौद्ध ने कहा कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होता तब तक वह आमरण अनशन पर बैठे रहेंगे। संवाद

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