राजस्थान सरकार ने प्रसव सुविधाओं को मजबूत करने के लिए विशेष पहलें की
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने विशेषज्ञ मेंटरिंग, एनीमिया प्रबंधन और एंटी-शॉक गारमेंट जैसी पहलें लागू करने की घोषणा की है, ताकि प्रसव सुविधाओं को मजबूत किया जा सके। प्रमुख शासन सचिव ने कहा कि सभी डिलेवरी पॉइंट्स पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की मेंटरिंग की जाएगी, जिससे प्रसव के दौरान सुरक्षित और सम्यक सेवाएं प्रदान की जा सकें।

सौजन्य से:- ETV Bharat
प्रसव सुविधाओं को मजबूत करेगी राजस्थान सरकार, मेडिकल कॉलेज विशेषज्ञ करेंगे मेंटरिंग
सरकार ने प्रसव सुविधाओं को मजबूत करने के लिए विशेषज्ञ मेंटरिंग, एनीमिया प्रबंधन और एंटी-शॉक गारमेंट जैसी पहलों को लागू करने के निर्देश दिए.
Published : July 24, 2026 at 10:26 PM IST
जयपुर: प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य गायत्री राठौड़ ने कहा कि प्रदेशभर के सभी डिलेवरी पॉइन्ट जहां प्रसव होते हैं, उनके स्त्रीरोग विशेषज्ञों की संबंधित जिले के मेडिकल कॉलेजों के विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा मेंटरिंग की जाएगी. इसके लिए उन्होंने आगामी 5 दिवस में एक-एक घंटे के स्लॉट बनाकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से स्टैंडर्ड ऑपरेशन प्रोसिजर्स सहित विभिन्न मुख्य बिंदुओं पर आवश्यक जानकारी प्रदान करने के निर्देश दिए.
राठौड़ ने शुक्रवार को स्वास्थ्य भवन में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेशभर के मेडिकल कॉलेजों के अधीक्षकों, प्रमुख चिकित्सा अधिकारियों, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों से गत 24 घंटे में हुए सामान्य तथा सिजेरियन प्रसवों की स्थिति की विस्तार से समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए. उन्होंने कहा कि गंभीर एनीमिया वाली गर्भवती महिलाओं को आवश्यक ब्लड ट्रांसफ्यूजन, एसीएफ इंजेक्शन या आयरन शुक्रोज के माध्यम से मॉडरेट और माइल्ड एनीमिया में बदलाव के लिए की जाने वाली कार्यवाही की सघन मॉनिटरिंग की जाए.
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साथ ही उन्होंने इस सप्ताह के अंत तक सभी अस्पतालों में प्रसव सखी का काउंटर बनाने, प्रसव सखी की नियुक्ति सहित सम्पूर्ण कार्यवाही पूर्ण करने के निर्देश दिए. प्रमुख शासन सचिव ने कहा कि निदेशालय स्तर पर कैंसर सैल का गठन किया जाएगा. उन्होंने प्रदेशभर में कैंसर स्क्रीनिंग के लिए संचालित की जा रही स्क्रीनिंग वैन के पूर्ण सदुपयोग किए जाने के निर्देश दिए.
एंटी शॉक NASG गारमेंट का उपयोग: एसएनएमसी मेडिकल कॉलेज जोधपुर के डॉ. बी.एस. जोधा ने प्रसव के दौरान पीपीएच प्रबंधन के लिए उपयोग में लिए जा रहे एंटी शॉक NASG गारमेंट पर विस्तार से प्रजेंटेशन दिया. प्रमुख शासन सचिव ने सीएसआर के माध्यम से सभी आपातकालीन एंबुलेंस 108 में एंटी शॉक NASG गारमेंट उपलब्ध कराने और उनके उपयोग के निर्देश दिए. साथ ही उन्होंने इसके उपयोग के लिए पैरामेडिकल स्टॉफ के प्रशिक्षण आयोजन के भी निर्देश दिए.
चार्जशीट जारी: वहीं, अतिरिक्त मिशन निदेशक एनएचएम डॉ. टी. शुभमंगला ने दौसा एवं सीकर जिले में एमसीएचएन एवं जिला अस्पताल के निरीक्षण का फीडबैक दिया. प्रमुख शासन सचिव ने फीडबैक में निरीक्षण के दौरान प्रसूति कक्ष एवं ऑपरेशन थियेटर में निर्धारित एसओपी की पालना नहीं पाए जाने पर दौसा के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी को चार्जशीट जारी करने के निर्देश दिए. साथ ही एक नर्सिंग स्टॉफ के खिलाफ भी कार्रवाई करने के निर्देश दिए.
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